शनिवार, 3 जनवरी 2026
राष्ट्रपति का अपहरण दुनिया सिर्फ हिजड़े की तरह ताली पीट सकती है
थोड़ा ये जान लें कि अमेरिकी राष्ट्रपति के पास संविधान के अनुच्छेद 2 के तहत असीमित अधिकार हैं।
ट्रंप चाहे तो इस अनुच्छेद का प्रयोग कर देश पर खतरा बताकर दुनिया के किसी भी हिस्से से किसी राष्ट्रप्रमुख को उठवा सकता है।
वेनेजुएला के राष्ट्रपति मादुरो को उसकी पत्नी सिलिया फ्लोर्स समेत उठवाना भी उसी अनुच्छेद का हिस्सा है।
मादुरो पर अमेरिकी अदालत में ड्रग्स तस्करी के पैसे से अमेरिका के ख़िलाफ़ षडयंत्र रचने, हथियार रखने और अमेरिका पर हमला करने की नीयत से घातक हथियारों का इस्तेमाल करने जैसे आरोप लगाए गए हैं।
अमेरिकी अटॉर्नी जनरल पाम बॉन्डी का बयान है कि मादुरो को जल्द ही अमेरिकी न्याय प्रणाली का सामना करना होगा।
लेकिन, ये आरोप ट्रंप प्रशासन के लिए संसद में यह साबित करने को काफ़ी नहीं हैं कि मादुरो अमेरिका के लिए वाकई खतरा थे।
जैसे दिवंगत इराकी राष्ट्रपति सद्दाम हुसैन अमेरिका के लिये कोई खतरा नहीं थे। वह भी तेल और सोना लूटने का ही खेल था।
जैसा कि मैंने पहले लिखा था कि ट्रंप को इसी साल दोबारा चुनाव जीतने से पहले महाभियोग का सामना करना पड़ सकता है।
यह एप्स्टीन फाइल्स के कारण होगा। अब इसमें वेनेजुएला पर संसद की अनुमति के बिना हमले का आरोप भी जुड़ गया है।
अगर, वेनेजुएला पर हमले में अमेरिकी सैनिकों की मौत होती है तो ट्रंप के लिए संसद को जवाब देना मुश्किल होगा।
इस मसले पर नाटो देश दो खेमों में बंटे हैं। स्पेन ने वेनेजुएला की आज़ादी का समर्थन किया है, लेकिन ईयू चुप है।
ट्रंप की मिट्टी पलीत होने से चीन और रूस भले खुश हों, पर ट्रंप की दादागीरी रोकने में उनकी नाकामी ख़ुद दोनों पर भरोसा उठा सकती है।
अगर ट्रंप इन आरोपों से बच निकलते हैं तो समझें दुनिया भगवान भरोसे है।
-सौमित्र राय
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