रविवार, 21 दिसंबर 2025

जावेद अख्तर साहेब जिंदाबाद।

अरबों लोगों के दबाव को नजरअंदाज करते हुए सच के साथ खड़े रहने की ताकत सिर्फ और सिर्फ जावेद अख्तर साहेब में ही है। जावेद अख्तर साहेब जिंदाबाद।

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सुमन
लोकसंघर्ष