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शुक्रवार, 5 जून 2009

उजाले नाम हमारा उछाल देते है ....


हमारी जान मुसीबत में डाल देते है
हमें हमारे वतन से निकाल देते है
धमाके आप अंधेरो में कर गुजरते है
उजाले नाम हमारा उछाल देते है

xxx----xxx---xxx--Mohammad saif Babar
mo.no.09936008545

बेखौफ़ घर से निकले सलामत ही घर में आएं
बच्चे बुरी बालाओं से हम सबके बच ही जाएं
दीवार गिर रही है अगर जुल्म की तो 'सै़फ़'
इंसानियत के जितने भी दुश्मन है दब ही जाएं

xxx-----xxx-----xxx-----mohammad Saif Babar
mo.no.-09936008545

ग़ज़ल

फिर तड़प के करार लिखना है
इश्क़ लिखना है प्यार लिखना है

ज़हर का है असर फिज़ाओ में
और हम को बहार लिखना है

लेके सर आ गए है मकतल में
दोस्तों की ये हार लिखना है

ज़िंदगी का मुतालबा देखो
ज़िंदगी को भी यार लिखना है

'सै़फ़' चल-चल के थक गए हैं हम
अब सुकूं और क़रार लिखना है

मोहम्मद सैफ बाबर
मोबाइल -09936008545
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