सोमवार, 16 अगस्त 2010

स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा पांच किसानो की हत्या कर किसानो को उपहार दिया

प्रदेश के अलीगढ जनपद में भूमि अधिग्रहण के खिलाफ चल रहे किसान आन्दोलन पर उत्तर प्रदेश सरकार के दिशा-निर्देश पर पुलिस और पी.एस.सी ने जबरदस्त फायरिंग कर 5 किसानो की हत्या कर दीफिर शुरू हुआ सरकार का नाटक की किसानो ने पथराव कर दिया था जिससे मजबूरी में पुलिस को फायरिंग करनी पड़ीमीडिया मैनेजमेंट का खेल शुरू हुआ और फिर शासन और प्रशासन के पक्ष में तरह-तरह के समाचार जारी होने लगे
19 दिन से यमुना एक्सप्रेस वे पर किसान धरना दे रहे हैं कि उनकी जमीन का अधिग्रहण किया जाये यदि अधिग्रहण किया जाए तो उसका मुआवजा नोएडा के किसानो के बराबर भुगतान किया जाए इसमें उनकी मांग कहीं से गलत नहीं है अलीगढ में माडर्न सिटी बनना है उसके लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया चल रही हैकिसानो को उनकी भूमि का मुआवजा दिए बगैर मनमाने दामो पर शासन-प्रशासन अधिग्रहण करना चाहता है जिसका किसान विरोध कर रहे हैंउक्त घटना में लगभग 50 लोग घायल हुए हैं
सरकारें मजदूर और किसानो की हितों की रक्षा के लिए हर वक्त चिंतित रहती हैं और बगुला भगत की तरह उनका हर समय भक्षण भी करती रहती हैं। कोई भी सरकार पूंजीपतियों और इजारेदारों की हित रक्षा की बात नहीं करती है लेकिन इस तथ्य के विपरीत बहुराष्ट्रीय कंपनियों को यह सरकारें एक ही बार में नियमो में संशोधन कर 50-50 हजार करोड़ रुपयों का लाभ कराती हैं। अम्बानी ग्रुप का सारा खेल उस समय वित्त मंत्री रहे प्रणव मुखर्जी की दें रही हैऔर आज भी केंद्र सरकार उनके ऊपर मेहरबान रहती है। इन्ही लोगों के पैसे से चुनाव लड़ना होता है। मजदूर किसान से देश का विकास होता है इसलिए मजदूर किसान चाहे आत्महत्या करे, इन राजनैतिक दलों के ऊपर कोई असर नहीं होता है।
स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर उत्तर प्रदेश की सरकार ने किसानो को तोहफा दे दिया।

सुमन
लो क सं घ र्ष !

5 टिप्‍पणियां:

माधव ने कहा…

bitter gift

निर्मला कपिला ने कहा…

शर्मनाक।

बेनामी ने कहा…

That’s shameful

विनोद पाराशर ने कहा…

बहुत ही शर्मनाक घटना हॆ-यह.उन बेचारे किसानों ने, यही सोचकर वोट दिया होगा कि सत्ता में बॆठने के बाद,ये लोग उनके हितों की रक्षा करेंगें.

संजय कुमार चौरसिया ने कहा…

raajneeti ka shikaar, aaj ka kisan

http://sanjaykuamr.blogspot.com/