सोमवार, 15 सितंबर 2014

संघियों तुम्हारा मुंह काला-देखो -------------


फर्जी लघु उद्योगो के नाम पर हजारो टन
कागजो पर चल रहे 78 उद्योगो के कोयले की काला बाजारी
  बीते वर्ष सतपुड़ा थर्मल पावर स्टेशन सारनी के लिए कोयला संकट को लेकर मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने पाथाखेड़ा की कोयला खदानो के कोयले पर सारनी थर्मल पावर स्टेशन को कोयला आपूर्ति न करने एवं कोयला की कालाबाजारी का आरोप लगाते हुये एक बड़ा राजनैतिक ड्रामा किया था। वे एक टोकड़ी में कोयला लेकर सारनी की ओर कूच किये थे लेकिन एक साल बाद केन्द्र एवं राज्य भाजपा शासित होने के बाद भी पाथाखेड़ा की कोयला खदानो से निकलने वाला अधिकांश कोयला सारनी थर्मल पावर स्टेशन के लिए न जाकर उसे रोड़ सेल की आड़ में फर्जी उद्योगो के परमीटो पर महंगे दामों में बेचा जा रहा है। मजेदार बात तो यह है कि अधिकांश भाजपा से जुड़े कोल टं्रासपोर्टर ही अब रोड़ सेल की कालाबाजारी का आरोप लगाने लगे है। काली माई ट्रक ओनर्स नामक संस्था ने जिला कलैक्टर बैतूल से लेकर पुलिस अधिक्षक एवं कोल सेल्स आफिसर वेस्टर्न कोल फिल्ड लिमीटेड नागपुर को भेजे शिकायती पत्र में आरोप लगाया है कि मध्यप्रदेश लघु उद्योग के नाम पर जारी कोयले के परमीट पर प्राप्त कोयले की कालाबाजारी हो रही है। कोल इंडिया को प्रति माह दो करोड़ रूपये की कोयले की आर्थिक क्षति के पीछे कारण बताते हुये ट्रक ओनर्स यूनियन के अध्यक्ष शिवनाथ सिंह का आरोप है कि लघु उद्योग का कोयला तवा वन , शोभापुर, तथा सारनी मांइस से रोड सेल के नाम पर जिन उद्योगो के नाम पर बाहर निकलता है उसकी शोभापुर काली मांई से फर्जी बिल्टी तैयार करके उसे खण्डवा, मण्डीदीप, भोपाल, इन्दौर, सीहोर, में नीजी उद्योगो को बेच कर कोयला माफिया करोड़ो रूपैया का मुनाफा कमा कर सेल टैक्स की भी चोरी कर रहा है। पड़ौसी राज्य महाराष्ट्र के नागपुर स्थित वेस्टर्न कोल फिल्ड के मुख्यालय नागपुर से लगी चन्द्रपुर जिले की कोयला खदानो से निकलने वाले कोयले की कालाबाजारी से सेल टैक्स की क्षति के मामलें में चन्द्रपुर जिला कलैक्टर ने सख्ती से कार्रवाई करके हडकम्प मचा दी है। चन्द्रपुर जिले की 34 कोयला खदानो से निकलने वाले कोयले की गुजरात तक हो रही कालाबाजारी की शिकायत चन्द्रपुर जिले के काग्रेंस नेता नन्दू नागरकर ने की थी। चन्द्रपुर कलैक्टर श्री दीपक महसेकर ने टीपी परमीट को ही कानून की नज़र में अपराध बताते हुये स्वंय भी कार्रवाई की एवं पुलिस तथा सेल टैक्स विभाग को भी कार्रवाई करने के निर्देश जारी किये। जिला उद्योग केन्द्र एवं राज्य लद्यु उद्योग मध्यप्रदेश , छत्तिसगढ़ द्वारा एक हजार परमीट जारी किये