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शुक्रवार, 12 जून 2020

लोकतंत्र शर्मिन्दा है

रणधीर सिंह  सुमन व वसीम राईन
राष्ट्रीय संकट महामारी के समय जनपद में जनता की मदद की बजाए जनता के कष्ट बढ़ाने का कार्य ज्यादा हुए है। यह आरोप लगाते हुए भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के राज्य परिषद सदस्य रणधीर सिंह सुमन ने बताया कि बाराबंकी में मार्च माह में 3219 वाहनों का चालान किया गया। अप्रैल माह में 6398 वाहनों का चालान व 36 वाहनों को सीज किया गया और जब जनता का संकट और बढ़ा तो मई माह में 8135 वाहनों का चालान व 61 वाहनों को सीज कर दिया गया। वही महामारी अधिनियत के तहत 160 केस दर्ज कर 180 लोगों को गिरफ्तार किया गया, हद तो यहां तक हो गई कि नारकोटिक्स ड्रग एण्साइकोट्राॅपिक सब्स्टांसेस एक्ट का निरोधक कानूनन मानकर फर्जी बरामदगी दिखाकर मार्च में 14 अप्रैल 4, और मई में 32  को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया। 
जनपद का बहुचर्चित केस बांसा निवासी नसरूद्दीन का है। जिनको मसौली पुलिस घर से बुलाकर 150 ग्राम मार्फीन के साथ दिखाकर जेल भेज दिया गया जिस पर भाजपा के कई सांसद व विधायकों ने मुख्यमंत्री व पुलिस महानिदेशक को पत्र लिखकर जांच की मांग की है। वही नाबालिग छात्र मो0 जुनेद को बाराबंकी से पकड़कर जैदपुर से अवैध रूप से निरूद्ध रखा गया है और 300 ग्राम मार्फीन दिखाकर चालान कर दिया गया जुनेद का बाप ने प्रार्थना-पत्र देकर मांग की थी कि गिरफ्तारी टीम में शामिल लोगों के मोबाइल लोकेशन चेक किये जाये जिससे घटना फर्जी होगी। वही मसौली के ही बांसा निवासी फतेहखान को भी घर से बुलाकर 300 ग्राम मार्फीन दिखाकर जेल भेज दिया था उसकी मां ने भी मुख्यमंत्री को प्रार्थना-पत्र देकर विशेष जांच की मांग की थी।
सुमन ने मांग की कि माननीय उच्चतम न्यायालय ने प्रवासी मजदूरों के सभी वाद समाप्त कर दिये हैं। उसी तरह राष्ट्रीय संकट महामारी के समय महामारी अधिनियम व मोटर वाहन अधिनियम के सभी मुकदमें समाप्त किये जाये और चालान करना बंद किया जाये। एन0डी0पी0एस0 एक्ट में के तहत निरूद्ध किये गये लोगों की एक विशेष जांच कटी बनाकर साक्ष्य व सबूत लेकर सभी वाद समाप्त किये जाये तथा दोषी पुलिस कर्मचारियों पर वाद दर्ज कर मार्फीन कहां से लाकर दिखाया है की भी जांच की जाये अन्यथा भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी को मजबूर होकर आन्दोलन का रास्ता अख्तियार करना पड़ेगा। श्री सुमन ने आगे कहा कि लोक कल्याणकारी राज्य ने इस तरह की कार्यवाहियां लोकतंत्र को शर्मिन्दा करती हैं। 
आॅल इण्डिया पसमांदा मुस्लिम महाज उ0प्र0 के प्रदेश अध्यक्ष वसीम राईन ने बताया कि बांसा निवासी नसरूद्दीन हमारे संगठन का जिलाध्यक्ष है और उनकी पत्नी पिछले ग्राम प्रधानी के चुनाव में कुछ मतों से पिछड़ गयी थी राष्ट्रीय महामारी के समय नसरूद्दीन व उनकी पत्नी ने गरीब व्यक्तियों की आर्थिक रूप से मदद भी की थी। उनकी उभरती छवि को धूमिल करने के लिए एक सवर्ण अल्पसंख्यक नेता ने स्थानीय पुलिस से मिलकर नसरूद्दीन की गिरफ्तारी करायी थी। आॅल इण्डिया पसमांदा मुस्लिम महाज पूरे प्रदेश में आन्दोलन चलायेगा। श्री वसीम राईन ने प्रदेश सरकार से मांग की है कि अविलम्ब घटना की जांच कराकर दोषी व्यक्तियों के खिलाफ कार्यवाही की जाये। 

शनिवार, 19 दिसंबर 2015

देशभक्ति के लिए आज भी सज़ा मिलेगी फाँसी की !

