यह पोस्ट को देखर उस दौर की राजनीति याद आ जाती है जब इंदिरा गांधी ने बहुत दबाव के बीच फैसले लिए। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय राजनीति में भारत की आवाज मजबूत की और कई बार अमेरिका जैसे ताकतवर देशों के सामने भी झुकने से इनकार किया। सोवियत संघ और वामपंथी ताकतों के साथ तालमेल बनाकर उन्होंने अपनी रणनीति तैयार की। मुझे लगता है उस समय उन्होंने आत्मविश्वास के साथ देशहित को सबसे ऊपर रखा।
यह पोस्ट को देखर उस दौर की राजनीति याद आ जाती है जब इंदिरा गांधी ने बहुत दबाव के बीच फैसले लिए। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय राजनीति में भारत की आवाज मजबूत की और कई बार अमेरिका जैसे ताकतवर देशों के सामने भी झुकने से इनकार किया। सोवियत संघ और वामपंथी ताकतों के साथ तालमेल बनाकर उन्होंने अपनी रणनीति तैयार की। मुझे लगता है उस समय उन्होंने आत्मविश्वास के साथ देशहित को सबसे ऊपर रखा।
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