गये है जिन पर हजारो मैट्रिक टन कोयला प्रति दिन ब्लेक मार्केटिंग में चला जाता है। मध्यप्रदेश के सेल टैक्स कमिश्रर को प्रेषित शिकायत के अनुसार देश के माडल राज्य गुजरात की एक कंपनी कोयला का परमीट जारी किया गया है लेकिन कोयला गुजरात के बदले मध्यप्रदेश में ही मंहगे दामो पर बेचा जा रहा है। मध्यप्रदेश लघु उद्योग ने सीधे परमीट का कोयला उद्योगो को न देकर उसके लिए बकायदा नियम विरूद्ध एक बिचौलिये को अधिकृत कर दिया है। मध्यप्रदेश लघु उद्योग निगम भोपाल के पत्र दिनांक 23 8 2014 के अनुसार संजय कुमार वर्मा (रघुवंशी) आत्मज गणेश प्रसाद वर्मा को 15 सौ मैट्रिक टन बिक्स कोयले के परमीट के लिए अधिकृत किया है जो कि 78 उद्योगो के नाम पर आवंटित किया गया है। उक्त कोयला शोभापुर खदान से दिया जाना है। श्री बीएन तिवारी जनरल मैनेजर बीडीसी द्वारा आदेशित पत्र में लिखा गया है कि उक्त 15 सौ मैट्रिक टन कोयला शोभापुर , तवा टू एवं तवा खदान से दिया जाना है। यहां पर सूचि दिनांक शोभापुर खदान से मिक्स क्वालिटी का कोयला जिन उद्योगो के नाम पर आवंटित है उनके नाम इस प्रकार है:-
1.गोयल इंडस्ट्रिज होशंगाबाद 11 मैट्रिक टन
2. गायत्री कोंटिंग इंडस्ट्रीज प्रायवेट लिमीटेड बुरहानपुर 10 मैट्रिक टन,
3.गुप्ता शाप इंडस्ट्रीज खिलचीपुर राजगढ़ 10 मैट्रिक टन
4. गणेश एग्रो इंडस्ट्रीज राजगढ़ 10 मैट्रिक टन
5.गुरू इंडस्ट्रीज राजगढ़ 10 मैट्रिक टन
6. हनु मान उद्योग बुरहानपुर 10 मैट्रिक टन
7. हरिहर शाप मिल होशंगाबाद 11 मैट्रिक टन
8. हीरो इंटर प्राइजेस होशंगाबाद 17 मैट्रिक टन
9. इंडिया इंजीनिरींग होशंगाबाद 11 मैट्रिक टन
10. इव्स ड्रग्स इंडिया प्रायवेट लिमीटेड प्रीथमपुर 10 मैट्रिक टन
11. जय भवानी ड्रिट्रीजेन्ट शाप इंडस्ट्रीज शाजापुर 14 मैट्रिक टन
12. जीवन उद्योग बुरहानपुर 11 मैट्रिक टन
13. ज्योति ट्रिम्बर इंडस्ट्रीज होशंगाबाद 11 मैट्रिक टन
14. जीवन शीजिंग वक्र्स बुरहानपुर 10 मैट्रिक टन
15. जानू उद्योग होशंगाबाद 17 मैट्रिक टन
16. जुगनू केलसिनटन छिन्दवाड़ा 10 मैट्रिक टन
17. जे के उद्योग छिन्दवाड़ा 10 मैट्रिक टन
18. कैलाश टैक्स टाइल इंडस्ट्रीज बुरहानपुर 10 मैट्रिक टन
19. के एस आइल मुरैना 12 मैट्रिक टन
20. किशन इंडस्ट्रीज होशंगाबाद 14 मैट्रिक टन
21. खान मेन्यूफेक्चर होशंगाबाद 17 मैट्रिक टन
22. करिश्मा एग्रो इंडस्ट्रीज शाजापुर 11 मैट्रिक टन
23. किशन एग्रो इंडस्ट्रीज शाजापुर 11 मैट्रिक टन
24. किशना एग्रो इंडस्ट्रीज शाजापुर 11 मैट्रिक टन
25. किशन एग्रो यंत्र शाजापुर 12 मैट्रिक टन
26. कान्हा शाफ फैक्ट्ररी इन्दौर 15 मैट्रिक टन
27. ख्यात्री फूडस रायसेन 13 मैट्रिक टन
28. महाराजा प्रोसेसर बुरहानपुर 11 मैट्रिक टन
