लो क सं घ र्ष !
लोकसंघर्ष पत्रिका
शुक्रवार, 15 मई 2026
गैस से पेट्रोल तक दाम बढना अडानी-मोदी मित्रता की कीमत जनता चुका रही है - डी राजा
गैस से पेट्रोल तक दाम बढना
अडानी-मोदी मित्रता की कीमत
जनता चुका रही है - डी राजा
भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी एलपीजी, पेट्रोल, डीजल और सीएनजी की कीमतों में बार-बार वृद्धि की कड़ी निंदा करती है जो करोड़ों भारतीयों को गहरे आर्थिक संकट में धकेल रही है। ईंधन की हर कीमत में वृद्धि गरीब और मध्यम वर्ग पर टैक्स बन जाती है। यह परिवहन, भोजन, दवा, कृषि और हर आवश्यक वस्तु की लागत बढ़ाता है। बोझ ईंधन स्टेशनों तक सीमित नहीं है; यह हर रसोई, हर क्षेत्र और हर घर के बजट में प्रवेश करता है। जबकि लोगों को तपस्या उपायों के माध्यम से अपने बेल्ट कसने के लिए कहा जा रहा है, मोदी सरकार कॉर्पोरेट मुनाफाखोरों की रक्षा करना जारी रखती है और अपनी असफलताओं का पूरा बोझ लोगों पर डाल रही है।
यह संकट प्रधानमंत्री मोदी की विनाशकारी विदेश नीति और अमेरिका और डोनाल्ड ट्रम्प के सामने भारत की रणनीतिक स्वायत्तता के उनके पूर्ण आत्मसमर्पण का परिणाम है। भारत पर रूस और ईरान से ऊर्जा आयात में कटौती करने, हमारी ऊर्जा सुरक्षा कमजोर करने और देश को वैश्विक झटके और हेरफेर के लिए उजागर करने के लिए दबाव डाला गया था। आज राष्ट्रहित से नहीं राजनीतिक गुलामी से संचालित विदेश नीति की कीमत चुका रहा है। यह व्यापक रूप से माना जाता है कि ट्रम्प मोदी के पसंदीदा अरबपति गौतम अदानी के खिलाफ कानूनी मामलों का उपयोग हमारी संप्रभुता और अर्थव्यवस्था के लिए हानिकारक सौदों में भारत को हाथ मिलाने के लिए कर रहे हैं। वही अदानी जो मोदी के शासन में खगोलीय रूप से अमीर हो गया था, अब एक धोखाधड़ी और रिश्वतखोरी से संबंधित मामले में संयुक्त राज्य अमेरिका में 18 मिलियन डॉलर का दंड देने पर सहमत हो गया है। 2024 में, अमेरिकी नियामकों ने अदानिस पर अक्षय ऊर्जा परियोजनाओं में भारतीय अधिकारियों को रिश्वत देने और धन जुटाने के दौरान निवेशकों को गुमराह करने का आरोप लगाया। कौन है ये भारतीय अधिकारी ? इनके खिलाफ कार्यवाही क्यों नहीं हुई ? मोदी सरकार चुप क्यों है ? भ्रष्टाचार नहीं था तो समझौता क्यों? भ्रष्टाचार था तो उसकी रक्षा किसने की?
