लो क सं घ र्ष !
लोकसंघर्ष पत्रिका
मंगलवार, 29 सितंबर 2026
दिल्ली में ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के राष्ट्रीय नेतृत्व गिरफ़्तार
निर्वाचन आयोग में वोट चोर ज्ञानेश कुमार के खिलाफ वामपंथी पार्टी के नेता और सैकड़ों कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया गया है, जबकि वे 'वोट चोर' मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विरोध कर रहे हैं।
वे ज्ञानेश कुमार के इस्तीफा और गिरफ्तारी की मांग कर रहे थे, उनके खिलाफ एक आईएफआर की पंजीकरण की मांग कर रहे थे, और एसआईआर की तुरंत निलंबन की मांग कर रहे थे।
गिरफ्तार किए गए लोगों में प्रोफेसर दिनेश वार्ष्णेय , भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य और दिल्ली राज्य सचिव; निशा सिद्धु, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य और महासचिव सचिव, एनएफआईडब्ल्यू; एम. ए. बेबी, जनरल सचिव, सीपीआई(एम) में; अरुण कुमार, पॉलिटबोरो सदस्य, सीपीआई(एम) में; अनुराग सैक्सेना, सीपीआई(एम) दिल्ली राज्य सचिव; आर. एस. दागर, सीपीआर; धार्मेंद्र कुमार, फॉरवर्ड ब्लॉक के सचिव; और बिर्जू नायक, सैकड़ों वामपंथी नेता और कार्यकर्ताओं के साथ।
वामपंथी चुप नहीं रहेंगे। ज्ञानेश कुमार कुमार के इस्तीफा देने तक वोट चोरी और लोकतंत्र के लिए लड़ाई जारी रहेगी।
#CPI #ECI #GyaneshKumar #VoteChor
सोमवार, 28 सितंबर 2026
पुलिस के लाठीचार्ज में भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के राष्ट्रीय सचिव कॉमरेड डॉक्टर गिरीश शर्मा घायल।
पुलिस के लाठीचार्ज में भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के राष्ट्रीय सचिव कॉमरेड डॉक्टर गिरीश शर्मा घायल।
भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के राष्ट्रीय सचिव कॉमरेड डॉ. गिरीश शर्मा को लोक भवन (राज भवन) मार्च के दौरान पटना के डाक बंगला चौराहे से गिरफ्तार कर ले जाती बिहार पुलिस।
देश तोड़ने वाले खुंखार अमरीकी आतंकवादी मैन्यू वैनडाइक को मोदी सरकार ने रिहा कर दिया
देश तोड़ने वाले खुंखार अमरीकी आतंकवादी मैन्यू वैनडाइक को मोदी सरकार ने रिहा कर दिया
अमरीकी एजेंट मैथ्यू वैनडाइक को भारत की सरकार ने जेल से निकल जाने दिया। वह भारत के नॉर्थ-ईस्ट हिस्से को तोड़ना चाहता था। म्यांमार और मिजोरम के रिबेल ग्रुप्स के सपोर्ट से उत्तर पूर्व में अस्थिरता को बढ़ाने के लिए 6 अन्य विदेशी मर्सनरीज के साथ घुसा था। NIA ने इसे गिरफ्तार किया था, लेकिन चार्जशीट में UAPA हटवा दिया गया और अब कोर्ट ने उसे और उसके साथ के 6 अन्य यूक्रेनियों को अपने देश वापस लौटने का परमिशन दे दिया है।
भाजपा की मौजूदा सरकार ट्रंप के पांव तले काम कर रही है, अमरीकी सरकार ने दिल्ली में बैठे छब्बीस इंची सीना वाले रंगे सियार का टेंटुआ दबाया हुआ है। नहीं तो देश तोड़ने में लगे एक आतंकी को इस तरह जाने देना देशद्रोह नहीं तो और क्या है ? सोचिए की यदि यही किसी दूसरे सरकार में हुआ रहता तो भाजपा अबतक नंगा नाच रही होती।
मैथ्यू वैनडाइक कोई साधारण अपराधी नहीं था। अमरीकी नागरिक है, CIA एजेंट कहा जाता है। लीबिया के गृहयुद्ध में मुहम्मद गद्दाफ़ी के सरकार गिराने में लड़ चुका है। मिडिल ईस्ट और अफ्रीका में हुए विद्रोहों में भूमिका निभा चुका है। रसिया- यूक्रेन युद्ध में यूक्रेन के तरफ़ से लड़ने गया था। म्यांमार के रिबेल ग्रुप्स को ड्रोन और हथियारों की ट्रेनिंग दे चुका है। एक तरह से यह CIA का रेजीम-चेंज करने, देश तोड़ने का औजार है। और ऐसे आदमी को भारत की सरकार ने सीधा छोड़ दिया जबकि वह भारत में अस्थिरता उत्पन्न करने में ही लगा था।