29. महेन्द्रा एण्ड महेन्द्रा शीजिंग मिल्स बुरहानपुर 10 मैट्रिक टन
30.मैक्सो हेल्थ केयर प्रायवेट लिमीटेड मण्डीदीप 17 मैट्रिक टन
31.मालवा टायर रिमोल्ड शाजापुर 10 मैट्रिक टन,
32. मां काली एग्रो इंडस्ट्रीज राजगढ 10 मैट्रिक टन
33. मालवा टायर रिमोल्डींग धोबी चौराहा शाजापुर 13 मैट्रिक टन
34. मारवाड़ी एग्रो इंडस्ट्रीज शाजापुर 11 मैट्रिक टन
35. मंगलम् केमिक्स मण्डीदीप 15 मैट्रिक टन
36.मध्यप्रदेश एग्रो फूडस इंडस्ट्रीज लिमीटेड मण्डीदीप 10 मैट्रिक टन
37. महाकाल उद्योग उज्जैन 15 मैट्रिक टन
38. मध्य भारत फोसाटे लिमीटेड यूनिट 2 झाबुआ 14 मैट्रिक टन
39. एमपी एग्रोटेनिक मण्डीदीप 10 मैट्रिक टन,
40. एमपी बोर्ड एवं पेपर मिल प्राय. लिमी. विदिशा 18 मैट्रिक टन
41. महाकाली फूडस लिमीटेड देवास 18 मैट्रिक टन
42. एम पी एग्रो न्यूचरी फूडस लिमी. इन्दौर 10 मैट्रिक टन
43 मध्य भारत प्रोसेसट रायसेन 10 मैट्रिक टन
44. मनीष एग्रोटेक लिमी. प्रीथमपुर 18 मैट्रिक टन
45. नवभारत पावरलूम बुरहानपुर 11 मैट्रिक टन
46. नोशलर इंटरनेशनल प्राय. लिमी. मण्डीदीप 13 मैट्रिक टन
47. नाकोडा एग्रो इंडस्ट्रीज राजगढ़ 10 मैट्रिक टन,
48. नील कमल प्रोसेसकार बुरहानपुर 10 मैट्रिक टन
49. सुधीर इंडस्ट्रीज होशंगाबाद 11 मैट्रिक टन
50. श्री कुंज बिहारी प्रोसेस बुरहानपुर 10 मैट्रिक टन
51.श्री नर्मदा प्रोजेक्ट होशंगाबाद 15 मैट्रिक टन
52. सम्यक फ्रेबरीक प्राय. लिमी. बुरहानपुर 10 मैटिक टन
53. सूरजभान आइल प्राय. लिमी. मुरैना 10 मैट्रिक टन
54. सिंग एग्रो इंडस्ट्रीज मालवीय गंज इटारसी होशंगाबाद 10 मैट्रिक टन
55.श्रीजी इंडस्ट्रीज सोहागपुर बैतूल 13 मैट्रिक टन
56. शिव इंडस्ट्रीज होशंगाबाद 11 मैट्रिक टन
57. श्री कृष्णा इंडस्ट्रीज उज्जैन 15 मैट्रिक टन
58. सम्राट प्रोसेसर बुरहानपुर 10 मैट्रिक टन
59. एस एम टैक्स टाइल वक्र्स बुरहानपुर 11 मैट्रिक टन
60. संघर्ष एग्रो इंडस्ट्रीज शाजापुर 11 मैट्रिक टन
61. सूरज कोल कंटीना इंडस्ट्रीज छिन्दवाड़ा 10 मैट्रिक टन
62. श्री ईश्वर इंडस्ट्रीज प्राय. लिमी. छिन्दवाड़ा 11 मैट्रिक टन
63. शिवम इंडस्ट्रीज बैतूल 13 मैट्रिक टन
64. श्रीजी कारर्पोरेशन इन्दौर 10 मैट्रिक टन
65. सर्वोत्तम वेजीटेबल रिफाइनरी प्राय. लिमी. इन्दौर 10 मैट्रिक टन
66. साई शक्ति एग्रोटे धार 10 मैट्रिक टन
67. श्री पंकज इंडस्ट्रीज बैतूल 13 मैट्रिक टन
68. तिरूपति एग्रो प्रोसेसस खरगोन 14 मैट्रिक टन
69. तिरूमला सिजिंग मिल बुरहानपुर 10 मैट्रिक टन
70. टरबो टायर छिन्दवाड़ा 10 मैट्रिक टन
71. यूनीटी पल्प पेपरर्स होशंगाबाद 11 मैट्रिक टन
72. यूनिवर्सल इंडस्ट्रीज होंशंगाबाद 18 मैट्रिक टन
