मंगलवार, 30 मार्च 2010

लोकसंघर्ष परिवार ने अपना शुभचिंतक खो दिया

लोकसंघर्ष पत्रिका के कार्यक्रम को संबोधित करती मोना. .हार्वे


लोकसंघर्ष परिवार की शुभचिंतक तथा पत्रिका के प्रचार-प्रसार में महत्वपूर्ण योगदान अदा करने वाली अदाकारा मोना. .हार्वे की हत्या उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में बदमाशों ने उनके सर को मेज के पाये से कूंच कर कर डाली। मोना फिल्म उमराव जान में रेखा की सहेली का रोल किया था। वह हमारे देश की सांस्कृतिक धरोहर थी। लालबाग के कंधारी लेन के मकान नंबर 26 में 62 वर्षीय मोना अकेले रहती थी। इससे पूर्व लखनऊ में ही अंतर्राष्ट्रीय महिला संगठन की पूर्व अंतर्राष्ट्रीय महासचिव सुरजीत कौर की हत्या रात को उनके मकान में कैंची से गला काट कर कर दी गयी थी। उत्तर प्रदेश में सरकारें चाहे जो भी दावा करें, कानून व्यवस्था की स्तिथि ठीक नहीं है। अकेले रहने वाली महिलाओं का जीवन सुरक्षित नहीं रह गया है। राह चलते महिलाओं के साथ बदतमीजी, चेन स्नेचिंग आम बात है। प्रदेश के पुलिस मुखिया चाहे जो राग अलापे एक मामूली चोरी का खुलासा करने में असमर्थ हैं लोकसंघर्ष परिवार मोना जी हत्या से अत्यंत दुखी है और हमारे परिवार ने अपना एक शुभचिंतक खो दिया है।


नवाब वाजिद अली शाह की वाल पेंटिंग के साथ मोना.ए.हार्वे

6 टिप्‍पणियां:

सलीम ख़ान ने कहा…

लालबाग के कंधारी लेन में मोना रहती थी, मेरा ऑफिस उनके निवास के सामने की तरफ़ है... मैंने सुबह ऑफिस आते ही देखा कि उनके घर के पास पुलिस फाॅर्स मौजूद है मैं वहां जाकर देखा तो पाया उनकी गला रेट कर ह्त्या कर दी गयी है और उसी वक़्त मैंने अमर उजला के लखनऊ के क्राइम रिपोर्टर श्री संजय त्रिपाठी जी को फ़ोन लगा कर इसकी इत्तिला दी... डॉग स्कुवोयेड को बुला कर ३ लोगों को उसी वक़्त गिरफ्तार कर लिया गया... यह सब मेरी आँखों के सामने कल हुआ....

मेरे ऑफिस के सामने से वह रोज़ ही जाया करती थी... उस वक़्त मुझे यह नहीं पता था कि वह पूर्व मिस लखनऊ या उमराव जान में काम भी कर चुकी है...

कुल मिला कर संपत्ति विवाद में उनकी जान चली गयी....

सलीम ख़ान ने कहा…

लालबाग के कंधारी लेन में मोना रहती थी, मेरा ऑफिस उनके निवास के सामने की तरफ़ है... मैंने सुबह ऑफिस आते ही देखा कि उनके घर के पास पुलिस फाॅर्स मौजूद है मैं वहां जाकर देखा तो पाया उनकी गला रेट कर ह्त्या कर दी गयी है और उसी वक़्त मैंने अमर उजला के लखनऊ के क्राइम रिपोर्टर श्री संजय त्रिपाठी जी को फ़ोन लगा कर इसकी इत्तिला दी... डॉग स्कुवोयेड को बुला कर ३ लोगों को उसी वक़्त गिरफ्तार कर लिया गया... यह सब मेरी आँखों के सामने कल हुआ....

मेरे ऑफिस के सामने से वह रोज़ ही जाया करती थी... उस वक़्त मुझे यह नहीं पता था कि वह पूर्व मिस लखनऊ या उमराव जान में काम भी कर चुकी है...

कुल मिला कर संपत्ति विवाद में उनकी जान चली गयी....

सलीम ख़ान ने कहा…

लालबाग के कंधारी लेन में मोना रहती थी, मेरा ऑफिस उनके निवास के सामने की तरफ़ है... मैंने सुबह ऑफिस आते ही देखा कि उनके घर के पास पुलिस फाॅर्स मौजूद है मैं वहां जाकर देखा तो पाया उनकी गला रेट कर ह्त्या कर दी गयी है और उसी वक़्त मैंने अमर उजला के लखनऊ के क्राइम रिपोर्टर श्री संजय त्रिपाठी जी को फ़ोन लगा कर इसकी इत्तिला दी... डॉग स्कुवोयेड को बुला कर ३ लोगों को उसी वक़्त गिरफ्तार कर लिया गया... यह सब मेरी आँखों के सामने कल हुआ....

मेरे ऑफिस के सामने से वह रोज़ ही जाया करती थी... उस वक़्त मुझे यह नहीं पता था कि वह पूर्व मिस लखनऊ या उमराव जान में काम भी कर चुकी है...

कुल मिला कर संपत्ति विवाद में उनकी जान चली गयी....

श्याम कोरी 'उदय' ने कहा…

...दुखद घटना!!!

arvind ने कहा…

oh.........दुखद

डॉ० डंडा लखनवी ने कहा…

इस ख़बर को पढ़ कर मन दुखी हो गया ।