मोदी सरकार बताए की ऐसा कौन सा फाइल, ऐसा कौन सा वीडियो ट्रंप के हाथ में है की ट्रंप ने गुलामी को मजबूर कर दिया है। यदि भारत ने इसको छोड़ा है तो गुरपतवंत सिंह पन्नू के मर्डर साजिश के नाम पर गिरफ्तार किए गए कथित एजेंट निखिल गुप्ता को आजतक भारत की सरकार क्यों नहीं छुडा. दिया।
रविवार, 27 सितंबर 2026
वोटचोर ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दे - राजेन्द्र यादव लखनऊ में पुतला फूंका गया
वोटचोर ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दे - राजेन्द्र यादव
लखनऊ में पुतला फूंका गया
उप्र की राजधानी लखनऊ में ज्ञानेश कुमार का पुतला फूंका! उत्तर प्रदेश किसान सभा द्वारा पूर्व विधायक राजेंद्र यादव के नेतृत्व में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे को लेकर कैसरबाग चौराहे पर पुतला फूंका गया।इसमें उप्र किसान सभा नेतागण और भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के राज्य सचिव अरविन्द राज स्वरुप, ओम प्रकाश आनंद, शशिकांत कुशवाहा, ओम प्रकाश तिवारी, कॉम राम चंद सरस, कॉम शारदा पाण्डेय,राम कुमार भारती,इम्तियाज़ बेग कॉम छितर सिँह, कॉम तहसीलदार यादव,फूल चंद यादव जनार्दन राम देवेंद्र मिश्रा आदि शामिल थे।
शुक्रवार, 25 सितंबर 2026
जंतर-मंतर पर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफा को लेकर आल इंडिया स्टूडेंट्स फेडरेशन प्रदर्शन नेता गण गिरफ्तार
जंतर-मंतर पर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफा को लेकर आल इंडिया स्टूडेंट्स फेडरेशन प्रदर्शन नेता गण गिरफ्तार
गुरुवार, 24 सितंबर 2026
बुधवार, 23 सितंबर 2026
वोटर लिस्ट से नाम हटाने के मामले में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को इस्तीफ़ा देना चाहिए -डी राजा
वोटर लिस्ट से नाम हटाने के मामले में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को इस्तीफ़ा देना चाहिए -डी राजा
'इंडियन एक्सप्रेस' की जांच से चुनाव आयोग के अंदर एक गंभीर संकट का पता चला है। चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने 10 महीनों में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के फैसलों पर कम से कम 14 बार आपत्ति जताई। इनमें SIR (सिस्टमैटिक वोटर लिस्ट अपडेशन), फॉर्म 6 में "गैर-कानूनी" और "बिना अधिकार के" किए गए बदलाव और वोटर लिस्ट सॉफ्टवेयर के सेंट्रलाइज़ेशन (केंद्रीकरण) जैसे मामले शामिल थे। उन्होंने कंट्रोल एक ही जगह केंद्रित होने के मुद्दे पर कैबिनेट सेक्रेटरी से भी बात की थी। फिर भी, इन आपत्तियों को नज़रअंदाज़ किया गया और SIR को आगे बढ़ाया गया, जिसके कारण अलग-अलग राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में 13 करोड़ से ज़्यादा वोटरों के नाम हटा दिए गए। भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी ने लगातार चेतावनी दी है कि लोकतंत्र में सरकारों को अपनी पसंद के वोटर चुनने की इजाज़त नहीं दी जा सकती। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार वोटर लिस्ट से नाम हटाने की प्रक्रिया का चेहरा बन गए हैं, जिससे इस संवैधानिक संस्था पर जनता का भरोसा कम हुआ है। उन्हें पद पर बने रहने का कोई अधिकार नहीं है और इलेक्शन कमीशन आफ इंडिया में भरोसा और विश्वसनीयता बहाल करने के लिए उन्हें इस्तीफ़ा देना चाहिए। सुप्रीम कोर्ट को इलेक्शन कमीशन आफ इंडिया के फैसलों और उन्हें लेने के तरीके की जांच करनी चाहिए। यह संकट भाजपा सरकार द्वारा 2023 में