73. विश्वकर्मा एग्रो इंडस्ट्रीज शाजापुर 11 मैट्रिक टन
74. विश्व मंगलम इंटरप्राइजेस झाबुआ 10 मैट्रिक टन
75. वानटेक फूडस इंडिस्ट्रीज छिन्दवाड़ा 12 मैट्रिक टन
76. व्येंकटेश न्यूचरल एक्साट्रेक छिन्दवाड़ा 12 मैट्रिक टन
77. वंशीका इंडस्ट्रीज छिन्दवाड़ा 10 मैट्रिक टन
78. योगेश इंडस्ट्रीज होशंगाबाद 14 मैट्रिक टन
कोयला का आवंटन
बाक्स में
पाथााखेड़ा में एक बार फिर कोयला माफिया के रूप में पुन: रक्त संघर्ष की स्थिति
दो कौड़ी का कोयला दलाल बना कोल माफिया, बनाई करोड़ो की संपत्ति का मालिक
बैतूल, मध्यप्रदेश लघु उद्योग भोपाल द्वारा कुछ माह पूर्व तक कोयले के परमीट और आंवटन का काम सीधे फम्र्स को जाता था उसकी एक प्रति सेल्स आफिसर को आती थी। अब कोयला आवंटन एवं परमीट तथा टीपी परमीट का पूरा काम बिचौलियें के माध्यम से होने लगा है। छै माह पूर्व झोपड़ी में रहने वाले छिन्दवाड़ा जिले की कोयला खदानो में कोयले की दलाली का काम कर रहे संजय की किस्मत अचानक पलटी खाई और वह झोपड़ी से महलो में जा पहुंचा। भोपाल के किसी बलवीर नामक व्यक्ति के लिए काम करने वाला संजय आज करोड़ो की बेनामी संपत्ति का मालिक बन गया है। सोचो कल तक जिसके पास ढंग की मोटर साइकिल नहीं थी आज वह 15 लाख की गाडिय़ों में घुम कैसे रहा है। पर्दे के पीछे की कहानी कुछ इस प्रकार है कि कोयला खदानो से स्ट्रीक एवं सिलेक कोयला जिन लघु उद्योगो के नाम पर जारी किया जाता है उन्हे उक्त कोयला 25 सौ रूपये प्रति मैट्रिक टन के हिसाब से दिया जाता है लेकिन उसकी यदि निलामी की जाये तो वहीं कोयला 5500 सौ के हिसाब से बिकता है। भोपाल - मण्डीदीप, इन्दौर, प्रीथमपुर, देवास सीहोर के बाजार में उक्त कोयले की पहुंच कीमत 9 हजार रूपये प्रति मैट्रिक टन तक हो जाती है। पाथाखेड़ा का खेल देखिये यहां पर दो भाईयों की जुगल जोड़ी हमेशा सुर्खियों में रही है। संतोष - मंतोष - संजय - विजय के बाद अब अजय और संजय की जोड़ी सुर्खियों में है। पीसीआर कंपनी से निकाले गये अजय के हाथ उस समय लाटरी लग गई जब उसका छोटा भाई भोपाल के किसी बलवीर सिंह नामक बिचौलियें की मदद से मध्यप्रदेश लघु उद्योग के अधिकारियों को मोटी रकम देकर सीधे 15 सौ मैट्रिक स्ट्रीम एवं 15 सौ टन स्लेक कोयले की सप्लाई के आर्डर अपने नामजद ले आया। नियम यह कहता है कि जिसके नाम का परमीट है वह या उसका कोई अधिकृत व्यक्ति ही उक्त कोयले को पा सकता है। पूरा कोयला आवंटन किसी व्यक्ति विशेष के नाम पर नहीं जारी किया जा सकता। भोपाल के बीएन तिवारी ने सारे नियम कानून कायदे को ताक में रख कर बैतूल जिले के पाथाखेड़ा कोयलाचंल में बिहार की तर्ज पर कोल माफिया को जन्म दे दिया। लगभग साढ़े तीन दशक पहले पाथाखेड़ा में विश्राम सिंह नामक एक कोल माफिया का उदय हुआ था उस समय काफी रक्त संघर्ष होने के बाद उसके पर कतरने को जिला प्रशासन विवश हुआ लेकिन एक बार फिर उसी कोयला माफिया के रक्त बीज को जिंदा करके कोयलाचंल में वर्ग संघर्ष , रक्त संघर्ष को बढ़ावा देने की ओर कदम बढ़ा दिया गया है।
