शुक्रवार, 8 मई 2026
अपने राजदारों की हत्या कराने वाली पार्टी भाजपा
पंडित दीनदयाल उपाध्याय की हत्या के सफर से हरेन पांड्या और महाराष्ट्र के भाजपा नेताओं के एक्सीडेंट में मारे जाने की कडी में ही शुभेन्दू के पी ए की हत्या है
बंगाल बीजेपी के शुभेन्दू के पी ए चन्द्रनाथ रथ का क़त्ल कर दिया गया है..ऐसा गोदीमीडिया ने बताया है..गोदिमीडिया पर यक़ीन करना नामुमकिन है..
कहा जाता है कि चन्द्रनाथ रथ वो शख़्स था जिस ने नन्दीग्राम में ममता बनर्जी को "लोडशेडिंग" करवा कर चुनाव हराने में अहम किरदार अदा किया था..राज़दार था..चन्द्रनाथ रथ को एयरफोर्स से शुभेन्दू के पास भेजा गया था..चन्द्रनाथ रथ की डिटेल्स पढ़िए..काफ़ी दिलचस्प है
चन्द्रनाथ रथ को शुभेन्दू का काफ़ी क़रीबी बताया गया है..
मगर यह पहली बार नहीं है जब शुभेन्दू से जुड़े लोगो की मौत को शक से देखा गया है..ऐसी 3 मौत बताता हूं
प्रदीप झा : 2013 में शुभेन्दू का पी ए था..
~ अगस्त 2013, प्रदीप झा की डेड बॉडी कोलकाता की सड़क पर मिली थी..भाजपा ने काफ़ी हंगामा किया था..
~ 2013 में शुभेन्दू TMC का सांसद था..बात दब गई थी
प्रदीप झा को शुभेन्दू का काफ़ी क़रीबी बताया जाता था..
शुभब्रोतो चक्रबोर्ति : 2018 में शुभेन्दू का बॉडी गार्ड था..2018 में शुभेन्दू TMC में था
13 अक्टूबर 2018 को शुभब्रोतो को पुलिस बैरक में ही गोली लग गई..
14 अक्टूबर 2018 को शुभब्रोतो की मौत हो गई थी
बीजेपी ने शुभेन्दू के ख़िलाफ़ काफ़ी हंगामा किया था..शुभेन्दू के ख़िलाफ़ कुछ गंदी बातें भी की थे..
ममता बनर्जी ने जांच बैठाई थी..मगर कुछ नहीं हुआ
शुभब्रोतो को शुभेन्दू का काफ़ी क़रीबी बताया जाता था..
पुलक लाहिड़ी : 2021 में नन्दीग्राम में शुभेन्दू का काउंटिंग एजेंट था..ममता बनर्जी इस चुनाव में शुभेन्दू से हार गई थी
पुलक लाहिड़ी की मौत पर हंगामा होने के बा'द यकायक मीडिया ने ख़ामोशी अख़्तियार कर ली थी..मीडिया में ज़्यादा कुछ पढ़ने को भी नहीं मिलेगा..सब साफ़ किया जा चुका है..
पुलक लाहिड़ी को शुभेन्दू का काफ़ी क़रीबी बताया जाता था..
ये बताना मुश्किल है कि शुभेन्दू के PA होने पर एबनॉर्मल मौत कैसे हो जाती है..ख़ैर बड़े लोगो के साथ ऐसे इत्तिफ़ाक़ होते रहते हैं। शुभेन्दू से जुड़े ये चारों शख़्स जिन की मौत हुई है वो जवान, हैंडसम, फिट और क़ाबिल लोग थे..इन की मौत का राज़ कभी नहीं खुलेगा.. शायद ममता बनर्जी के पास राज़ हैं.. मगर अब कुछ नहीं होगा..क्योंकि अब वक़्त गुज़र चुका है
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