सोमवार, 28 सितंबर 2026
देश तोड़ने वाले खुंखार अमरीकी आतंकवादी मैन्यू वैनडाइक को मोदी सरकार ने रिहा कर दिया
देश तोड़ने वाले खुंखार अमरीकी आतंकवादी मैन्यू वैनडाइक को मोदी सरकार ने रिहा कर दिया
अमरीकी एजेंट मैथ्यू वैनडाइक को भारत की सरकार ने जेल से निकल जाने दिया। वह भारत के नॉर्थ-ईस्ट हिस्से को तोड़ना चाहता था। म्यांमार और मिजोरम के रिबेल ग्रुप्स के सपोर्ट से उत्तर पूर्व में अस्थिरता को बढ़ाने के लिए 6 अन्य विदेशी मर्सनरीज के साथ घुसा था। NIA ने इसे गिरफ्तार किया था, लेकिन चार्जशीट में UAPA हटवा दिया गया और अब कोर्ट ने उसे और उसके साथ के 6 अन्य यूक्रेनियों को अपने देश वापस लौटने का परमिशन दे दिया है।
भाजपा की मौजूदा सरकार ट्रंप के पांव तले काम कर रही है, अमरीकी सरकार ने दिल्ली में बैठे छब्बीस इंची सीना वाले रंगे सियार का टेंटुआ दबाया हुआ है। नहीं तो देश तोड़ने में लगे एक आतंकी को इस तरह जाने देना देशद्रोह नहीं तो और क्या है ? सोचिए की यदि यही किसी दूसरे सरकार में हुआ रहता तो भाजपा अबतक नंगा नाच रही होती।
मैथ्यू वैनडाइक कोई साधारण अपराधी नहीं था। अमरीकी नागरिक है, CIA एजेंट कहा जाता है। लीबिया के गृहयुद्ध में मुहम्मद गद्दाफ़ी के सरकार गिराने में लड़ चुका है। मिडिल ईस्ट और अफ्रीका में हुए विद्रोहों में भूमिका निभा चुका है। रसिया- यूक्रेन युद्ध में यूक्रेन के तरफ़ से लड़ने गया था। म्यांमार के रिबेल ग्रुप्स को ड्रोन और हथियारों की ट्रेनिंग दे चुका है। एक तरह से यह CIA का रेजीम-चेंज करने, देश तोड़ने का औजार है। और ऐसे आदमी को भारत की सरकार ने सीधा छोड़ दिया जबकि वह भारत में अस्थिरता उत्पन्न करने में ही लगा था।
मोदी सरकार बताए की ऐसा कौन सा फाइल, ऐसा कौन सा वीडियो ट्रंप के हाथ में है की ट्रंप ने गुलामी को मजबूर कर दिया है। यदि भारत ने इसको छोड़ा है तो गुरपतवंत सिंह पन्नू के मर्डर साजिश के नाम पर गिरफ्तार किए गए कथित एजेंट निखिल गुप्ता को आजतक भारत की सरकार क्यों नहीं छुडा. दिया।
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