शुक्रवार, 28 जनवरी 2011

शायद राष्ट्रीय ध्वज अपना ज्यादा अपमान सह न सका

बाराबंकी जनपद में गणतंत्र दिवस के अवसर पर पुलिस लाइन में मुख्य समारोह आयोजित होता है। जब प्रदेश सरकार में डॉक्टर संग्राम सिंह राज्यमंत्री होते हैं तब झंडारोहण वही करते हैं और परेड की सलामी लेते हैं। राज्यमंत्री संग्राम सिंह की पृष्टभूमि में नारकोटिक्स ड्ग्स स्मगलर की रही है कई सरकारों में जब जब वह मंत्री हुए हैं तो 26 जनवरी को झंडारोहण का भार जिला प्रशासन उन्ही को सौंपता है। इस बार 26 जनवरी को झंडारोहण के समय डोरी टूट गयी और झंडा जमीन पर आ गिरा, किसी तरह पुन: झंडा बांधने का प्रयास शुरू हुआ कि झंडे का पोल राज्यमंत्री के ऊपर गिरते-गिरते बचा। भ्रष्टाचार से झंडे की डोरी भी नहीं बची है और सम्पूर्ण जिला प्रशासन एक झंडे की डोरी व उसका स्तम्भ सही तरीके से संचालित नहीं कर सकता है। इस तरह से राष्ट्रीय कार्यक्रम संपन्न होते हैं आर राष्ट्रीय झंडा भी शायद अपना और अपमान नहीं सहन कर सकता था कि वह किसके हाथों से फ़हराया जा रहा है और गिर पड़ा।

सुमन
लो क सं घ र्ष !

2 टिप्‍पणियां:

सलीम ख़ान ने कहा…

sangram singh se mere bhai ke achchhe sambandh hai wahan chirrah khejuri gaaon men we pichhli martabaa aaye the....

डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक" ने कहा…

नाइस सर!