बाक्स
मोटी रकम का मोटा खेल
एन्ट्री का खेल सब कुछ हो जाए मेल
बैतूल, पाथाखेड़ा की कोयला खदानो से प्रति दिन रोड सेल का कोयला निर्घारित है लेकिन यहां पर पाथाखेड़ा की कोयला खदान के सब एरिया मैनेजर से लेकर बेरियर तक लम्बा चौड़ा खेल रहा है। नियम यह है कि कोयला खदान से परमीट धारक को बिना छंटाई के कोयला लेना है लेकिन 10 टन कोयला का परमीट धारक और 40 टन कोयले का परमीट धारक मजूदर लगा कर कोयले की प्रतिबंधित खदान एरिया में छटाई करके कोयला भरता है। ओव्हर लोड के नाम पर कोयला धारक 10 टन के बदले 15 टन और कभी - कभी तो 28 टन तक भर लेता है। एरिया मैनेजर एवं पूरे स्टाफ को एक परमीट धारक प्रतिदिन सौ रूपये तथा सेल्स विभाग को प्रति टन दो से तीन रूपैया देता है। एक नम्बर की गाड़ी एक ही बार में कोयला चेक पोस्ट से आती है और जाती है लेकिन बेरियर वालो की सेंटिग की वजह से एक नम्बर की गाड़ी समयावधि के पूर्व अपने वाहन का क्रासिंग 18 किमी के पूर्व करके पुन: उसी परमीट पर दुबारा कोयला प्राप्त कर लेता है। इस काम में बेरियर , वीटो मीटर एवं सेल्स आफिसर तथा सब एरिया मैनेजर की टं्रासपोर्टर एवं परमीट धारक से सीधी मिली भगत होती है। जानकार सूत्रो का दावा है कि कोयला खदानो से परमीट पर कोयला 22 सौ रूपये प्रति मैटिक टन मिलता है लेकिन कोयला खदान क्षेत्र से काली माई आने के बाद वही कोयला 6 हजार 500 सौ से 7 हजार रूपये प्रति मैट्रिक टन हो जाता है। स्लेक कोयला 22 सौ रूपये तथा स्ट्रीम कोयला 24 सौ रूपये प्रति मैट्रिक टन परमीट धारक को मिलता है। कोयला की भराई के पहले ही छटाई हो जाने से कोयला का स्तर काफी अच्छा हो जाता है। सी ग्रेड का कोयला छंटाई के बाद ए ग्रेड का हो जाता है। एक दिन में एक चौपहिया से लेकर बारह पहिया वाहन में कोयला की भराई नियमानुसार दस मैट्रिक टन होना चाहिए लेकिन एक ट्रक में कम से कम 10 और अधिक से अधिक 28 टन तक कोयला भरा जाता है। एक समय में एक ट्रांसपोर्टर ओव्हर लोड के लिए पुलिस और अन्य खर्च के लिए कालीमाई पर तीन सौ रूपये एन्ट्री देता है। क्रासिंग के काम का रूपैया अलग होता है जो कि कोई लालू भाई नामक व्यक्ति द्वारा पुलिस से लेकर विधायक तक के नाम पर वसूला जाता है। जानकार सूत्रो का यहां तक कहना है कि कालीमाई पर इस समय संजय सिंह रघुवंशी - अजय सिंह रघुवंशी नामक दोनो भाई प्रति दिन शोभापुर