सोमवार, 28 सितंबर 2020

संघी आजादी की लड़ाई में शामिल नहीं थे-बृज मोहन वर्मा

 अखिल भारतीय नौजवान सभा ने शहीद भगत सिंह की मनाई जयंती 

आज दिनांक 28 सितम्बर को भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी बाराबंकी कार्यालय पर शहीद- ए- आजम भगत सिंह के जन्मदिवस पर अखिल भारतीय नौजवान सभा द्वारा गोष्ठी का आयोजन किया गया व माल्यार्पण कर जयंती मनाई गई, इस अवसर पर भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के जिला -सचिव का. एड. बृजमोहन वर्मा ने कहा आज के समय में सरदार भगत सिंह सहित आजादी की लड़ाई के क्रांतिकारियों के विषय मे जानकारी और उनके विचारों को जनता तक पहुंचाना जरूरत बन गया है क्योंकि इस समय भा ज पा सरकार देश व प्रदेश में है उनके पूर्व संगठन आज़ादी की लड़ाई में कभी शामिल नहीं रहे,और  आजादी के क्रान्तिकारियों के बारे में भ्रामक बातें फैला रहे है और शिक्षा का भगवाकरण कर अपना काला इतिहास स्वर्णिम बताने का प्रयास कर रहे हैं।सह सचिव का. शिव दर्शन वर्मा ने कहा कि भगत सिंह की फांसी के मुकदमे में संघ के  शादीलाल और शोभा सिंह ने गवाही दी थी,और अंग्रेज़ सरकार का वकील सूर्य नारायण शर्मा संघ का पदाधिकारी था।अखिल भारतीय किसान सभा के जिलाध्यक्ष विनय कुमार सिंह  ने कहा कि संघ ने आज़ादी कि लड़ाई में भाग तो नहीं लिया और इनके मूल संगठन संघ के लोग सावरकर आदि अंग्रेजों के वफादार बने रहे आज भी आर एस एस का कोई भी पदाधिकारी अंग्रेजों के खिलाफ बोल नहीं सकता,उपाध्यक्ष प्रवीण कुमार ने कहा शहीद भगत सिंह मार्क्स और लेनिन से प्रभावित थे उन्होंने जेल में  कई किताबें भी लिखी,यह भी लिखा कि दुनिया में अंग्रेजों के खिलाफ क्रांति शुरू हो चुकी है,वह देश से भागेंगे लेकिन भारत पर शासन पूंजीवा दियों का होगा जनता  को अपने अधिकारों के लिए सरकारों से लड़ना होगा,अखिल भारतीय नौजवान सभा के जिलाध्यक्ष आशीष कुमार शुक्ला ने सरदार भगत सिंह के जीवन पर प्रकाश डालते हुए कहा की सरदार भगत सिंह का नारा था की हुक्मरानों से मांग करो, ना मिले तो छीन लो,उपाध्यक्ष संदीप तिवारी ने कहा नौजवानों की सबसे बड़ी समस्या बेरोजगारी  है ,देश में बेरोजगारी आज़ादी के बाद सबसे ज्यादा है,लेकिन मौजूदा सरकारें देश को बेंचने में लगी है ,महामंत्री नीरज वर्मा ने कहा सरकार भगत सिंह रोजगार गारंटी योजना लागू करे,कोरोना काल में स्कूलों  में फीस की वसूली पर सरकार रोंक लगाए इस अवसर पर गिरीश चन्द्र,वीरेंद्र वर्मा,शैलेन्द्र मिश्रा, दलसिंगार,कैलाश चंद्र, महेंद्र यादव,प्रतीक शुक्ला,दीपक शुक्ला,पवन पांडे,आशीष वर्मा,लवकुश वर्मा,अंकित यादव,सर्वेश यादव,सौरभ वर्मा,अभिषेक पाल,राहुल रावत,घनश्याम,मुनींद्र कुमार,श्याम नाथ मिश्रा आदि लोग उपस्थित रहे।


1 टिप्पणी:

डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक' ने कहा…

आपकी इस प्रविष्टि् की चर्चा कल बुधवार (30-09-2020) को   "गुलो-बुलबुल का हसीं बाग  उजड़ता क्यूं है"  (चर्चा अंक-3840)    पर भी होगी। 
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सूचना देने का उद्देश्य है कि यदि किसी रचनाकार की प्रविष्टि का लिंक किसी स्थान पर लगाया जाये तो उसकी सूचना देना व्यवस्थापक का नैतिक कर्तव्य होता है। 
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हार्दिक शुभकामनाओं के साथ।  
सादर...! 
डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक' 
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