मुख्य चुनाव आयुक्त और इलेक्शन कमीशन की नियुक्ति प्रक्रिया में किए गए बदलावों से जुड़ा है, जिसने संस्था की आज़ादी को कमज़ोर कर दिया। इलेक्शन कमीशन आफ इंडिया का काम साफ़ है: हर योग्य नागरिक को वोट देने का मौका मिलना चाहिए और हर हाल में इस ज़िम्मेदारी को पूरा किया जाना चाहिए। #ECI #GyaneshKumar #SukhbirSandhu #VivekJoshi
शनिवार, 19 सितंबर 2026
सेवा माह का क्या मतलब है पढ़ाई के अलावा सब कुछ है
सेवा माह का क्या मतलब है पढ़ाई के अलावा सब कुछ है
यह कार्यक्रम पूरे प्रदेश में के महाविद्यालयो में अनिवार्य रूप से होना है।किस महापुरुष को लेकर दीप जलाना है उल्लेख नहीं है।किसके किस्से और कहानियां बताई जानी है परिपत्र में नहीं है।
बाराबंकी में एक महाविद्यालय के प्राचार्य पच्चीस दिया जलाने के लिए जला हुआ मोबीआयल तलाश कर रहे थे तो एक स्कूल वालें ने मोमबत्ती जलाकर श्रद्धा सुमन अर्पित कर दिया है। इसका कोई भी बजट जारी नहीं है। कैसे कार्यक्रम हो विश्व विद्यालय और शिक्षा विभाग नहीं बता रहा हैडां राम मनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय में छात्रों की पढ़ाई लगभग बंद सी हो गई है। परीक्षा और प्रवेश वर्ष भर चला करता है। लेकिन स्कालरशिप के मामले में प्रत्येक छात्र 75 प्रतिशत उपस्थिति प्रामाणित कर सरकारी खजाने को चोट पहुंचाई जा रही है।
छात्रों की संख्या पढाई न होने के कारण प्रति कम हो जाती है।
गुरुवार, 10 सितंबर 2026
गुजरात की छह राजनीतिक पार्टियों को मिले ₹1,700 करोड़ के चंदे की जांच की मांग की-डां गिरीश
गुजरात की छह राजनीतिक पार्टियों को मिले ₹1,700 करोड़ के चंदे की जांच की मांग की-डां गिरीश
नई दिल्ली।भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी इस बात पर गहरी चिंता व्यक्त करती है कि गुजरात में पंजीकृत लेकिन गैर-मान्यता प्राप्त छह राजनीतिक पार्टियों को 2023-24 में ₹1,700 करोड़ का भारी-भरकम चंदा मिला, जबकि उनकी कोई खास राजनीतिक गतिविधि नहीं देखी गई। आम जनमत पार्टी को ₹620 करोड़, सत्यवादी रक्षक पार्टी को ₹330.55 करोड़, स्वतंत्रता अभिव्यक्ति पार्टी को ₹219.69 करोड़, न्यू इंडिया यूनाइटेड पार्टी को ₹200.69 करोड़, भारतीय नेशनल जनता दल को ₹191.61 करोड़ और गरीब कल्याण पार्टी को ₹138 करोड़ मिले। इतनी बड़ी रकम पाने वाली इन पार्टियों ने न तो ठीक से चुनाव लड़ा और न ही कई मामलों में चुनाव आयोग को सही ऑडिट और वित्तीय रिपोर्ट सौंपी; यह बात इन फंड के स्रोत और मकसद पर बेहद गंभीर सवाल खड़े करती है।
भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी मांग करती है कि सीबीआई इन फंड के पूरे लेन-देन की गहन और समयबद्ध जांच करे और सीएजी इनका व्यापक ऑडिट करे। आयकर विभाग और प्रवर्तन निदेशालय को भी चंदे के स्रोत, चंदा देने वालों की पहचान, पैसे के ट्रांसफर के तरीकों और इसके अंतिम लाभार्थियों की जांच करनी चाहिए। चुनाव आयोग को उन पार्टियों के खिलाफ तुरंत कार्रवाई करनी चाहिए जिन्होंने कानूनी नियमों का उल्लंघन किया है, यह जांचना चाहिए कि क्या उनका पंजीकरण रद्द किया जाना चाहिए, और नतीजों को जनता के सामने रखना चाहिए। वित्तीय या चुनावी गड़बड़ी के दोषी पाए जाने वालों को कड़ी सजा मिलनी चाहिए।
