बुधवार, 16 फ़रवरी 2011

लोकसंघर्ष पत्रिका के मार्च 2011 अंक का आवरण




















सुमन
लो क सं घ र्ष !

11 टिप्‍पणियां:

डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री मयंक (उच्चारण) ने कहा…

बहुत सुन्दर और मनभावन!

honesty project democracy ने कहा…

बहुत बढियां..

योगेन्द्र पाल ने कहा…

बहुत अच्छा

दिनेशराय द्विवेदी Dineshrai Dwivedi ने कहा…

बहुत सुंदर!!!

Mukesh Kumar Mishra ने कहा…

ब्लॉग के माध्यम से अच्छा कार्य।

विनोद पाराशर ने कहा…

अति-सुंदर!

अख़्तर खान 'अकेला' ने कहा…

prkashn ke liyen bdhaayi or khubsurt [age makin ke liyen dubara bdhaai . akhtar khan akela kota rajsthan

रवीन्द्र प्रभात ने कहा…

बहुत बढियां !

निर्मला कपिला ने कहा…

बहुत बडःइया आपको बधाई।

आशीष कुमार 'अंशु' ने कहा…

अतिसुंदर!

परमजीत सिँह बाली ने कहा…

बहुत बढियां..