शनिवार, 12 मार्च 2016

अंग्रेजो के समय के राष्ट्र भक्त



संघ ने सरकार से विश्वविद्यालयों में लंबे समय से ‘देश विरोधी गतिविधियों’ में शामिल  ‘विध्वंसकारी’ ताकतों पर अंकुश लगाने को कहा और सवाल उठाया कि जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय में लगे देश को तोड़ने वाले नारों को आखिर कैसे सहन किया जा सकता है।लेकिन महबूबा मुफ़्ती के साथ सरकार बने जा सकती   है .जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय में छात्रों  के इंकार के बाद भी जबरदस्ती कहा जा रहा है कि   'नारे लगाए है तुम लोगो  ने . 'उसपर तलवार भांज  रहे ' मोहन भागवत ने  संघ की ओर  से कहा कि सरकार से विश्वविद्यालयों में लंबे समय से ‘देश विरोधी गतिविधियों’ में शामिल  ‘विध्वंसकारी’ ताकतों पर अंकुश लगाने को कहा और सवाल उठाया कि जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय में लगे देश को तोड़ने वाले नारों को आखिर कैसे सहन किया जा सकता है।विजय माल्या के मामले में चुप रहेगे .खेत मजदूर ,किसान ,मजदूर या बहुसंख्यक जनता इनके एजेंडे  में नही है .इनको अभी छात्र शक्ति  बारे में पता नही है छात्रो के जागने पर  यह मूस  की तरह बिल में ही रहेगे . वजीफा बन्द करा  कर यह भुल बैठे है कि गरीब छात्र आत्महत्या कर रहे है
 लेकिन भागवत  को कभी महंगाई ,बेरोजगारी , भूख और प्यास  नही दिखाई देती है इस मामले  में यह जन्मांध सूरदास  है -देश की जनता को जाति,धरम ,भाषा , क्षेत्र  के नाम पर लडवाने की कला के माहिर यह लोग चाहते है की जनता अपनी मूलभूत आवश्यकताओ  को छोड़  अन्य मामलो  में उलझी  रहे .यह वही लोग है जो अंग्रेजो के समय  सबसे बड़े देश भक्त थे .

-रणधीर  सिंह सुमन
लो क सं घ र्ष !

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