शनिवार, 19 सितंबर 2015

सुभाष राजवंशी की थाने में हत्या

मजिस्ट्रीरियल जांच सं0-55 दि0 01.09.2015 व जांच सं0 0.66 दि0 07.09.2015 के सम्बन्ध मेें रणधीर सिंह सुमन सहसचिव भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी बाराबंकी का बयान मैं सशपथ बयान करता हूँ कि जनपद बाराबंकी के देवां थाने की चौकी माती में सरकारी कार्य के अतिरिक्त प्रापर्टी डीलिंग का भी कार्य होता था और प्रापर्टी डीलर के विवाद जमीन पर कब्जा दिलाना कब्जे को हटाना ही होता था। सुभाष राजवंशी उर्फ सुुभाष रावत वर्तमान नि0 सरसौंदी था। उसकेे मां-बाप मर जाने के कारण सरसौंदी स्थित ननिहाल में तीन वर्ष की आयु से रहता था। उसका पता सरसौंदी थाना, देवां नि0 बाराबंकी था लखनऊ नही दिनांक 30.08.2015 को माती बाजार मेें उसको माती चौकी इंचार्ज समेत जयप्रकाश यादव, प्रभूनाथ यादव, राजेन्द्र विष्ट सहित अन्य पुलिस कर्मियों ने पकड़कर सुभाष राजवंशी को पीटना प्रारम्भ कर दिया और फिर माती चौकी में ले जाकर मारा-पीटा क्योंकि सुभाष राजवंशी द्वारा प्रापर्टी बेचने के लिए तैयार नही था जब उसकी स्थित अत्याधिक खराब हो गयी तो उसकी मृत्यु हो जाने से बचाव के लिए 4 बजे दिनांक 30.08.2015 को देवां थाने ले जाकर पुलिस ने अपने बचाव में लाकप में आत्म हत्या की कहानी बनाकर सरकारी अभिलेखों में लिखा पढ़ी कर दी। पुलिस व प्रशासनिक अधिकारी थाना देवां जिला बाराबंकी पहंुचकर सुभाष राजवंशी की कथित खुदकुशी साबित करने के लिए प्रयास शुरू हुआ और रात को ही प्रशासनिक अधिकारियों ने चिकित्सा विभाग के डाक्टर व वीडियोग्राफर को मोबाइल से दिशा निर्देश देने लगे। इसी बीच में पुलिस व प्रशासनिक अधिकारी लखनऊ से सुभाष राजवंशी के सौतेले बाप को भी ले आई व सुभाष राजवंशी के सगे मामा रामसुचित रावत व नरेन्द्र रावत को ले आई और 31.08.2015 को प्रातकाल में पोस्टमार्टम हाउस में पोस्टमार्टम करा दिया जाता है। फिर भारी पुलिस बल व प्रशासनिक अधिकारियों के साथ भैंसाकुण्ड लखनऊ ले जाकर मामा व सौतेले पिता के सादे कागज पर हस्ताक्षर कराकर शव को जला दिया जाता है। जिससे पुनः पोस्टमार्टम संभव न हो सके। पोस्टमार्टम में एन्टी मार्टम इंजरी नही आई यदि पोस्टमार्टम के समय वीडियों रिकार्डिंग कैसेट की फोरेंसिक लैब में जांच करायी जायेगी तो यह साबित हो जायेगा की वीडियों में चोटों का निशान मिटाने के लिए कहाँ -कहाँ पर छेड़छाड़ की गयी है। 10 बजे 31.08.2015 को दिन में पुलिस व प्रशासनिक अमला सुभाष राजवंशी की शव दाह करके फुरसत पायी अगली कड़ी में दोषी कर्मचारियों ने सम्बंधित थाना देवा माती चैकी फूंकने की बात अधिकारियों को बतायी जाने लगी जिस पर कथित रूप से फूंकी चौकी में देखने के लिए उप जिलाधिकारी नवाबबगंज बाराबंकी का अगला जिलाधिकारी बाराबंकी पुलिस अधिकारी माती पुलिस चौकी माती पहुंच जाते हैं और उसके बाद थाना देवा की पुलिस बल व अमला पुलिस बल माती पहुंचकर पूरे माती बाजार को बलपूर्वक बन्द करा दे देती है। इसके बाद जरूवा गांव में पुलिस बल पहुचंकर राम दुलारे वर्मा व पूर्व प्रधान कल्लू राम जरूवा के घर में घुसकर जो मिला उसको मारा पीटा घर के सारे सामान को तोड़ दिया घर के बाहर जो सामान मिला उसको तोड़ डाला। पानी के इंजन व मोटर साइकिल कुए में डाल दिया। कल्लू व पूर्व प्रधान के घर में जीना तोड़ डाला इस तरह जरूवा गांव में पुलिस बल ने 50 लाखों के सामान को नष्ट कर दिया । इसके पश्चात मुरादाबाद मुजफ्फरमऊ सरसौंदी में भी लोगों को मारा पीटा गया और तोड़फोड़ किया गया सरसौंदी में पूर्व प्रधान कन्हैया लाल पूर्व प्रधान रमता के घर में पुलिस ने घुसकर मारा पीटा सामान तोड़ दिया राशन फेंक दिया दीवार तोड़ दी औरतों व बच्चों को भी मारा पीटा इस काण्ड में सभी पुलिस बल के हाथ में बेत की बजाए दुरमुट कुदाल बेलचा थे। दरवाजे तोड़ डाले हृदयराम पूर्व सरपंच के घर में डबल बेड दो पलंग व 2 गेट 2 स्टूल, टी0वी0 सी0डी0 गैस चूल्हा इंजन खाना बनाने वाला 10 लीटर पिपरमेंट का तेल बहा दिया। 6400 रूपये नकद उठा लिए एक जंजीर सोने की 15 ग्राम, 1 अंगूठी सोने की, कान की झुमकी लूट ली गोदरेज की अलमारी तोड़ डाली चार पंखे, तोड़ डाले, पानी टुल्लू पम्प तोड़ डाला, 6 कुर्सियां तोड़ डाली सोफा सेट तोड़ डाला बर्तन 2 कुकर, 2 लोहे की बाल्टी एक स्टील की बाल्टी एक प्लास्टिक की बाल्टी, 8 थाली, 2 जग 1 दर्जन गिलास, 1 दर्जन कटोरी, 2 जंगाल, व चम्मच पुलिस वालों ने तोड़ डाले। राशन 10 किलो अरहर की दाल, 50 किलो चावल, 50 किलो चने की दाल, 3 किलो उरद की दाल, 5 किलो चीनी में पिपरमिंट का तेल डाल दिया। एक साइकिल एक बच्चे की साइकिल एक बड़ी बैट्री इन्वर्टर तोड़ डाला 6 सेफेल बिजली वाले एवं घर की समस्त तार नोच डाले। मकान के पल्ले व दरवाजे तोड़ डाले। इसी तरह पुलिस की यह टीम जानता के विरूद्ध युद्ध करती हुई सर्वजीत के घर में घुस गयी उसके सुन्दर लाल, घनश्याम नि0 सरसौंदी जिला बाराबंकी में तोड़फोड़ लूटपाट मार पीट की गयी। प्रशासनिक अधिकारी गण प्रेस के सामने माती में इन्टरव्यू देते रहे कि बदला लिया जायेगा और वह बदला लेने का कार्यक्रम 5 जीपों पर सवार पुलिस कर्मी गण क्षेत्र में करते रहे। माती बाजार में जो मिला उसको मारापीटा गया और आज भी यह धमकाया जा रहा है कि मजिस्ट्रीरियल जांच में तुम लोग शामिल होगे तो तुम सबको मुकदमें में फंसा दिया जायेगा। इसकी जनता व पीडि़तों में भय व्याप्त है। अब सवाल यह उठता है कि जरूवा मुरादाबाद सरसौंदी में यह तोड़फोड़ पुलिस बल द्वारा की जा रही थी, मारपीट की जा रही थी। पुलिस व प्रशासन के उच्च अधिकारी भी माती चौकी पर डेरा डाले हुए थे तो वह क्या कर रहे थे। जिन पुलिस अधिकारियों व जिले के प्रशासनिक अधिकारियों मीडिया प्रिंट मीडिया को जनता से निपट लेने की धमकी दी जा रही थी यह बाते टी0वी0 चैनेल व प्रिंट मीडिया में प्रकाशित हुई है। यह भी जांच का विषय है। जांच का विषय यह भी है कि कौन कौन से प्रशासनिक अधिकारी माती चौकी 31.08.2015 को गये और क्या दिशा निर्देश दिये।
     
