सोमवार, 14 फ़रवरी 2011

बलात्कारों की बरसात व मुख्यमंत्री के कानून व्यवस्था की समीक्षा

नौकरों को डांटती हुई मुख्यमंत्री

उत्तर प्रदेश की मुख्यमंत्री मायावती कानून व्यवस्था विकास सम्बन्धी कार्यों के प्रगति के लिए पूरे प्रदेश में दौरा कर रही हें और तुनकमिजाजी के अंदाज में अधिकारीयों को हटाना निलंबित करना डांटना फटकारना जारी है अधिकारीगण अच्छे कलाकार की भांति मुख्यमंत्री को खुश करने के लिए स्थल निरीक्षण वाले स्थानों को खूबसूरती से सजा संवार कर मुख्यमंत्री से कोप भाजन से बचने का प्रयास करते हैं जबकि हालात जस के तहत हैं
पिछले 24 घंटो में अंतर्गत धारा 376 के 6 मामले दर्ज किये गए सुलतानपुर, गाजीपुर, फैजाबाद, हाथरस, मुजफ्फरनगर इटावा समेत बलात्कार की घटनाएं हुई हैं अन्य गंभीर अपराधों के विवरण की तरफ अगर निगाह डाली जाए तो कानून व्यवस्था के मोर्चे पर सरकार फ़ेल होती नजर आती है बसपा के अधिकांश विधायक अपराधी प्रवित्ति के हैं और असली खतरा कानून व्यवस्था को उन्ही से है भ्रष्टाचार जन सुविधाओ के मामलो में सरकार की शोहरत बद से बदतर है जनपद बाराबंकी में मुख्यमंत्री का निरिक्षण निर्धारित तिथि 12 फरवरी से एक दिन पूर्व 11 फरवरी को ही हो गया उसका मुख्य कारण भारत सरकार के इस्पात राज्य मंत्री बेनी प्रसाद वर्मा के जन्मदिन का कार्यक्रम था उस कार्यक्रम को फ्लॉप शो साबित करने के लिए मुख्यमंत्री जी का कार्यक्रम उसी दिन कर दिया गया इस्पात मंत्री को महंगाई जैसा मुद्दा विरोधियों की अफवाह लगी वहीँ मुख्यमंत्री के दौरे के समय सड़क पर चल रही मोटर साइकिल स्कूटरों को सड़क के किनारे खड़ा करा दिया गया पुलिस ने जनता को आदेश दिया की सड़क की तरफ देखे और अपनी पीठ सड़क की दिशा में करके खड़े हो जाएँ सडकों पर किसी को पैदल भी नहीं चलने दिया गया बाराबंकी जनपद के थाना बद्दूपुर के ग्राम पहाडपुर में गरीब किसानो के खेत फसले नष्ट कर दी गयी लोगों के खेत में जबर्दस्ती रातो-रात सडकें बना दी गयीं हेलिपैड फसलों को नष्ट करके बना दिया गया किसी को कोई मुवावजा नहीं दिया गया क्योंकि 11 फरवरी को बाराबंकी जनपद लोकतांत्रिक भारत का हिस्सा ही नहीं था उस दिन बाराबंकी जनपद सामंतवाद के तहत था और सारे कार्य सामंती स्टाइल में हो रहे थे

सुमन
लो क सं घ र्ष !

3 टिप्‍पणियां:

Tarkeshwar Giri ने कहा…

येही तो समस्या हैं देश कि, आखिर बेनी प्रसाद को गरीब किसान वोट ही क्यों देते हैं., अब गुस्ताखी करेंगे तो दंड तो मिलेगा ही ना.

ZEAL ने कहा…

दुर्दशा कर दी है इन्होने राज्य की ।

डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री मयंक (उच्चारण) ने कहा…

गरीबों की मसीहा??