लो क सं घ र्ष !

लोकसंघर्ष पत्रिका

अमृता लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं
अमृता लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं
बुधवार, 23 अक्टूबर 2013

भडका रहे हैं आग लब-ए-नग़्मगर से हम , ख़ामोश क्यों रहेंगे ज़माने के डर से हम -- साहिर

›
' मेरे सरकश तराने सून के दरिया ये समझती है कि शायद मेरे दिल को इश्क के नगमो से नफरत है '' साहिर एक बेमिशाल अल्फाजो का जादूगर...
5 टिप्‍पणियां:
›
मुख्यपृष्ठ
वेब वर्शन देखें
Blogger द्वारा संचालित.