  भगत सिंह, इस बार न लेना काया भारतवासी की, देशभक्ति के लिए आज भी, सज़ा मिलेगी फांसी की -शंकर शैलेन्द्र ने आजादी के बाद यह कविता लिखकर अपनी पीड़ा को व्यक्त किया था। पोर्ट ब्लेयर हवाई अड्डे का नाम माफी मांगकर अण्डमान की सेल्यूलर जेल से छूटने वाले सावरकर के नाम पर अटल बिहारी बाजपेयी की सरकार ने कर दिया था और पंजाब विधानसभा ने एयरपोर्ट का नाम शहीद भगत सिंह रखने का प्रस्ताव भी पारित किया था किन्तु उसको धता बताकर मंगलसेन के नाम पर रखने का प्रस्ताव है। इस तरह से भारतीय जनता पार्टी अपने आजादी की लड़ाई शामिल न होने के कारण उसके पास कोई महापुरूष नहीं है लेकिन नये-नये महापुरूष पैदा कर वह एक छदम्य महिमामंडित करने का काम कर रही है।
                                                        
चंडीगढ़ एयरपोर्ट का नाम फौरी तौर पर चंडीगढ़ इंटरनेशनल एयरपोर्ट रख दिया गया हो लेकिन नाम को लेकर सियासी खींचतान अब भी जारी है। हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने राष्ट्रीय स्वंय सेवक संघ के प्रचारक और भाजपा नेता मंगलसेन के नाम पर एयरपोर्ट का नाम रखे जाने का प्रस्ताव रखा है.
                               जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय में प्रोफेसर रहे डॉ.चमन लाल का कहना है कि शहीद-ए-आजम भगत सिंह से मंगलसेन की तुलना करने का मतलब ही आजादी के तमाम आंदोलनों को अपमानित करना है। चमनलाल के अनुसार किसी भी राज्य के एयरपोर्ट का नाम उस राज्य के सबसे बड़े हीरो के नाम पर रखा जाता है। इसी के मद्देनजर पंजाब सरकार ने शहीद भगत सिंह के नाम पर मोहर लगाई थी                                
                       शहीदों की चिताओं पर लगेंगे हर बरस मेले वतन पर मरनेवालों का यही बाक़ी निशाँ होगा, को जिस तरह तरीके से अपमानित करने का काम इस देश के अंदर संघ कर रहा है वह भी अपने आप में एक बड़ी बेमिसाल बात है। आजादी के अभी 68 साल भी नहीं पूरे हुए हैं और इतिहास को धूमिल करने का काम बड़ी तेजी से नागपुर मुख्यालय कर रहा है। इस तरह से उसके यह खतरनाक मंसूबे जगजाहिर होने लगे हैं। देश भक्ति --राष्ट्र भक्तिका प्रमाण पत्र जारी करने का कार्य ब्रिटिश सरकार के चेलो के पास है.
 -रणधीर सिंह सुमन

