योगी के समर्थन में आज घड़ियाली आंसू बहाकर नौकरी छोड़ने वाला प्रशांत सिंह तो नमक हराम निकला।
अब इसका बड़ा भाई ही इसकी पोल–पट्टी खोल रहा है।
इसी ने अपने छोटे भाई की फ़र्ज़ी विकलांगता की जांच की मांग की है।
मैं इसीलिए गोबर पट्टी के चोरों से भरे गटर में नहीं उतरता।
(कागज़ अभिषेक उपाध्याय ने जुटाए हैं)
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