पार्टी के राष्ट्रीय सचिव डां गिरीश शर्मा ने कहा कि इन चंदे का बहुत बड़ा पैमाना और असामान्य तरीका इस गंभीर आशंका को जन्म देता है कि इनमें से कुछ पार्टियां शायद सिर्फ़ राजनीतिक फंड को इधर-उधर करने के लिए बनाई गई थीं या इस्तेमाल की गई थीं, और अंत में यह पैसा भाजपा तक पहुंच गया। यह भारत के चुनावी लोकतंत्र की ईमानदारी से जुड़ा एक गंभीर मामला है और इसे केवल कुछ छोटे-मोटे राजनीतिक संगठनों का मामला बताकर नज़रअंदाज़ नहीं किया जा सकता। अगर सत्ताधारी पार्टी को फ़ायदा पहुँचाने वाले फ़ंड के स्रोत या मंज़िल को छिपाने के लिए प्रॉक्सी पार्टियों का इस्तेमाल किया गया है, तो भारत की जनता को फ़ंड के पूरे लेन-देन का ब्यौरा जानने का अधिकार है।
भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी इस मामले की हर कड़ी की पारदर्शी जाँच और जाँच के नतीजों को पूरी तरह से सार्वजनिक करने की माँग करती है, साथ ही इसमें शामिल पाए जाने वाले हर व्यक्ति और संगठन के ख़िलाफ़ कार्रवाई की भी माँग करती है, चाहे उनका राजनीतिक ओहदा कुछ भी हो।
रविवार, 6 सितंबर 2026
उत्तर प्रदेश में पूरी तरह से कानून-व्यवस्था का समाप्त -डी राजा
उत्तर प्रदेश में पूरी तरह से कानून-व्यवस्था का समाप्त -डी राजा
उत्तर प्रदेश में कानून-व्यवस्था का पूरी तरह से खत्म हो जाना बहुत चिंताजनक है। सहारनपुर में, 1911 में बनी एक मस्जिद को - जिसके दस्तावेज़ सौ साल से भी पुराने थे - सिर्फ़ सिटी मजिस्ट्रेट के आदेश पर रातों-रात गिरा दिया गया। यह तोड़-फोड़ सप्ताहांत में की गई, ताकि इसकी देखभाल करने वालों को किसी ऊंची अदालत में जाने का मौका न मिल सके। यह उचित कानूनी प्रक्रिया और संवैधानिक अधिकारों पर सीधा हमला है।
यह दमन राजनीतिक विरोधियों तक भी फैला हुआ है। विपक्ष के ज़िला नेताओं को नज़रबंद कर दिया गया है। 'बदलाव ज़रूरी है' रैली से पहले भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के सहारनपुर सचिव को उनका कारोबार बंद करने की धमकी दी गई। सुल्तानपुर में एक साथी का घर गिरा दिया गया, जबकि रामपुर में पहले से बने यूनिवर्सिटी कैंपस को नष्ट करने की योजना है।
भाजपा और योगी आदित्यनाथ जनता के मूड और अपनी ही पार्टी के अंदर की फूट से साफ़ तौर पर घबराए हुए हैं। लोगों की चिंताओं को दूर करने के बजाय, वे चुनावों से पहले डराने-धमकाने, तोड़-फोड़ और बांटने वाली राजनीति का सहारा ले रहे हैं।
भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी इस शर्मनाक अराजकता की कड़ी निंदा करती है। जनता डर और बंटवारे की इस राजनीति को हरा देगी। सभी विपक्षी और लोकतांत्रिक ताकतों को इन हमलों की निंदा करने और उनका मुकाबला करने, तथा संविधान और कानून-व्यवस्था की रक्षा के लिए एकजुट होना चाहिए।
बुधवार, 2 सितंबर 2026
मोदी सरकार को उखाड़ करके ही दम लेंगे ये संकल्प हमारा है- डा गिरीश शर्मा
मोदी सरकार को उखाड़ करके ही दम लेंगे
ये संकल्प हमारा है- डा गिरीश शर्मा
रामलीला मैदान दिल्ली में रैली को संबोधित करते हुए भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के राष्ट्रीय सचिव डॉ गिरीश शर्मा ने सम्बोधित करते हुए कहा कि
भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के नेतृत्व में
बदलाव के इस रथ को
कोई बाधा रोक नहीं सकती, रोक नहीं सकती।
ये रथ चल पड़ा है
शंखनाद हो चुका है
पहले बदलाव दो हजार सत्ताईस में
यूपी, उत्तराखंड, पंजाब में करेंगे
और दो हजार उनतीस में दिल्ली की गद्दी से मोदी को उखाड़ करके ही दम लेंगे
ये संकल्प हमारा है।
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