बुधवार, 18 सितंबर 2013

अपने खां साहब की नाराजगी का राज़

उत्तर प्रदेश के सुपर पॉवर प्राप्त मंत्री माननीय आजम खां साहब की भूमिका मुज़फ्फरनगर की हिंसा के सम्बन्ध में एक टीवी चैनल ने स्टिंग ऑपरेशन के द्वारा साफ़ कर दी और इसी कारण से खां साहब की नाराजगी का राज़ भी खुल गया. सत्तारूढ़ दल के नेताओं को इस बात का अंदाजा नहीं था की दंगा इतने  बड़े पैमाने पर हो जायेगा कि स्तिथि को कण्ट्रोल करने में सेना की मदद लेनी पड़ेगी खां साहब हमेशा नाराज की भूमिका में रहते हैं और अल्पसंख्यक समुदाय के सबसे बड़े हितैषी होने का दावा भी करते हैं लेकिन उस दावे में कोई दम नहीं होती है. मुज़फ्फरनगर की हिंसा में भी उनके दावों की पोल खुलने लगी और सीधे सीधे मुज़फ्फरनगर के प्रभारी मंत्री होने के नाते सभी जिम्मेदारियां उनके हिस्से में जाती हैं। जिस तरह से लूट, खसोट, बलात्कार हुए हैं उसकी भी जिम्मेदारी खां साहब के चमकते कुर्ते की चमक की सफेदी को धूमिल कर देते हैं।  
पुलिस महानिरीक्षक (कानून-व्यवस्था) राजकुमार विश्वकर्मा ने बताया ‘‘हमने स्टिंग आपरेशन सम्बन्धी रिपोर्ट देखी है और मेरठ के पुलिस महानिरीक्षक से उसकी जांच करने को कहा गया है.’’ 
कुछ पुलिस कर्मियों को स्टिंग ऑपरेशन के नाम पर निलंबित भी कर दिया गया है।
यूपी पुलिस ने 16 लोगों के खिलाफ गिरफ्तारी का वारंट जारी किया है, इनमें अलग-अलग पार्टियों के दस नेता शामिल हैं।
हुकुम सिंह, नेता, बीजेपी विधानमंडल दल, संगीत सोम, बीजेपी विधायक, सरधना,  सुरेश राणा, बीजेपी विधायक, कुंवर भारतेंद्र सिंह, बीजेपी विधायक, बिजनौर, साध्वी प्राची, नेता, बीजेपी, नरेश टिकैत, अध्यक्ष, भारतीय किसान यूनियन, राकेश टिकैत, नेता, भारतीय किसान यूनियन, कादिर राणा, बीएसपी सांसद, मुजफ्फरनगर, नूर सलीम राणा, बीएसपी विधायक, जमील अहमद, बीएसपी विधायक, सईदउज्जमा, पूर्व सांसद कांग्रेस, सईदउज्जमा के बेटे सलमान की गिरफ्तारी संभव नहीं हो पायी है क्यूंकि यह लोग साहित्यकार कँवल भारती नहीं है . इसलिए खां साहब का नाराज होना आवश्यक था क्यूंकि स्टिंग ऑपरेशन के अनुसार उन्ही के इशारे पर डीएम, एसपी  का स्थानान्तरण किया गया था और आज इस बात की जांच करने की जरुरत है की किस नेता के कहने पर प्रथम सूचना रिपोर्ट की तहरीर बदली गयी थी और पुलिस द्वारा गिरफ्तार अभियुक्तों को छोड़ा गया था और मुख्य बात यह भी है की सत्तारूढ़ दल समाजवादी पार्टी के कितने नेता इस हिंसा में शामिल थे उनके खिलाफ क्या कार्यवाई की जा रही है। 

सुमन 

3 टिप्‍पणियां:

Virendra Kumar Sharma ने कहा…

ये सब के सब लोग सेकुलर कहाते हैं सेकुलर होने का खाते हैं पीते हैं ओढ़ते हैं।

रूपचन्द्र शास्त्री मयंक ने कहा…

बहुत सुन्दर प्रस्तुति...!
आपको सूचित करते हुए हर्ष हो रहा है कि आपकी इस प्रविष्टि् की चर्चा आज बृहस्पतिवार (19-09-2013) आश्वासनों का झुनझुना ( चर्चा - 1373 में "मयंक का कोना" पर भी है!
हिन्दी पखवाड़े की हार्दिक शुभकामनाओं के साथ।
सादर...!
डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक'

Farruq Abbas ने कहा…

उम्दा पोस्ट।

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