बुधवार, 20 फ़रवरी 2013

श्रमिक संघ एक साथ

एटक महासचिव गुरुदास दासगुप्ता ने शनिवार को कहा कि पहली बार सभी श्रमिक संघ एक साथ आए हैं। सरकार महंगाई, सरकारी उपक्रमों के विनिवेश और श्रम कानूनों का अनुपालन न होने के मामले में हाथ पर हाथ धरे बैठी है। उन्होंने दावा किया कि हड़ताल में दस करोड़ से ज्यादा कामगार शामिल होंगे। भाजपा से जुड़ी भारतीय मजदूर संघ और कांग्रेस से जुड़ी ऑल इंडिया ट्रेड यूनियन कांग्रेस (एटक) के अलावा इंडियन नेशनल ट्रेड यूनियन कांग्रेस, हिंद मजदूर सभा और सेंटर ऑफ इंडियन ट्रेड यूनियंस (सीटू) जैसे संगठनों ने संयुक्त रूप से हड़ताल का समर्थन किया है। इसके अलावा सड़क परिवहन, पोत, पेट्रोलियम, कोयला, स्टील, निर्माण कार्यो की यूनियनें भी हड़ताल में शामिल होंगी। बैंकिंग, बीमा और अन्य वित्तीय सेवाएं भी इसमें कूदेंगी। एटक के राष्ट्रीय सचिव अमरजीत कौर ने सभी के लिए पेंशन और बोनस और भविष्य निधि के लिए लगी सीमा हटाने पर मांग की है। उन्होंने कहा कि सरकार पेट्रोल और डीजल के दामों का नियंत्रण अपने हाथ में ले।

ट्रेड यूनियनों के आह्वान पर देशभर में 2 दिनों की हड़ताल से आज कई राज्यों में सामान्य जनजीवन प्रभावित हुआ। बैंकिंग के साथ ट्रांसपोर्ट सेवाओं पर असर पड़ने से यात्रियों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा। अंबाला में इस दौरान एक बस को रोकने का प्रयास कर रहे एक यूनियन नेता की जान चली गई। नोएडा के फेज-2 इंडस्ट्रियल एरिया स्थित होजरी कॉम्प्लेक्स एरिया में हिंसा और आगजनी की खबरें हैं।

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