रविवार, 7 फ़रवरी 2010

सरकार के इस कदम के विरोध में.......

लोकसंघर्ष, दस्तक मैगज़ीन की संपादक सीमा आजाद व उनके पति विश्वविजय तथा अन्य साथी आशा की फर्जी मुक़दमे में गिरफ्तारी के विरोध में आज कोई पोस्ट प्रकाशित नहीं करेगा। सरकार के इस कदम की लोकसंघर्ष परिवार कड़े शब्दों में निंदा करता है।

सुमन
loksangharsha.blogspot.com

2 टिप्‍पणियां:

pattarkarita ने कहा…

पीयूसीएल मानवाधिकार संगठन है और सीमा आजाद उसकी कार्यकारिणी में हैं। उन्हें गिरफ्तार करना लोकतंत्र की गला घोंटने जैसा है। हम उनकी रिहाई की मांग करते हैं

HINDU TIGERS ने कहा…

बुरे काम का बुरा नतीजा । देश में सैंकड़ों नहीं हजारों देशविरोधी-हिन्दूविरोधी गिरोह अपने आपको मानबाधिकार संगठन का नाम देकर देश के साथ गद्दारी कर रहे हैं उन सब के विरूद्ध यथाशीघ्र कारयावाही होनी चाहिए ताकि ये देश को और भ्रमित न कर सकें