मंगलवार, 6 दिसंबर 2011

अमेरिका एशिया को गुलाम बनाने की ओर अग्रसर

ब्रिटिश साम्राज्यवाद की मुक्ति के बाद एशियाई मुल्कों को अमेरिकी साम्राज्यवाद ने पूरी तरीके से अपनी मुट्ठी में लेने के लिये और लोकतंत्र के बहाने उसने कई मुल्कों में अपने पिट्ठू शासक नियुक्त कर लिये हैं अफगानिस्तान से लीबिया (अफ्रीकी मुल्क) तक उसके पिट्ठू शासक ही राज कर रहे हैं सीरिया में लोकतंत्र के बहाने अमेरिकी साम्राज्यवाद अपना पिट्ठू शासक नियुक्त करने की दिशा में अग्रसर है विशेष बात यह भी है कि जो मुल्क ब्रिटिश साम्राज्यवाद के अधीन नहीं भी रहे हैं उनको भी अमेरिकी साम्राज्यवाद ने अपने खेमे में कर लिया है

ईरान में ब्रिटीश दूतावास पर ईरानी जनता के द्वारा किये गए प्रदर्शन और तोड़फोड़ के बाद ईरान के खिलाफ अमेरिकी मीडिया के माध्यम से पूरी दुनिया में दुष्प्रचार कार्य तेजी पर हैं। ईरान ने अमेरिकी जासूसी विमान को मार गिराने का दवा किया है। अमेरिकी व उसके मित्र देश ईरान की जासूसी कर रहे हैं और उसके आन्तरिक मामलों में हस्ताक्षेप कर वहां की सरकार को नेस्तनाबूत करना चाहते हैं।वहीँ, ईरान पर कब्ज़ा करने के लिये पाकिस्तान का भी समर्थन चाहिए इसके लिये वह शासकों को मानाने में लगा हुआ है। चीन की आर्थिक ताकत को नष्ट करने के लिये अमेरिकी मीडिया की कोशिश है कि वह भारत और चीन को आपस में लड़ा कर दोनों देशों की ताकत को नष्ट कर दे।जिस गति से अमेरिका व नाटो सेनायें एशियाई मुल्कों में अपने पिट्ठू शासक नियुक्त कर रही है उससे लगता है कि शीघ्र ही एशिया अमेरिकी साम्राज्यवादियों की प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रूप से उपनिवेश होगी।
सुमन
लो क सं घ र्ष !

2 टिप्‍पणियां:

आपकी टिप्पणी के लिए धन्यवाद भविष्य में भी उत्साह बढाते रहिएगा.... ..

सुमन
लोकसंघर्ष