शुक्रवार, 21 नवंबर 2014

औरंगाबाद के आरोपी गुजरात बम विस्फोट मामले में 3 आरोपी आरोप मुक्त

 

 मुंबई : आठ मई, 2006 को एटीएस ने औरंगाबाद के निकट एक टाटा सुमो और इंडिका कार से हथियार और विस्फोटक बरामद गिए थे। जिसमें आर्थर रोड जेल में बंद तीन आरोपियों को एक साजिश के तहत अहमदाबाद बम विस्फोट में भी अभियुक्त बना दियागया था और उसकी सूचना आरोपियों तथा उनके वकीलों को नहीं दी गयी .
फरवरी 2006 के विस्फोट की साजिश में उनकी कथित संलिप्प्ता के लिए अफरोज पठान , बिलाल अहमद उर्फ बिलाल कातिब  और मुस्तफा सैय्यद को अहमदाबाद की मेत्रोपोलियन अदालत ने आरोप मुक्त कर दिया था यह तीनो आरोपी औरंगाबाद के मामले में मई 2006 से कारगार में निरुद्ध थे . जमियत उलमा जो एक सामाजिक धार्मिक संगठन है तथा बेगुनाह मुस्ली नवजवानों को विभिन्न आतंकवादी गतिविधियों में निरुद्ध नवजवानों की रिहाई में मदद करता है ने अपने वकील शाहिद नदीम को इस केस पर काम करने के लिए नियुक्त किया इस सम्बन्ध में शहीद नदीम ने अहमदाबाद पुलिस से सूचना अधिकार अधिनियम के तहत सूचनाएं मांगी किन्तु गुजरात पुलिस ने इस बिनाह पर सूचना देने से इनकार कर दिया कि जांच में उनको सम्मिलित नहीं किया जा सकता है और जांच प्रभावित हो सकती है . अधिवक्ता डी डी पठान ने अहमदाबाद की अदालत से सभी कागजात कानूनी तौर से प्राप्त किये इन तीनो आरोपियों को अहमदाबाद की अदालत में 12 जून को पहली बार पेश किया गया . गुजरात ए टी एस ने साक्ष्यों के अभाव में अंतर्गत धरा 169 सी आर पी सी के तहत प्रार्थना पत्र दिया जिस पर न्यायलय ने इन तीनो आरोपियों को आरोप मुक्त करने का आदेश दे दिया इसके पूर्व गुजरात मामले में मोहम्मद इलियास मेनन व कांसटेबल कमलेश भगोरा को पहले ही न्यायलय आरोप मुक्त कर चुकी है .

तीनो आरोपियों को गुजरात पुलिस ने कहा था कि उन्हें एक आतंकी संगठन का समर्थन प्राप्त है जो राष्ट्र के खिलाफ युद्ध छेड़ने और एक प्रतिबंधित संगठन के साथ सहयोग कर रही है, आपराधिक षड्यंत्र के आरोप में गिरफ्तार किया गया था . औरंगाबाद मामले में चार अन्य अभियुक्त  शकील आमिर, आकिफ बियावानी , असलम कश्मीरी और सय्येज़ ज़ाबिहुद्दीन उर्फ अबू जुन्दल  सामना कर रहे हैं गुजरात मामले में निशान जुन्दल  मुंबई में 26/11 के आतंकी हमलों में एक प्रमुख संदिग्ध है और 26 नवंबर 2008 को मुंबई में 166 लोग मारे गए हैं, जो पाकिस्तानी आतंकवादियों के एक हैंडलर के रूप में वर्णित किया गया था
  
शाहिद नदीम ने बताया कि आरोप मुक्त करने के आदेश की प्रमाणित प्रतिलिपि प्राप्त करने के लिए प्रार्थनापत्र दे दिया गया है , जिसकी नक़ल औरंगाबाद मामले में मकोका अदालत में दाखिल की जाएगी.  जिससे इन आरोपियों की बेगुनाही साबित हो सकेगी .















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