सच्चाई छुपाना असंभव होता जा रहा है: क्रोनी कंपनियों के लिए मुनाफा निजीकरण किया जाता है जबकि नुकसान लोगों पर सामाजिककरण किया जाता है। गरीब खाना पकाने गैस के लिए अधिक भुगतान कर रहे हैं, किसान डीजल के लिए अधिक भुगतान कर रहे हैं, श्रमिक परिवहन के लिए अधिक भुगतान कर रहे हैं, जबकि राजनीतिक रूप से जुड़े मुट्ठी भर अरबपति पनपती जारी हैं मोदी सरकार क्रोनी पूंजीपतियों और विदेशी हितों के लिए रिकवरी एजेंसी की तरह देश नहीं चला सकती। ईंधन की कीमतों में वृद्धि को तुरंत वापस रोल किया जाना चाहिए। अदानी समूह और इसमें शामिल अधिकारियों से जुड़े रिश्वतखोरी, भ्रष्टाचार, हेरफेर और राजनीतिक संरक्षण के सभी आरोपों की पूरी और स्वतंत्र जांच की जानी चाहिए। कॉर्पोरेट सत्ता और राजनीतिक सत्ता के बीच भ्रष्ट गठजोड़ को बचाने के लिए भारत की जनता को कष्ट नहीं पहुंचाया जा सकता।
उ प्र में रेप #जनेऊ_जिहाद का बड़ा #रैकेट चल रहा है
उ ऊ में रेप #जनेऊ_जिहाद का बड़ा #रैकेट चल रहा है..आप इस बंदरी जैसी मुंह वाली #सफलता_पाठक #महिला को खुद देखिए।
लखनऊ में दैनिक भास्कर की टीम की 3 महीने की #स्टिंग_ऑपरेशन में एक #गैंग का नाम सामने आया है। जो लोगों को #झूठे_रेप, #POCSO और #नारकोटिक्स केस में #फंसाने का काम करता है
इस गैंग की सरगना सफलता पाठक नाम की महिला बताई जा रही है जो खुद कहती दिखी कि उसके पास 20 से ज्यादा लड़कियों की टीम है। इनमें नाबालिग लड़कियां भी शामिल हैं।
उसने बताया कि पहले लड़की को किसी और से संबंध बनवाया जाता है ताकि मेडिकल रिपोर्ट में सबूत आ जाए। फिर उसी लड़की से जिस आदमी को टारगेट करना हो उसके खिलाफ रेप या POCSO का केस दर्ज कराया जाता है।
Safalta Pathak ने दावा किया कि पुलिस में उसकी सेटिंग है और किसी भी थाने में FIR लिखवा सकती है। आरोपी सीधे जेल जाएगा और जमानत बहुत मुश्किल होगी।
वीडियो में उसने रेट भी बताए। नाबालिग लड़की से POCSO केस लगवाने के लिए 20 लाख से ज्यादा, बालिग लड़की से रेप केस के लिए 15 से 18 लाख। नारकोटिक्स केस में कार में ड्रग्स रखवाकर गिरफ्तारी कराने की बात भी कही गई।
उसने धमकी भी दी कि अगर कोई उनके साथ धोखा करेगा तो यूपी के 75 जिलो में कहीं भी छिप नहीं पाएगा।
देख लीजिए किस तरह पुरुषों को फसाया जा रहा है आखिर पुरुष कितना सावधान रहे
इन पर तो कड़ी से कड़ी कार्यवाही होनी चाहिए न जाने कितने लोगों की जिंदगी खराब की होगी..! 😈😈😈
साभार
मोदी सरकार में महिलाओं को जेल में नंगा किया जाता है
मोदी सरकार में महिलाओं को जेल में नंगा किया जाता है
संदीपा विर्क की आपबीती (मई 2026): अभिनेत्री और कंटेंट क्रिएटर संदीपा विर्क ने तिहाड़ जेल के अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि उन्हें 4 महीने की जेल के दौरान लगभग 27 से 30 बार नग्न किया गया। उन्होंने बताया कि जेल प्रशासन द्वारा 'चेकिंग' के नाम पर बार-बार कपड़े उतरवाए जाते थे, जिससे उन्हें गहरा मानसिक आघात पहुँचा।
सोमवार, 11 मई 2026
भाजपा की पिछलग्गू माकपा
