बुधवार, 2 फ़रवरी 2011

महाशक्ति हैं या महा बेरोजगारों का देश हैं हम

महाशक्ति की यातायात व्यवस्था

बरेली आई.टी.पी में 416 पदों की भारती हेतु लगभग 11-12 राज्यों से लगभग दो लाख नवजवान आये यातायात व्यवस्था चुस्त दुरुस्त होने के कारण बीस नवजवान दुर्घटनाग्रस्त होकर मर गए उसके बाद बेरोजगार नवजवानों ने उपद्रव मचाया
हम बहुत खुश होते हें कि जब कोई विदेशी राष्ट्राध्यक्ष हमको महाशक्ति कह देता है हम अपने गिरहबान में कभी झाकने की कोशिश नहीं करते हें कि दो सौ रुपये किलो लहसुन बिक रहा है करोडो की संख्या में नवजवान बेरोजगार हैं भूख से लोग आत्महत्याएं कर रहे हैं राजनेता भ्रष्टाचार में स्नान कर रहे हैं नौकरशाह व्यवस्था बनाने के नाम पर तरह-तरह की लूट कर रहे हैं
इससे पूर्व में भी विभिन्न भर्तियों में बेरोजगारों की संख्या अधिक होने के कारण हादसे हुए हैं राज्य सरकार केंद्र सरकार किसी भी हादसे के बाद चेती नहीं है जब भर्तियाँ होनी हैं लाखो लोगों को पहुंचना है तो उसके लिए पहले से विशेष व्यवस्था क्यों नहीं की जाती है हर बार राजनेता घडियाली आंसू बहा कर अपने फर्ज से मुक्त हो लेते हैं

सुमन
लो क सं घ र्ष !

2 टिप्‍पणियां:

दिनेशराय द्विवेदी Dineshrai Dwivedi ने कहा…

उन के कान नहीं हैं, नहीं सुनेंगे।

Kajal Kumar ने कहा…

आपकी बात से अलग...
416 भर्ती के लिए लाखों लोग !....मेरा देश वाक़ई विकसित देश बन गया है...