बुधवार, 7 दिसंबर 2016

आईन के लिेये काला दिन है 6 दिसंबर

आरएसएस और मोदी की सरकार मे भारत मे रहने वाली दुनिया की दूसरी सबसे बडी मुसलमानो की आबादी आज दलित और आदिवासियों की तरह संध के निशाने पर है जो मुसलमानो को दूसरे दर्जे के शहरी बनाने पर आमादा है और इसी ताकत ने बाबरी मस्जिद की शहादत से देश की क़ौमी एकता के परखच्चे उड़ाये थे आज वही ताकते पूर्ण बहुमत से सराकर मे है!

दूसरी ऑल इंडिया तंज़ीम ए इंसाफ़ की क़ौमी कोंफ्रेंस से ख़िताब करते हुये अमीक जामेई ने कहा की यह कैसे हो सकता है की जिस देश मे दलित पिछड़े औरतें और अल्पसंख्यक बहुजन मे आते हो वहा देश की दौलत और रिसोर्सेज पर 2% लोगो का क़ब्ज़ा हो, यह संभव कर दिया गया की बैको से अरबों लूटने वाले तो सरकार के मेहमान है लेकिन आम जनता को मोदी साब ने लाईन मे लगा रखा है, संघवाद से लड़ने के लिए हमे सामाजिक नयाय की लड़ाई को तेज करना होगा इसलिए ज़रूरी है की मंडल पार्ट-2 पसमांदा लड़ायी को तेज़ किया जाना चाहिए और भारत सरकार होश मे रहे अगर उसने रिज़र्वेशन खतम करने की तरफ सोचा भी!

तीन दिवसीय ऑल इंडिया तंज़ीम ए इंसाफ़ की क़ौमी कोंफ्रेंस से ख़िताब करते हुये अमीक जामेई ने कहा की कल 6 दिसम्बर है जिस दिन खुली धूप मे बाबरी मस्जिद को शहीद किया था और देश को तोड़ा था आज समय है की बहुजन और प्रगतिशील समाज को आगे बढ़ गुजरात मोडल राजनीती को धराशाई करना होगा क्योंकि मोदी सरकार देश को उत्तर प्रदेश को गुजरात बना देना चाहती है, गुजरात मे दलित पर अत्याचार मामले मे जामेई ने कहा की ऊना आंदोलन ने संघवाद को गुजरात मे भाजपा की सरकार को घुटने टिकवाये है और सही समय है जब मुसलिम युवाओ को दलित और पिछड़े यंग टर्क के साथ मिलकर संघमुक्त भारत और उत्तर प्रदेश के लिए आगामी चुनाव मे उतरना चाहिये, जामेई ने कहा की बिहार के निवासियो को मुबारकबाद दिया जाना चाहिए जिसने पिछली सरकार मे संघ को बिहार मे साफ कर दिया था!

ख़बरों के मुताबिक़ अमीक जामेई देश भर के छात्र युवा को "संघमुक्त उत्तर प्रदेश" तहरीक शुरू कर उत्तर प्रदेश आने का निमंत्रण दे रहे है जिसमें संविधान बचाओ देश बचाओ के नारे के साथ प्रदेश मे दस बडे जलसे होगे, आंदोलनकर्ता ने साफ किया है की वह किसी पार्टी विशेष के लिेये कोई प्रचार नही करेगे, आंदोलन मे जेएनयूएसयू के पूर्व अध्यक्ष कंहैया कुमार और जिगनेश मवानी मंच पर एक साथ आ सकते है!

तीन दिवसीय ऑल इंडिया तंज़ीम ए इंसाफ़ की क़ौमी कोंफ्रेंस से ख़िताब करते हुये अमीक जामेई ने कहा कि  6 दिसम्बर को जिस दिन खुली धूप मे संधवाद ने बाबरी मस्जिद को शहीद किया था

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