मार्क्स वादी कम्युनिस्ट पार्टी और भारतीय जनता पार्टी की मित्रता आपातकाल के समय से जारी है। तब जनसंघ और आर एस एस की पिछलग्गू थी और अब भारतीय जनता पार्टी की पिछलग्गू है। नरेंद्र मोदी सरकार को आधिकारिक तौर पर "फासीवादी" या "नव-फासीवादी" शासन के रूप में परिभाषित करने से इनकार कर दिया है।इस मामले से जुड़ी मुख्य बातें इस प्रकार हैं:नव-फासीवादी लक्षण, न कि पूर्ण फासीवाद: माकपा का मानना है कि भाजपा के 10 वर्षों के शासन के बाद सरकार और नीतियों में "नव-फासीवादी विशेषताएं" (neo-fascist characteristics) तो दिख रही हैं, लेकिन पार्टी ने इसे सीधे तौर पर फासीवादी शासन नहीं माना है।पार्टी का बचाव: सीपीआई(एम) के केंद्रीय समिति के सदस्य ए.के. बालन ने स्पष्ट किया कि पार्टी ने कभी भी भाजपा सरकार को "फासीवादी" नहीं कहा है और उनका मानना है कि देश में फासीवाद नहीं आया है।पूर्व रुख से भिन्नता: यह रुख पूर्व महासचिव सीताराम येचुरी के पिछले बयानों से अलग है, जिसमें उन्होंने मोदी सरकार को फासीवादी कहा था।विपक्ष और गठबंधन में सवाल: माकपा के इस रुख पर सीपीआई और कांग्रेस ने आपत्ति जताई है। कांग्रेस ने इसे माकपा और भाजपा के बीच कथित 'गुप्त समझौता' बताया है, जबकि सीपीआई ने इस पर आश्चर्य व्यक्त किया है।संक्षेप में, माकपा भाजपा को 'फासीवादी' (जो चुनावी प्रणाली को पूरी तरह खत्म कर दे) के बजाय 'नव-फासीवादी' या 'सत्तावादी' प्रवृत्तियों वाला मानती है।
'मोदी सरकार फासीवादी नहीं है, उसमें नव-फासीवादी लक्षण हैं': सीपीआई(एम) के ...सीपीआई(एम) पार्टी कांग्रेस के मसौदा प्रस्ताव में भारतीय जनता पार्टी और उसके वैचारिक मार्गदर्शक राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के नेतृत्व वाले सत्तारूढ़ गुट को "नवफासीव...The News MinuteCPM ने मोदी सरकार को फासीवादी मानने से किया इनकार, कांग्रेस बोलीसीपीएम ने राज्यों की ईकाइयों को भेजे गए मसौदे में कहा है कि मोदी सरकार फासीवादी नहीं है। सीपीएम के इस रुख पर कांग्रेस और सीपीआई भड़क गई हैं। कांग्रेस ने सीपीएम ...Hindustan Hindi Newsजागरण संपादकीय माकपा के बदले सुर का मतलब बड़े राजनीतिक बदलाव का सूचककेरल में 2026 में विधानसभा का चुनाव है जबकि बिहार में इसी साल है। बिहार के विपक्षी मोर्चे में कांग्रेस भी है और वाम दल भी। केरल में माकपा के भाजपा समर्थक रुख का...Jagran
मित्रता का बंगाल में एक ही उदाहरण काफी है,माकपा के अखबार गणशक्ति में भाजपा सरकार के शपथ ग्रहण से पहले ही भाजपा सरकार का विज्ञापन पहले दिन ही प्रकाशित हुआ।
रविवार, 10 मई 2026
मीरजाफर ने बंगाल में पुनः अवतार लिया
मीरजाफर ने बंगाल में पुनः अवतार लिया। सारे संघियों और भाजपाईयों ने मिलकर ममता बनर्जी के साथ जयचंद व मीर जाफर वाला कार्य किया है। ममता बनर्जी अटल की मानस पुत्री ममता बनर्जी थी केन्द्रीय मंत्रिमंडल में रही है। उसके बाद इन मीर जाफरो ने क्या किया है। बंगाल के नवाब सिराजुद्दौला के खिलाफ अमीर सेठ जगत सेठ मीर जाफरो ने गददी छीन ली थी। लार्ड क्लाइव के माध्यम से देश को गुलाम बना दिया था।
शनिवार, 9 मई 2026
अमरीका की फायरिंग से भारतीय मालवाहक जहाज डूबा
अंतरराष्ट्रीय जलसीमा में बढ़ते जियोपॉलिटिकल तनाव का असर अब भारत पर पड़ने लगा है। देवभूमि द्वारका जिले के सलाया का एक मालवाहक जहाज होर्मुज स्ट्रेट (Strait of Hormuz) में अमेरिकी नौसेना के बीच हुई फायरिंग की चपेट में आ गया। हादसे में जहाज डूब गया, जिसमें एक खलासी की मौत हो गई, जबकि 17 अन्य को सुरक्षित बचा लिया गया।
शुक्रवार, 8 मई 2026
भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी ने तमिलनाडु में सरकार बनाने के लिए समर्थन टी वी के दिया - डी राजा
भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी ने टी वी के सी. जोसेफ विजय को समर्थन दिया ताकि जनादेश का सम्मान हो और तमिलनाडु की धर्मनिरपेक्ष, समतावादी विरासत सुरक्षित रहे
तमिलनाडु की जनता ने सी. जोसेफ विजय के नेतृत्व वाली 'तमिलगा वेट्री कझगम' के पक्ष में अपना जनादेश दिया है। संसदीय लोकतंत्र में, जनता के जनादेश का अक्षरशः और भावना के साथ सम्मान किया जाना चाहिए। सबसे बड़ी पार्टी को सरकार बनाने और विधानसभा के पटल पर अपना बहुमत साबित करने के लिए आमंत्रित करने के बजाय, भाजपा द्वारा पिछले दरवाज़े से की जा रही जोड़-तोड़ और राज्यपाल के पद का दुरुपयोग करके अनिश्चितता पैदा करने का प्रयास, पूरी तरह से अलोकतांत्रिक है और जनता का अपमान है। बहुमत का फैसला विधानसभा के भीतर होना चाहिए, न कि राजभवन की चारदीवारी के पीछे की जा रही राजनीतिक जोड़-तोड़ के ज़रिए।
तमिलनाडु की एक गौरवशाली राजनीतिक और सामाजिक विरासत है, जिसे श्रमिकों के अधिकारों, सांप्रदायिक सद्भाव, तर्कवाद, सामाजिक न्याय, संघवाद और समानता के लिए किए गए संघर्षों ने आकार दिया है। ये मूल्य राज्य की जनता की चेतना में गहराई से रचे-बसे हैं। भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी का यह दृढ़ मत है कि संघ -भाजपा की राजनीति और विचारधारा इस ऐतिहासिक विरासत के विपरीत है, और यह तमिलनाडु के सामाजिक सद्भाव, धर्मनिरपेक्ष ताने-बाने और लोकतांत्रिक चरित्र के लिए एक गंभीर खतरा है। जनता ने समाज का सांप्रदायीकरण करने और उसे बांटने के प्रयासों को सिरे से खारिज कर दिया है, और इस उम्मीद के साथ मतदान किया है कि एक ऐसी सरकार का गठन होगा जो इस जनादेश को सही मायने में दर्शाती हो। कानूनी बारीकियों और चुनिंदा व्याख्याओं को एक हथियार के तौर पर इस्तेमाल करके भाजपा के लिए कोई गुंजाइश नहीं बनाई जा सकती; खासकर ऐसे राज्य में, जहाँ की जनता ने बीजेपी की विभाजनकारी राजनीति को लगातार नकारा है। सीपीआई को उम्मीद है कि टीवी के के नेतृत्व में बनने वाली नई सरकार, शासन और सार्वजनिक जीवन में इन ऐतिहासिक मूल्यों को कायम रखेगी और उन्हें और अधिक सुदृढ़ बनाएगी, साथ ही तमिलनाडु की जनता की आकांक्षाओं के प्रति पूरी तरह से समर्पित रहेगी।
इसी समझ के साथ, और एक समृद्ध, धर्मनिरपेक्ष, लोकतांत्रिक तथा समतावादी तमिलनाडु के व्यापक उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी ने सरकार बनाने के लिए 'तमिलगा वेट्री कझगम' को अपना समर्थन देने का निर्णय लिया है। भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी और वामपंथी आंदोलन हमेशा से ही तमिलनाडु के सामाजिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक जीवन का एक अभिन्न अंग रहे हैं; इन्होंने सदैव श्रमिकों, किसानों, युवाओं, महिलाओं और समाज के सभी शोषित वर्गों के साथ मज़बूती से खड़े होकर उनका साथ दिया है। हम जनता के हितों की रक्षा करना, लोकतांत्रिक मूल्यों को बनाए रखना और विधानसभा के भीतर तथा बाहर—दोनों ही जगहों पर—उन लोगों की आवाज़ बुलंद करना जारी रखेंगे, जिनकी अपनी कोई आवाज़ नहीं है।
अपने राजदारों की हत्या कराने वाली पार्टी भाजपा
पंडित दीनदयाल उपाध्याय की हत्या के सफर से हरेन पांड्या और महाराष्ट्र के भाजपा नेताओं के एक्सीडेंट में मारे जाने की कडी में ही शुभेन्दू के पी ए की हत्या है
बंगाल बीजेपी के शुभेन्दू के पी ए चन्द्रनाथ रथ का क़त्ल कर दिया गया है..ऐसा गोदीमीडिया ने बताया है..गोदिमीडिया पर यक़ीन करना नामुमकिन है..
