मंगलवार, 1 मार्च 2016

गोडसे वादी राज शुरू-

पुलिस के मुताबिक, चश्‍मदीदों ने कन्‍हैया को गैरकानूनी विरोध प्रदर्शन में  शामिल होते देखा था, जिसमें देशविरोधी नारे लगाए गए थे। जी न्‍यूज पर दिखाए गए प्रदर्शन के 30 मिनट के वीडियो में कन्‍हैया 17:30 मिनट पर दिखाई देता है। कन्‍हैया के खिलाफ दर्ज रिपोर्ट में पांच छात्रों का स्‍टेटमेंट भी है, जिनमें एक बीजेपी के छात्र संगठन अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के सदस्‍य हैं। उसने अपने बयान में कहा है, ’15 से 20 छात्र देशविरोधी नारे लगा रहे थे और कन्‍हैया भी उस वक्‍त वहां पर मौजूद था। इसलिए  गिरफ्तार किया गया कि कन्‍हैया  जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय छात्र संघ का  अध्यक्ष है 
                                      मोदी  गुजरात  के मुख्य मंत्री थे और नरसंघार  हुवा गिरफ्तार नही थे क्योकि मुख्यमंत्री थे हरियाणा में 35हज़ार करोड़  की सम्पति लुटी गई ,जलाई गई व महिलाओ की इज्ज़त लुटी  गई .मुख्य मंत्री  जिम्मेदार  नही है लुटेरो  को मुवावजा दिया ज रहा है देश द्रोह की जगह 
देश भक्ति  का प्रमाणपत्र  दिया जाएगा .कन्हैया या उनके साथियों पर नारे लगाने का आरोप है इसीलिए जेल में है कुछ किया होता तो सम्मान किया रहा होता .
                                  वही ,अमेरिकी यूनिवर्सिटी के विद्यार्थी देशद्रोह और आपराधिक षड्यंत्र रचने के आरोप में गिरफ्तार किए गए जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों के प्रति समर्थन दिखाने के लिए एकत्रित हुए. समाचारपत्र 'वॉशिंगटन स्क्वायर कि रिपोर्ट के अनुसार, न्यूयॉर्क यूनिवर्सिटी और कूपर यूनियन कॉलेज के विद्यार्थी जेएनयू छात्र संघ के अध्यक्ष कन्हैया कुमार और अन्य छात्रों के प्रति अपना समर्थन दिखाने के लिए वॉशिंगटन स्क्वायर पार्क में इकट्ठा हुए.
रैली में भारतीय-अमेरिका विद्यार्थी भी शामिल थे. रैली के दौरान एक भारतीय-अमेरिकी छात्रा ने कहा कि इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य कन्हैया की गिरफ्तारी के बारे में जागरूकता लाना है. अंजना श्रीधर ने कहा, 'कन्हैया को सरकार के खिलाफ बयानबाजी करने की वजह से गिरफ्तार किया गया. हालांकि, उन्होंने वास्तव में सरकार के खिलाफ कुछ नहीं बोला था. वह सिर्फ कविता पढ़ रहे थे. ;न्यूयॉर्क यूनिवर्सिटी की एक छात्र कार्यकर्ता सुमति कुमार ने कहा कि वह जेएनयू के विद्यार्थियों के प्रति एकजुटता दिखाने के लिए रैली में शामिल हुई हैं. आरोप है कि जेएनयू के आरोपी छात्रों के साथ मारपीट की गई और उसके बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया. मानव विज्ञान की प्रोफेसर तेजस्विनी घांटी ने कहा कि उन्हें खुशी है कि विद्यार्थियों ने जेएनयू के विद्यार्थियों के समर्थन में आवाज उठाई. .
                       गाँधी  वादी  राज  समाप्त -गोडसे  वादी राज शुरू .इस राज्य  में यही सब होना है गोडसे राज की यही विशेषताएं  है!
सुमन  

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