शुक्रवार, 30 जुलाई 2010

वर्ष के श्रेष्ठ विज्ञान पोस्ट का सम्मान,वर्ष के श्रेष्ठ उत्सवी गीतकार का सम्मान

वर्ष के श्रेष्ठ विज्ञान पोस्ट का सम्मान

१० मई २०१० को हिंदी के प्रतिष्ठित समाचार पत्र जनसत्ता के नियमित स्तंभ में एक आलेख ब्लोगोत्सव-२०१० से साभार प्रकाशित किया गया था , शीर्षक था " भविष्य का यथार्थ"
यह अपने आप में एक प्रमाण है पोस्ट की श्रेष्ठता का , इस आलेख में भविष्य से संबंधित उन पहलूओं पर प्रकाश डाला गया है जो पूर्णत: प्रमाणिक और सत्यता से परिपूर्ण है !
इसके लेखक हैं जीशान हैदर जैदी

ब्लोगोत्सव की टीम ने इस पोस्ट को वर्ष का श्रेष्ठ विज्ञान पोस्ट का अलंकरण देते हुए इसके लेखक को सम्मानित करने का निर्णय लिया है !



वर्ष के श्रेष्ठ उत्सवी गीतकार का सम्मान

कहा गया है कि प्रेम में जीव अभय हो जाता है , वहां तो सिर्फ समर्पण ही रह जाता है ! प्रेम सर्वस्व न्योछावर करके गदगद हो जाता है ! अहंकार सबकुछ पाकर भी खुश नहीं होता है ! प्रेम दूसरों की छाया बनकर अपने को धन्य मानता है, अहंकार दूसरो की छाया छीनकर भी उदास बना रहता है ....प्रेम जब कुछ बाँट नहीं पाता तब दुखी होता है !

ऐसे दो गीतकार हैं हमारे चिट्ठाजगत में जिनका एक मात्र उद्देश्य है प्रेम बांटना ....उनके गीतों में प्रेम की कोमलता होती है और छंद श्रृंगार से सराबोर ! इनके गीत ह्रदय की धड़कन और साँसों के आरोह-अवरोह के वे सरगम होते हैं जिसमें डूबकर पाठक सत्य -शिव और सुन्दर की तलाश हेतु आतुर हो जाता है !

ये दोनों गीतकार हैं क्रमश: डा. रूप चन्द्र शास्त्री मयंक और संजीव वर्मा सलिल


इन दोनों सुमधुर गीतकारों को ब्लोगोत्सव की टीम ने वर्ष के श्रेष्ठ उत्सवी गीतकार का अलंकरण देते हुए सम्मानित करने का निर्णय लिया है !
suman

3 टिप्‍पणियां:

Udan Tashtari ने कहा…

बहुत बहुत बधाई एवं हार्दिक शुभकामनाएँ.

बी एस पाबला ने कहा…

बधाई व शुभकामनाएँ

बी एस पाबला

Rajendra Swarnkar ने कहा…

आदरणीय आचार्य संजीव वर्मा जी सलिल
और
आदरणीय डा. रूप चन्द्र शास्त्री जी मयंक

बहुत बहुत बधाई एवं हार्दिक शुभकामनाएं !

शस्वरं पर भी आपका हार्दिक स्वागत है !

- राजेन्द्र स्वर्णकार
शस्वरं