कहा जाता है कि चन्द्रनाथ रथ वो शख़्स था जिस ने नन्दीग्राम में ममता बनर्जी को "लोडशेडिंग" करवा कर चुनाव हराने में अहम किरदार अदा किया था..राज़दार था..चन्द्रनाथ रथ को एयरफोर्स से शुभेन्दू के पास भेजा गया था..चन्द्रनाथ रथ की डिटेल्स पढ़िए..काफ़ी दिलचस्प है
चन्द्रनाथ रथ को शुभेन्दू का काफ़ी क़रीबी बताया गया है..
मगर यह पहली बार नहीं है जब शुभेन्दू से जुड़े लोगो की मौत को शक से देखा गया है..ऐसी 3 मौत बताता हूं
प्रदीप झा : 2013 में शुभेन्दू का पी ए था..
~ अगस्त 2013, प्रदीप झा की डेड बॉडी कोलकाता की सड़क पर मिली थी..भाजपा ने काफ़ी हंगामा किया था..
~ 2013 में शुभेन्दू TMC का सांसद था..बात दब गई थी
प्रदीप झा को शुभेन्दू का काफ़ी क़रीबी बताया जाता था..
शुभब्रोतो चक्रबोर्ति : 2018 में शुभेन्दू का बॉडी गार्ड था..2018 में शुभेन्दू TMC में था
13 अक्टूबर 2018 को शुभब्रोतो को पुलिस बैरक में ही गोली लग गई..
14 अक्टूबर 2018 को शुभब्रोतो की मौत हो गई थी
बीजेपी ने शुभेन्दू के ख़िलाफ़ काफ़ी हंगामा किया था..शुभेन्दू के ख़िलाफ़ कुछ गंदी बातें भी की थे..
ममता बनर्जी ने जांच बैठाई थी..मगर कुछ नहीं हुआ
शुभब्रोतो को शुभेन्दू का काफ़ी क़रीबी बताया जाता था..
पुलक लाहिड़ी : 2021 में नन्दीग्राम में शुभेन्दू का काउंटिंग एजेंट था..ममता बनर्जी इस चुनाव में शुभेन्दू से हार गई थी
पुलक लाहिड़ी की मौत पर हंगामा होने के बा'द यकायक मीडिया ने ख़ामोशी अख़्तियार कर ली थी..मीडिया में ज़्यादा कुछ पढ़ने को भी नहीं मिलेगा..सब साफ़ किया जा चुका है..
पुलक लाहिड़ी को शुभेन्दू का काफ़ी क़रीबी बताया जाता था..