खदान से 15 सौ मैट्रिक टन कोयला आवंटित किया जाता है। इसी तरह तवा टू खदान से 71 परमीट धारको को 15 सौ मैट्रिक स्लेक कोयला आवंटित किया जाता है। इसी कड़ी में तवा खदान से 56 परमीट धारको को 12 सौ मैट्रिक टन स्ट्रीम कोयला आवंटित किया जाता है। जानकार सूत्रो का कहना है कि 42 सौ मैट्रिक टन कोयला प्रतिदिन मध्यप्रदेश लघु उद्योग निगम के पत्रानुसार परमीट धारको को दिया जाता है। मध्यप्रदेश में सबसे अधिक परमीट पर कोयला पड़ौसी होशंगाबाद जिले के 13 लघु उद्योगो को दिया जाता है। दुसरे नम्बर पर पड़ौसी छिन्दवाड़ा जिला आता है जिसके 10 लघु उद्योगो को कोयला दिया जाता है जबकि छिन्दवाड़ा जिले से कोयला दुसरे जिले के लघु उद्योगो को दिया जाता है। तीसरे नम्बर पर मध्यप्रदेश का बुरहानपुर जिला आता है जहां पर 9 लघु उद्योगो को स्ट्रीम कोयला दिया जाता है।
तवा टू खदान से जारी स्ट्रीम कोयला के परमीट धारको के नाम
अग्या आटो लिमीटेड युनिट टू धार 11 मैट्रिक टन
भारत टायर्स शाजापुर 10 मैट्रिक टन
कॉक्स इंडिया लिमीटेड छतरपुर 17 मैट्रिक टन
किसान इंडिस्ट्रीज होशंगाबाद 19 मैट्रिक टन
खान मेन्यूफेचर होशंगाबाद 21 मैट्रिक टन
कृष्णा एग्रो इंडस्ट्रीज शाजापुर 14 मैट्रिक टन
किसान एग्रो इंडस्ट्रीज शाजापुर 15 मैट्रिक टन
किसान एग्रो यंत्र शाजापुर 16 मैट्रिक टन
कान्हा शो फैक्ट्ररी इन्दौर 20 मैट्रिक टन
ख्याति फूडस रायसेन 18 मैट्रिक टन
महाराजा प्रोसेसर बुरहानपुर 16 मैट्रिक टन
महेन्द्र एण्ड महेन्द्र शाइजिंग मिल्स बुरहानपुर 11 मैट्रिक टन
मैक्सन हेल्थ केयर प्रा. लि. मण्डीदीप रायसेन 20 मैट्रिक टन
मालवा टायर रिमोल्ड शाजापुर 10 मैट्रिक टन
मां काली एग्रो इंडस्ट्रीज ब्यावरा राजगढ़ 10 मैट्रिक टन
मालवा टायर रिमोल्डिींग धोबी चौराहा शाजापुर 18मैट्रिक टन
मारवाड़ी एग्रो इंडस्ट्रीज शाजापुर 15 मैट्रिक टन
मंगलम सेरामिक्स मण्डीदीप रायसेन 19 मैट्रिक टन
मध्यप्रदेश एग्रो फूडस इंडस्ट्रीज लिमीटेड मण्डीदीप 11 मैट्रिक टन
महाकाल उद्योग उज्जैन 20 मैट्रिक टन
मध्यभारत फोसफेट प्रा.लि. युनिट टू झाबुआ 19 मैट्रिक टन
एम पी एग्रोटोनिक्स मण्डीदीप 11 मैट्रिक टन
एम पी बोर्ड एण्ड पेपर मिल प्रा.लि. विदिशा 20 मैट्रिक टन
महाकाली फूडस प्रा.लि. देवास 20 मैट्रिक टन
रूसोमा लेबोस्ट्रीज प्रा.लि. इन्दौर 10 मैट्रिक टन
श्रीनिवास बोर्ड एण्ड पेपर प्रा.लि. देवास 15 मैट्रिक टन
साहू टायर रिमोल्डींग राजगढ़ 11 मैट्रिक टन
संदीप एग्रो राजगढ़ 10 मैट्रिक टन
शीतल डिटर्जेन्ट राजगढ़ 11 मैट्रिक टन
शिवशक्ति पेपर मिल्स लिमी. विदिशा 17 मैट्रिक टन
स्वास्तीक एग्रो पार्क होशंगाबाद 14 मैट्रिक टन
सुधीर इंडस्ट्रीज होशंगाबाद 13 मैट्रिक टन
