रविवार, 23 जनवरी 2011

बेशर्मी की चादर ओढ़कर

प्रशासन के समक्ष आये दिन विभिन्न संगठन समस्याओं को लेकर धरना प्रदर्शन करते रहते हैं प्रशासन की तरफ से ज्ञापन ले लिया जाता है, मांग पूरी होने की घोषणा कर दी जाती है किन्तु वास्तव में कोई मांग पूरी नहीं होती है। पार्टी की तरफ से ग्राम जियनपुर, ब्लाक देवाँ में चकबन्दी के बाद कब्जा परिवर्तन के सवाल को लेकर कई बार धरना प्रदर्शन हुआ, मांग पूरी होने की घोषणाएँ हुई लेकिन वास्तव में समस्या वहीं की वही है। अभी कुछ दिन पूर्व एक किसान संगठन के लोगों ने ट्रालियों में धान भरकर जिला मुख्यालय पर आकर धरना प्रदर्शन किये, मांग पूरी होने की घोषणा भी हुई किन्तु मुख्यालय पर लाये गये धान का तो टोकन दिया गया किन्तु धान खरीद क्रय केन्द्रों पर नहीं हो रही है। इस तरह से धरना, अनशन, प्रदर्शन का कोई विशेष असर नहीं होता है। सिर्फ फौरी तौर पर घोषणाएँ जरूर कर दी जाती हैं।
भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी एक दिवसीय धरने के माध्यम से आपसे मांग करती है कि-
1. किसानों को खाद आपूर्ति अविलम्ब सुनिश्चित कराओ।
2. चकबन्दी के बाद जियनपुर में कब्जा परिवर्तन नहीं कराया गया अविलम्ब कराओ।
3. धान खरीद में कागजों पर हो रही है, धान क्रय केन्द्रों पर किसानों का धान क्रय करने की व्यवस्था कराओ।
4. विधवा पेंशन, वृद्धावस्था पेंशन व विकलांग पेंशन को भ्रष्टाचार मुक्त करो।
5. नरेगा में मजदूरों की मजदूरों 200 रूपये प्रतिदिन की जाये।
6. माती में फर्जी कलेक्शन चार्ज की वसूली बन्द की जाये।
7. कृषि उत्पादन मण्डी समिति, बाराबंकी में दलित कोटे की दुकान को सामान्य बनाकर एलाटमेन्ट करने वाले अधिकारी
को दण्डित किया जाये और अविलम्ब किसी दलित को उक्त दुकान आवंटित की जाये।
8. कृषि उत्पादन मण्डी समिति, बाराबंकी में गेटपास के नाम पर फल व सब्जी पर 100 तथा गल्ले पर 200 रूपये प्रतिगाड़ी
के हिसाब से अवैध वसूली बन्द की जाये।
9. कृषि उत्पादन मण्डी समिति बाराबंकी में भ्रष्टाचार बन्द किया जाये तथा सफाई व्यवस्था सुनिश्चित की जाये।
10. स्कूलों में रसोईयों की दैनिक मजदूरी कम से कम 200 रूपये प्रतिदिन की जाये।
11. पेट्रोल के दामों की बढ़ोत्तरी वापस लो।


सुमन
लो क सं घ र्ष !

1 टिप्पणी:

Kajal Kumar ने कहा…

लेकिन भाई नक्कारखाने में इस तरह की मांगे सुनता कौन है..