रविवार, 4 जनवरी 2026

वेनेजुएला के मीरजाफर और अपने देश में मीरजाफर की कमी नहीं है

देवेन्द्र सुरजन की लेखनी वेनेजुएला पर अमेरिकी कब्जा तेल का असली खेल? मादुरो गिरफ्तार- सिर्फ 3 घंटे में सब खत्म! हॉलीवुड फिल्म जैसा ऑपरेशन: अमेरिकी स्पेशल फोर्सेस ने मादुरो दंपति का अपहरण कर जेल में डाला, अब न्यूयॉर्क में चलेगा मुकदमा कल रात की घटना ने पूरी दुनिया को हिला कर रख दिया! 3 जनवरी 2026 की सुबह-सुबह, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने घोषणा की कि अमेरिका ने वेनेजुएला पर एक "बड़े पैमाने का हमला" किया और राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को उनकी पत्नी सिलिया फ्लोरेस के साथ गिरफ्तार कर देश से बाहर उड़ा लिया। ये सब सिर्फ तीन घंटे में हो गया- बमबारी शुरू हुई, धमाके हुए, हेलिकॉप्टर उड़ते दिखे, और अचानक मादुरो गायब! अब सवाल ये है: इतनी जल्दी कैसे संभव हुआ ? वेनेजुएला की सेना ने एक भी मिसाइल नहीं दागी, एक गोली नहीं चलाई। बिल्कुल वैसा ही जैसा 1757 में प्लासी की लड़ाई में हुआ था- जहां रॉबर्ट क्लाइव ने मीर जाफर को रिश्वत देकर बंगाल के नवाब सिराज-उद-दौला को धोखा दिया और बिना ज्यादा लड़ाई के कब्जा कर लिया था। ट्रंप ने वही पुराना ब्रिटिश ट्रिक दोहराया है! खबरों के मुताबिक, अमेरिका ने पहले से ही वेनेजुएला के बड़े-बड़े सैन्य जनरलों, विपक्षी नेताओं और सांसदों को मोटी रिश्वतें दीं। शायद सत्ता पक्ष से जुड़े लोग भी विभीषण बन गए हों! सेना ने प्रतिरोध नहीं किया क्योंकि अंदर से ही "मीर जाफर" तैयार थे। एयर डिफेंस सिस्टम चुप रहे, एयरफील्ड पर बम गिरे लेकिन जवाबी फायरिंग जीरो। अमेरिकी स्पेशल फोर्सेस ने सीधे मादुरो के बेडरूम में घुसकर उन्हें पकड़ लिया- जैसे कोई हॉलीवुड एक्शन फिल्म चल रही हो ! अब मादुरो को न्यूयॉर्क ले जाया जा रहा है, जहां उन पर नार्को-टेररिज्म के पुराने केस में मुकदमा चलेगा और नया "मीर जाफर"? शायद कोई गद्दार जनरल या ऑपोजिशन लीडर को वेनेजुएला का अंतरिम राष्ट्रपति बना दिया जाए। ट्रंप ने तो इशारा कर दिया कि अमेरिका अब वेनेजुएला के तेल पर "बहुत मजबूती से काबिज़" होगा- मतलब, असली मकसद तेल ही था! ये इतिहास की पुनरावृत्ति है लगती है- प्लासी से काराकास तक, साम्राज्यवाद का वही पुराना फॉर्मूला: रिश्वत, धोखा और तेज हमला। वेनेजुएला अब अमेरिका के कब्जे में है ...

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