सुभाष राजवंशी
   

जिरह -------------उप जिला मजिस्ट्रेट मैं सुभाष राजवंशी को लगभग 2 वर्षों से इसलिए जानता हूं कि भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी व किसान सभा की बैठके में सरसौंदी मुरादाबाद माती में होती रहती थी, तो कभी सरसौंदी में कभी माती बाजार में मुलाकात हो जाती थी। वह प्रापर्टी डीलर का काम करता था। प्रश्न- क्या आपने घटना को स्वयं देखा है। उत्तर- लेकिन आपके दिनांक 31.08.15 को समय लगभग 3 बजे हम सचिव भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी बृजमोहन वर्मा, हनोमान प्रसाद, पुष्पेन्द्र कुमार गये थे। यह घटना मैंने देखी नही है लोगों ने बताया है। प्रश्न-आपने अपने बयान में कहा है कि पोस्टमार्टम करने वाले डाक्टर को पुलिस व प्रशासनिक अधिकारी फोन से दिशा निर्देश देने लगे। उत्तर-इलेक्ट्रानिक मीडिया व प्रिंट मीडिया द्वारा प्रकाशित सूचनाओं को आधार पर उनका विश्लेषण करने पर यह बात मैं कह रहा हूं। प्रश्न-पोस्टमार्टम् रिपोर्ट क्या आपने देखी है। उत्तर- नहीं देखी है। प्रश्न- पुलिस अधिकारियों द्वारा माती बाजार बन्द कराने की घटना को देखा है? उत्तर- जी हां, साढ़े तीन बजे 31.08.15 को माती बाजार में मैं प्रतिनिधि मण्डल में शामिल था। मैं चाय की दुकान पर रूका था तो 5 गाडि़यां एक साथ आकर रूकी और कहा जाता है आप लोग यहां से चले जाये। -रणधीर सिंह सुमन

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