गुरुवार, 1 जुलाई 2010

तुम क़त्ल भी करते हो तो चर्चा नहीं होता

महिला सशक्तिकरण की बड़ी-बड़ी बाते की जाती है, दिवस मनाये जाते हैं, अधिकार एवँ आरक्षण हेतु सेमिनार होते हैं, चुनाव होने से पूर्व नेता मंचों पर हुंकार भरते हैं, राजनैतिक दल घोषणा-पत्रों में वादे करते हैं- परन्तु ये सभी बाते फ़र्जी ही लगती हैं। अधिकतर हनन के मामले में समाज में वह जहाँ पर थी वहीं हैं- वह अब भी ज़ुल्म का शिकार बनती है- पैदाइश से पूर्व कोख सें ही इस की शुरूआत होती है। एम0टी0पी0 एक्ट हो या पी0एन0डी0टी एक्ट सभी का उलंघन होता है। दुखद पहलू यह है कि कन्या भ्रूण हत्या में स्वंय उसकी माँ संलिप्त होती है। इससे आगे देखिये ‘आनर किलिंग‘ का वार भी अधिकतर इन्ही को झेलना पड़ता है। धनीवर्ग में अब एक नई बात सामने आई है- शादी से पहले एच0आई0वी0 रिर्पोट कन्या पक्ष से ली जाती है- बात अच्छी ज़रूर है- आगामी जीवन साथी की एड्स ग्रसित होने की जानकारी लेना कोई बुरी बात नहीं है- सभी जानते हैं कि संक्रमित खून से संर्पक तथा किसी ऐसे से असुरक्षित यौनाचार से इस मर्ज़ के लग जाने की संभावना होती है, जो पहले से इस रोग से ग्रसित हो। देखा गया है कि एच0आई0वी0 की रिर्पोट वर पक्ष वाले कन्या पक्ष से मांगते हैं। कहने को तो मर्ज़ जानने की रिर्पोट- परन्तु इसके पीछे यह मानसिकता छुपी है कि कन्या के पूर्व यौनाचार की पुष्टि हो जाय। आखि़र दूसरे पक्ष की रिर्पोट लेने का प्रचलन क्यों नहीं है ?
कहीं-कहीं कोई लड़की अपनी सशक्तता का यदि सुबूत देना चाहती है तब लोग असंमजस में पड़ जाते हैं- देखिये यह प्रकाशित रिर्पोट-
शामली (मुज़फ़फर नगर) के दयानंद मोहल्ला निवासी जम्मू में तैनात एक फ़ौजी का रिश्ता जयपुर निवासी एक लड़की से तय हुआ। मंगती की रस्म हो चुकी है। शादी की तारीख भी तय है। लड़की गोवा में साफ़्टवेयर इन्जीनियर है। शादी की तैयारियों में जुटे दोनो परिवार के सामने उस समय अजीब असमंजस की स्थिति पैदा हो गई जब लड़की नें भावी पति को एक प्रस्ताव भेजा जिसमें कहा गया है कि ‘‘गिव मी एच0आई0वी0 टेस्ट रिर्पोट, आफ़टर दैट आई विल मैरी यू‘‘।
लड़की यदि ये ‘शेर‘ भी लिख देती, तो पूरे पुरूष-वर्ग को एक करारा जवाब होता।
हम आह भी करते हैं तो हो जाते हैं बदनाम
तुम क़त्ल भी करते हो तो चर्चा नहीं होता।

डॉक्टर एस.एम हैदर
फ़ोन : 05248-220866

2 टिप्‍पणियां:

Udan Tashtari ने कहा…

ये नई बात सुनी...एच आई वी टेस्ट की रिपोर्ट मांगना याने चरित्र पर संदेह तय है फिर भी अगर एच आई वी पाजोटिव नहीं है तो विवाह कर लेगी???


(एक ही बात इतने सारे ब्लॉग्स से क्यूँ बार बार पोस्ट करते हैं, कोई खास वजह इसकी?)

संगीता स्वरुप ( गीत ) ने कहा…

केवल इसका एक पक्ष ना देखें...खाली यह चरित्र पर संदेह करने की बात नहीं है..क्यों कि यह बीमारी...खून के ज़रिये भी आ जाती है..अभी कहीं दुर्घटना द्वारा भी...जब वर पक्ष इसकी मांग कर सकता है तो कन्या क्यों नहीं ?