अवतार विनीत किशन हंगल लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं
अवतार विनीत किशन हंगल लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं

सोमवार, 27 अगस्त 2012

कभी तो होगी इस चमन पे भी बहार की नजर :ए . के हंगल

इतना '' सन्नाटा '' क्यों है , भाई

तू ज़िंदा है तो जिन्दगी की जीत पे यकीन कर ,
अगर कही है स्वर्ग तो उतर ला जमीन पर
ये गम के और चार दिन
सितम और चार दिन
ये दिन भी जायेंगे गुजर 
गुजर गये हजार दिन
Share |