गुरुवार, 22 जुलाई 2010

हे राही, तुम दिल्ली कब जाओगे

ममता जी की रेल : इसी रेल की तरह चलेगा बंगाल

पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री पद की प्रबल दावेदार सुश्री ममता बनर्जी आज कल भारत सरकार के रेल मंत्री पद पर आसीन हैं। रेल विभाग की हालत बद से बदतर होती जा रही है। आये दिन रेल दुर्घटनाएं हो रही हैं। कभी दो ट्रेनों में अगल-बगल से टक्कर से होती है तो कभी पीछे से टक्कर हो रही है । ट्रेन के डिब्बों में छोटी-छोटी खराबियों के कारण धुँआ भर जाना आग लग जाना, कपलिंग टूट जाना आम बात हो गयी है। रेल मंत्री का जरा सा भी ध्यान रेल मंत्रालय की तरफ नहीं है। वह इस मुहावरे का उपयोग कर के बचना चाहती हैं कि इसमें विरोधियों का हाथ है। यह बात कहकर फुर्सत नहीं मिल जाती है। अपनी गलतियों को छिपाने के लिए जिम्मेदार पदों पर आसीन लोगो के मुंह से यह बात शोभा नहीं देती।
भारत सरकार के अधिकांश मंत्रालयों की स्तिथि यही है कि अभी विदेश मंत्री एस.एम कृष्णा ने भी अपनी कूटनीतिक कमजोरियों को छिपाने के लिए पकिस्तान यात्रा की असफलता को गृह सचिव पिल्लई के ऊपर मड दिया और जहाँ पर उनको मजबूती से अपनी बात कहनी चाहिए वहां पर वह चुप्पी साध गए। अमेरिकन साम्राज्यवाद चाहता यह है कि भारत पकिस्तान सहित इस क्षेत्र में उपजा आतंकवाद बरकरार रहे। उसके लिए उसकी हर कोशिश जारी है। दूसरी तरफ आर्थिक मोर्चे पर सार्वजानिक क्षेत्र को बर्बाद करने की भी उसकी मंशा है। उसकी मंशा के अनुरूप प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, रेल मंत्री ममता बनर्जी सहित तमाम मंत्री कार्य कर रहे हैं। अगर यह बात नहीं होती तो निश्चित रूप से ममता बनर्जी कृष्णा साहब जैसे अक्षम लोग मंत्री पद पर विराजमान नहीं होते।
रेल की दुर्दशा देख कर यह लिखने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है कि " हे राही, तुम दिल्ली कब जाओगे "।

-सुमन
लो क सं घ र्ष !

3 टिप्‍पणियां:

कविता रावत ने कहा…

Desh ka yahi durbhagya hai...
Kis kis ko aur kya-kya batate firengi hum...
Saarthak jan gagarti ke udeshyarth likhi post ke liye aabhar

शहरोज़ ने कहा…

जब तक ममता दी उन्हें प्यार से यही कहा जाता है न !!यह निश्चित नहीं कर लेतीं की उन्हें मंत्रालय संभालना है ya बंगाल ! यही होता रहेगा.उनका सपना बंगाल में राज करना है.उन्हें देश के साथ मासूम जनता के साथ मजाक करने की छूट कब तक दी जायेगी.

नीरज जाट जी ने कहा…

nice