श्री कुंज बिहारी प्रोसेस बुरहानपुर 10 मैट्रिक टन
श्री नर्मदा प्रोजेक्ट होशंगाबाद 19 मैट्रिक टन
सम्यक फेब्रिक्स प्रा.लि. बुरहानपुर 10 मैट्रिक टन
सूरजभान आइल्स प्रा. लि. मुरैना 12 मैट्रिक टन
सिंग एग्रो इंडस्ट्रीज मालवीय गंज इटारसी होशंगाबाद 10 मैट्रिक टन
श्री जी इंडस्ट्रीज सोहागपुर बैतूल 17 मैट्रिक टन
शिव इंडस्ट्रीज होशंगाबाद 13 मैट्रिक टन
श्री कृष्णा इंडस्ट्रीज उज्जैन 19 मैट्रिक टन
सम्राट प्रोसेसर बुरहानपुर 11 मैट्रिक टन
एस.एम. टेक्सटाइल वक्र्स बुरहानपुर 16 मैट्रिक टन
संघर्ष एग्रो इंडस्ट्रीज शाजापुर 14 मैट्रिक टन
सूरज केलीसीनेशन इंडस्ट्रीज छिन्दवाड़ा 10 मैट्रिक टन
एस. ईश्वार इंडस्ट्रीज छिन्दवाड़ा 11 मैट्रिक टन
श्री नकोडा केमिकल्स छिन्दवाड़ा 13 मैट्रिक टन
शिवम इंडस्ट्रीज बैतूल 17 मैट्रिक टन
शोमी इंडस्ट्रीज छिन्दवाड़ा 10 मैट्रिक टन
श्रीजी कारपोरेशन इन्दौर 10 मैट्रिक टन
सर्वोत्तम वेजिटेबल आइल रिफाइनरी इन्दौर 10 मैट्रिक टन
साई शक्ति एग्रोटेक धार 10 मैट्रिक टन
श्री पंकज इंडस्ट्रीज बैतूल 17 मैट्रिक टन
तिरूपति एग्रो प्रोसेसर्स खरगोन 18 मैट्रिक टन
तिरूमला साइजींग मिल्स बुरहानपुर 10 मैट्रिक टन
टरबो टायर्स छिन्दवाड़ा 10 मैट्रिक टन
युनिटी पल्प पेपर्स होशंगाबाद 15 मैट्रिक टन
युनिवर्सल इंडस्ट्रीज होशंगाबाद 19 मैट्रिक टन
विश्वकर्मा एग्रो इंडस्ट्रीज शाजापुर 15 मैट्रिक टन
विश्वमंगल इंटर प्राईजेस झाबुआ 10 मैट्रिक टन
वंकटेश फूडस इंडस्ट्रीज छिन्दवाड़ा 16 मैट्रिक टन
वेंकटेश नेच्यूरल एक्सटे्रक्ट प्रा. लिमी. 16 मैट्रिक टन
वंशिका इंडस्ट्रीज छिन्दवाड़ा 10 मैट्रिक टन
योगेश इंडस्ट्रीज होशंगाबाद 18 मैट्रिक टन
गणेश एग्रो इंडस्ट्रीज राजगढ़ 10 मैट्रिक टन
गुरू शोप इंडस्ट्रीज राजगढ़ 10 मैट्रिक टन
हनुमान उद्योग बुरहानपुर 10 मैट्रिक टन
हरि हर सॉ मिल होशंगाबाद 14 मैट्रिक टन
हीरो इंटरप्राइस होशंगाबाद 20 मैट्रिक टन
इंडिया इंजीनियरींग होशंगाबाद 14 मैट्रिक टन
आइव्स ड्रग्स इंडिया प्रा. लि. पीथमपुर 10 मैट्रिक टन
जय भवानी डिटर्जेन्ट शोप इंडस्ट्रीज शाजापुर 18 मैट्रिक टन
जीवन उद्योग बुरहानपुर 10 मैट्रिक टन
ज्योति टिम्बर इंडस्ट्रीज होशंगाबाद 15 मैट्रिक टन
जीवन शाइजिंग वक्र्स बुरहानपुर 10 मैट्रिक टन
जानू उद्योग होशंगाबाद 20 मैट्रिक टन
जुगनू केल्सीनेशन छिन्दवाड़ा 10 मैट्रिक टन
जे.के. उद्योग छिन्दवाड़ा 12 मैट्रिक टन
कैलाश टैक्सटाईल्स इंडस्ट्रीज बुरहानपुर 10 मैट्रिक टन
के. एस. ऑईल मुरैना 17 मैट्रिक टन
करिश्मा एग्रो इंडस्ट्रीज शाजापुर 15 मैट्रिक टन
लगातार प्रकाशित
---------राम किशोर पंवार  बैतूल

1 टिप्पणी:

रविकर ने कहा…

आपकी उत्कृष्ट प्रस्तुति मंगलवार के - चर्चा मंच पर ।।