सोमवार, 7 दिसंबर 2015

आतंकवाद का असली चेहरा सामने आया


आतंकवाद के सवाल के ऊपर अमरीका और उसके मित्र देश पूरी दुनिया में मुहिम चलाते रहते है और मानवता का संदेश भी देते रहते है  | आज अमरीकी गठबंधन सेना ने सीरिया की सेना के ऊपर जमकर बमबारी की और आतंकवादी गिरोह इस्लामिक स्टेट की मदद की | इस्लामिक स्टेट का नेता बगदादी अमरीकी कैद में था और उसके प्रशिक्षित  कर आतंकवादी संगठन का निर्माण अमरीकी व उसके मित्र देशो ने किया था फिर आतंकवाद के नाम पर बगदादी को समाप्त करने के लिए मुस्लिम देशो की जनता के ऊपर भयानक बमबारी कर हजारों लोगो को बेघर बार कर खुले आसमान के नीचे कर दिया था | इसके पूर्व में तालिबान को पैदा कर वर्ल्ड ट्रेड सेंटर पर हमले के सवाल को लेकर मुस्लिम देशों की जनता के ऊपर भयानक बमबारी कर लाखों लोगो को मौत के घाट उतार दिया था | मानवता कराह उठी थी | फिर पेरिस में आतंकी हमला के बहाने सीरिया की सेनाओ व सीरियाई जनता पर इंग्लैंड ,फ्रांस व अमरीका की बमबारी शुरू हो गई लोग बेघर बार हो रहे है लेकिन यह साम्राज्यवादी ताकते नये-नये मुखौटे लगा कर दक्षिण-पश्चिम एशिया के देशों की जनता को मार डाल रहे है |
आतंकवाद के सवाल पर अमरीकी व उसके मित्र देश ने अपने वेतनभोगी  लोगो द्वारा आतंकवाद की घटनाये कराकर इस्लाम के चेहरे को बदनाम करने का काम किया | जिहाद ,इस्लाम ,मुसलमान आदि शब्दों के नये अर्थ पश्चिमी मिडिया ने गढ़े और फिर आतंकवाद को समाप्त करने के नाम पर इराक , लीबिया से लेकर अफ़गानिस्तान तक उनकी सरकारो का विनाश  करते हुए वहा के निवासियों को मार डालने की प्रक्रिया जारी की |
पश्चिमी मीडिया ने अपने प्रचार तंत्र के माध्यम से पूरी दुनिया के मुसलमानों को जितना बदनाम कर सकते थे उतना बदनाम किया और फिर उनका नर संहार किया | भारत पकिस्तान सम्बन्धो में कश्मीर समस्या पैदा करने में सी.आई.ए. का मुख्य हांथ है अमरीकी नही चाहते है कि भारत पकिस्तान एकता हो ,इसलिए आये दिन जम्मू एंड कश्मीर बार्डर पर  रोज गोलाबारी होती रहती है पकिस्तान की सेना व आई.एस.आई.अमरीकी नियत्रित तंत्र है | वही अपने देश की सरकार पकिस्तान पर हल्ला भी मचाती है फिर बैंकाक में जाकर हाथ  भी मिलाती है और अब तो बिदेश मंत्री सुषमा स्वराज पकिस्तान जाकर बातचीत का एक नया दौर प्रारंभ कर रही है | एन.डी.ए.सरकार की पकिस्तान के सम्बन्ध में कोई नीति नही है वोट के सवाल को लेकर देश के अन्दर पकिस्तान विरोध और लम्बी-लम्बी भड़काऊ बाते लेकिन अचानक दोस्ती करने में भी पीछे नही रहते है | दोस्ती का अंत सैनिको की जान लेकर समाप्त होती है |
वही नेहा दभाड़े एवं इरफान इंजीनियर लिखते है 'अमरीका के नेतृत्व में चल रहे ‘‘आतंक के विरूद्ध युद्ध’’ के कारण पूरी दुनिया अशांत और असुरक्षित बन गई है। फ्रांस सहित अमरीका के मित्र देशों और आईसिस के बीच चल रहे युद्ध में निर्दोष लोग मारे जा रहे हैं। यह युद्ध न तो समानता, स्वतंत्रता, बंधुत्व के मूल्यों और ना ही जीवन जीने के पश्चिमी तरीके की रक्षा करने के लिए लड़ा जा रहा है। इसका उद्देश्य इस्लाम या बंधुत्व, समानता, सामाजिक न्याय, करूणा, मानवीय गरिमा और अन्य इस्लामिक सिद्धांतों की रक्षा करना भी नहीं है। ‘‘हमारे जीवन जीने के तरीके की रक्षा’’ जैसे नारे इस युद्ध के शिकार लोगों को बेवकूफ बनाने के लिए उछाले जा रहे हैं। इनका उद्देश्य जनमत को प्रभावित करना और करोड़ों डॉलर के खर्च और लाखों लोगों की जिंदगियों से खेलने को औचित्यपूर्ण ठहराना है। इस्लाम के प्रति घृणा फैलाना, इस युद्ध का एक महत्वपूर्ण हथियार है।,
सुमन  
 


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