ये बताना मुश्किल है कि शुभेन्दू के PA होने पर एबनॉर्मल मौत कैसे हो जाती है..ख़ैर बड़े लोगो के साथ ऐसे इत्तिफ़ाक़ होते रहते हैं। शुभेन्दू से जुड़े ये चारों शख़्स जिन की मौत हुई है वो जवान, हैंडसम, फिट और क़ाबिल लोग थे..इन की मौत का राज़ कभी नहीं खुलेगा.. शायद ममता बनर्जी के पास राज़ हैं.. मगर अब कुछ नहीं होगा..क्योंकि अब वक़्त गुज़र चुका है
गुरुवार, 7 मई 2026
बंगाल में ज्ञानेश कुमार चुनाव आयुक्त सरकार चला नहीं पा रहे हैं अराजकता का दौर जारी
बंगाल में अराजकता का दौर जारी है सरकार ज्ञानेश कुमार चुनाव आयुक्त मुख्य सचिव के माध्यम से चला रहे हैं। छह हत्याएं हो चुकी है संभावित मुख्यमंत्री शुवेन्दु अधिकारी के सचिव की हत्या कर दी गई है। पांच सौ से राजनीतिक दलों के कार्यालय में आगजनी तोड़ फोड़ कब्जा परिवर्तन हो चुका है। केन्द्रीय बल संघी गुंडों के सामने मूकदर्शक है। जगह जगह सरेआम पिटाई के दृश्य परिलक्षित हो रहे हैं। बुलडोजर से मकान गिराए जा रहे हैं।
मुर्शिदाबाद के जियागंज में लेनिन की मूर्ति संघी अंग्रेज़ों के संयुक्त मुखविर क्रम में पैदा हुई नाजायज औलादों ने तोड़ दिया है।
कई हजार करोड़ खर्च हो जाने के बाद बंगाल सत्तर दशक के अशांत बंगाल की दिशा में आगे बढ़ रहा है। कम्युनिस्ट बड़ी मेहनत कर शांत क्षेत्र बनाया था। आज फिर उसी दौर में बंगाल वापस लौट रहा है।
बुधवार, 6 मई 2026
केन्द्रीय बलों की छत्र छाया में चुनाव आयोग के मूक समर्थन से संघी गुंडों के बल पर ही बंगाल चुनाव में भाजपा सरकार पर कब्जा किया है-डॉ रामचंद्र सरस
केन्द्रीय बलों की छत्र छाया में चुनाव आयोग के मूक समर्थन से संघी गुंडों के बल पर ही बंगाल चुनाव में भाजपा सरकार पर कब्जा किया है। यह बात भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के राष्ट्रीय परिषद सदस्य डाँ रामचन्द्र सरस ने लोकसंघर्ष से बात करते हुए कहा कि एस आई आर से चुनाव धांधली की शुरुआत हुई और मतगणना तक ताकत के बल नकली विजय प्राप्त किया गया है। हद यहां तक हो गई है कि ढाई लाख केन्द्रीय सशस्त्र बलों के सामने लेनिन की मूर्ति जियागंज में तोड दी गई। जगह जगह - जगह संघी गुंडे आगजनी तोडफ़ोड़ मारपीट कर रहे हैं। केन्द्रीय बल खामोश है।
न्याय पालिका खामोश है।
भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी लोकतंत्र की रक्षा के लिए देश भर में जनजागरण और आंदोलन की करेगी।
मंगलवार, 5 मई 2026
बंगाल चुनाव में कोई बेईमानी नहीं हुई है शान्तिपूर्ण चुनाव हुए हैं ममता पगला गई है - स्वप्न बनर्जी बंगाल कम्युनिस्ट नेता
बंगाल चुनाव में कोई बेईमानी नहीं हुई है शान्तिपूर्ण चुनाव हुए हैं ममता पगला गई है - स्वप्न बनर्जी बंगाल कम्युनिस्ट नेता
लोकसंघर्ष पत्रिका की ओर से स्वप्न बनर्जी प्रमुख कम्युनिस्ट नेता से बातचीत की गई तो उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि चुनाव में कोई बेईमानी नहीं हुई है शान्तिपूर्ण चुनाव हुए हैं। ममता बनर्जी की गुंडागर्दी नहीं चली है। जब उनसे कहा गया कि ममता इस्तीफा नहीं देंगी। कम्युनिस्ट नेता ने कहा कि वह पागल हो गई है। उन्होंने यह भी बताया कि एस आई आर में कुछ मतदाताओं के नाम विचाराधीन होने के कुछ मतदाता मत से वंचित रह गए हैं लेकिन फर्जी मतदाताओं के न होने कारण मतदान का प्रतिशत बढा है।
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