सोमवार, 3 सितंबर 2012

लम्पट ब्लॉगर

तस्लीम परिकल्पना ब्लॉग सम्मान समारोह में एक वक्ता ने कहा था कि कुछ ब्लॉगर लम्पट होते हैं। उस वक्ता ने सही कहा था ब्लॉग जगत अमृत भी है विष भी है। कुंठाग्रस्थ लोग या लम्पट तत्व अपनी हरकतों से बाज नहीं आ सकते हैं। अन्तर्रष्ट्रीय ब्लॉगर सम्मलेन में लोकसंघर्ष पत्रिका तथा प्रगतिशील ब्लॉग लेखक संघ का सहयोग था। कार्यक्रम आयोजक श्री रविन्द्र प्रभात व श्री जाकिर अली रजनीश ने आयोजन के सम्बन्ध में जो भी कार्य लोकसंघर्ष पत्रिका को बताये उनको पूरा करा दिया गया। सम्मलेन में उत्तर प्रदेश के साहित्य जगत के चर्चित रचनाकार डॉ सुभाष राय , शैलेन्द्र सागर, उद्भ्रांत, रंगकर्मी राकेश, आलोचक वीरेन्द्र  यादव,   मुद्राराक्षस, कथाकार शिवमूर्ती जैसी विभूतियाँ शामिल हुईं। ब्लॉग जगत के पाबला साहब, रवि रतलामी, डॉ अरविन्द मिश्र, शिवम् मिश्र, दिनेश गुप्त रविकर, अविनाश वाचस्पति, शिखा वार्ष्णेय, आकर्षक व्यक्तित्व के स्वामी मास्टर हरीश अरोड़ा , संतोष , पवन चन्दन, रूप चन्द्र शास्त्री 'मयंक', पूर्णिमा वर्मा, विजय माथुर, यशवंत माथुर, धीरेन्द्र भदौरिया, अलका सैनी, अलका सरवत मिश्र, कुंवर बेचैन, मनोज पाण्डेय सहित सैकड़ों चिट्ठाकार शामिल हुए। सभी चिट्ठकारों क नाम अगर लिखूंगा तो बात अधूरी रह जाएगी। 
                  मुख्य बात यह है की कार्यक्रम में चिट्ठाकारों से जो स्नेह प्राप्त हुआ है वह अद्वित्यीय है। पाबला  साहब को देख कर और उनकी बात सुनकर मेरा पूरा परिवार बहुत खुश हुआ। हमारे जनपद से काफी लोग अंतर्राष्ट्रीय ब्लॉगर सम्मेलन  में गए थे जिन्होंने कार्यक्रम से लौटने के बाद चिट्ठाकारों की भूरि - भूरि प्रसंशा की थी लेकिन वह चिट्ठाकार नहीं थे अगर वह चिट्ठाकार होते तो कार्यक्रम क बाद कुछ लोगों की लम्पटई व चिरकुटई देख कर वह मन में क्या सोचते। ये हरकतें उसी तरह की हरकत है की एक शराबी ने बढ़िया खाना  खाया, बढ़िया शराब पी और जब नशा चढ़ा तो वह उलटी करने लगा और नशे में ही वह उलटी को पुन: खाने भी लगा और जब उसको लोगों ने रोकने की कोशिश की खाने से ज्यादा मजा उलटी खाने में है। इसलिए सभी साथियों से विनम्र प्रार्थना है की कार्यक्रम हो गया, सफल रहा तो ठीक असफल रहा तो ठीक लेकिन ऐसी हरकत न करें की ब्लॉगजगत के बाहर क लोगों को गलत धारणा बनानी पड़े। कार्यक्रम की सफलता काजल कुमार का यह कार्टून है जिसके लिए वह बधाई के पात्र हैं। 

हमारे लिए हर ब्लॉगर सम्मानीय है, साहित्यकार है, रचनाधर्मी है, सृजनकर्ता  है सभी सृजनकर्ताओं को मेरा सलाम।

13 टिप्‍पणियां:

  1. तथ्यात्मक रिपोर्ट उत्तम है। हम लोगों के नाम शामिल करने हेतु हार्दिक धन्यवाद।

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  2. बीती बात बिसार के आगे की सुधि लेय,,,,
    मुझे याद रखने के लिये आभार,,,,,

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  3. यह शराबी वाला उद्धरण तथ्यपरक है, अच्छी पोस्ट है ।

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  4. सुमन जी सार्थक पोस्ट लायें हैं आप .सही समीक्षा .

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  5. इस टिप्पणी को लेखक द्वारा हटा दिया गया है.

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  6. मोहब्बत यह मोहब्बत - ब्लॉग बुलेटिन ब्लॉग जगत मे क्या चल रहा है उस को ब्लॉग जगत की पोस्टों के माध्यम से ही आप तक हम पहुँचते है ... आज आपकी यह पोस्ट भी इस प्रयास मे हमारा साथ दे रही है ... आपको सादर आभार !

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  7. सच कहा है ... आज आलोचना सिर्फ आलोचना के लिए हो रही है जो गलत है ...

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  8. अच्छी पोस्ट । इसी बहाने हमें भी इस सम्मेलन के बारे में जानकारी मिली । काजल कुमार जी का कारटून जोरदार रहा ।

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आपकी टिप्पणी के लिए धन्यवाद भविष्य में भी उत्साह बढाते रहिएगा.... ..

सुमन
लोकसंघर्ष