रविवार, 20 नवंबर 2016

नोटबंदी देश का कालाधन निकालने की मोदी की योजना एक बड़ा छलावा

बाराबंकी। नोटबंदी के नाम देश का कालाधन निकालने की मोदी सरकार की योजना एक बड़ा छलावा है। मोदी जी यदि अगले चन्द वर्ष तक इसी तरह मनमाने रवैये देशहित व समाज हित को त्याग कर लेते रहे तो देश के सामने गम्भीर आर्थिक परिणाम खड़े हो जायेगें।     लोक संघर्ष पत्रिका के सलाहकार डा0 उमेश चन्द्र वर्मा की दिवंगत आत्मा की शान्ति के लिए गांधी भवन में आयोजित एक शोक सभा में उपस्थित भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के राज्य सह सचिव अरविन्द राजस्वरूप अपने उक्त विचार रख रहे थे। उन्होंने कहा कि देश इस समय जबरदस्त सामाजिक प्रक्रियाओं के दौर से गुजर रहा है जिनकी रफ्तार सुस्त अवश्य होती है। लेकिन निश्चित रूप से निर्णायक स्थिति तक पहुँचती है। उन्होंने जनता से आह्वान किया कि वर्तमान हालात से कतई निराश न हो और साम्राज्यवादी शक्तियों के विरूद्ध एक जुट होकर संघर्ष करें। एक न एक दिन वह सुबह जरूर आयेगी। मोदी जी के नोट बन्दी ऐलान को उन्होंने अपने चन्द उद्योगपति मित्रों को आर्थिक रूप से और सम्पन्न बनाने की प्रक्रिया बताया। उन्होंने कहा कि मोदी अब छोटे व्यवसायियों के हितों के संरक्षक नहीं है बल्कि उन 35 बड़े पूंजीपतियों के संरक्षक बन गये है जिन्होंने राष्ट्रीय बैंको को अस्सी हजार करोड़ रूपये लोन नहीं लौटाया है। कम्युनिस्ट नेता ने कहा कि साम्राज्यवादी विचारधारा का मुकाबला केवल साम्यवादी विचारधारा कर सकती है।
    देश के प्रसिद्ध ब्लागर रवीन्द्र प्रभात ने अपने उद्बोधन में कहा कि आज देश व समाज एक खोखले व्यक्ति के ऊपर केन्द्रित होकर रह गया है जो ऐसे निर्णय ले रहा है जो देश व समाज के लिए अहितकारी है।
    प्रसिद्ध समाजवादी विचारक राजनाथ शर्मा ने कहा कि देश में वैचारिक शून्यता आ गयी है। इसी के कारण हमारा समाज व राजनीति दिशाहीन हो चली है और खुदरा नेताओं की उत्पत्ति हो रही है।
    जिला बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष बृजेश दीक्षित ने शोक सभा में डा0 उमेश चन्द्र वर्मा को अपनी श्रृद्धाजंलि अर्पित करते हुए कहा कि उनको सच्ची श्रृद्धाजंलि हम तभी दे सकते है जो देश में गोडसेवाद को कमजोर करे। उन्होंने मोदी द्वारा नये पूँजीपति घरानो को बढ़ावा देना देश के लिए घातक बताया।
    उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महासचिव फवाद किदवाई ने अपने विचार रखते हुए कहा कि वर्तमान परिस्थितियों में निष्पक्ष एवं निर्भीक मीडिया की अति आवश्यकता है। कारर्पोरेट मीडिया देश व समाज के लिए हितकारी नहीं है।
शोक सभा की अध्यक्षता बृजमोहन वर्मा तथा तारिक खान के संचालन में आयोजित शोक सभा के अन्त में स्वर्गीय डा0 उमेश चन्द्र वर्मा के सुपुत्र संजय कृष्ण मोहन वर्मा ने उपस्थितजन के प्रति आभार व्यक्त किया।
    शोक सभा में श्रृद्धांजलि अर्पित करने वालों में प्रबन्ध सम्पादक लोक संघर्ष पत्रिका के रणधीर सिंह सुमन, इं0 विनय श्रीवास्तव, डा0 जसवन्त सिंह, डा0 कौसर हुसैन, कदीर खान, हनोमान प्रसाद, मनोहर लाल वर्मा, श्याम बिहारी वर्मा, कौशल किशोर त्रिपाठी, मोहम्मद वसीम राईन आदि शामिल रहे।
    इस अवसर पर मुनेश्वर वर्मा, पुष्पेन्द्र सिंह, सरदार भूपेन्द्र सिंह, नीरज वर्मा, रामनरेश, गिरीश चन्द्र, मास्टर अतीकुर्रहमान, मिर्जा कसीम बेग, सत्येन्द्र यादव, विनय दास, गिरीश चन्द्र, रामलखन वर्मा, अवधेश आदि उपस्थित थे।



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