मंगलवार, 1 मार्च 2011

मुख्यमंत्री आ रही हैं चूतड सड़क की तरफ करो- हर समस्या का समाधान लाठी चार्ज

अधिवक्ताओं की पिटाई
उत्तर प्रदेश में लोकतान्त्रिक अधिकारों का हनन होता रहता है और विभिन्न समूहों द्वारा अपनी समस्याओं को लेकर राजधानी लखनऊ में हो रहे प्रदर्शनों का उत्तर प्रदेश सरकार ने एक मात्र इलाज लाठी चार्ज कर रखा है अधिवक्ताओं पर बर्बर लाठी चार्ज के बाद 28 फरवरी को बीएड, बी.पीएड प्रशिक्षित स्नातकों पर पुलिस ने लाठी चार्ज किया इससे पूर्व शहीद स्मारक पर नवजवानों के ऊपर लाठी चार्ज किया गया नवजवान नदी में कूद गए थे फिर हजरतगंज में मदरसा अध्यापकों के ऊपर पुलिस से बर्बर लाठी चार्ज किया औरतों को दौड़ा दौड़ा कर पीटा गया
अधिवक्ताओं पर चार्ज के बाद राजधानी लखनऊ सहित कई जिलों में हड़ताल जारी हैं। न्यायिक प्रक्रिया ठप्प है। कोई भी नेता या अफसर जनता की समस्याओं का समाधान करने के लिए तैयार नहीं है। मुख्यमंत्री मायावती औचक निरिक्षण में व्यस्त हैं। मुख्यमंत्री के औचक निरिक्षण में मुख्यमंत्री से सम्बद्ध अधिकारीयों द्वारा कर्फ्यू लगा दिया जाता है। लोगों को घरों में कैद कर दिया जाता है। जिस मोहल्ले में औचक निरिक्षण होता है वहां महिला सिपाही घर में बैठा दी जाती हैं। नेशनल हाई वे का ट्राफिक रोक दिया जाता है, गंभीर मरीजों को अस्पताल से छुट्टी दे दी जाती है। जिससे मरीज मर जाते हैं। मुख्यमंत्री के निकलने के समय पुलिस अधिकारीयों का यह सख्त आदेश जनता को रहता है कि वह चुतड सड़क साइड में कर के खड़ा हो।

सुमन
लो क सं घ र्ष !

13 टिप्‍पणियां:

Kanak ने कहा…

What nonsence post!

JAGDISH BALI ने कहा…
इस टिप्पणी को लेखक द्वारा हटा दिया गया है.
JAGDISH BALI ने कहा…

सही फ़रमाया है !

डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री मयंक (उच्चारण) ने कहा…

भयमुक्त शासन का अच्छा नमूना पेश किया है आपने!

महफूज़ अली ने कहा…

हर अधिकारी पैसा मांगता है... कहता है कि बहिन जी... को भी देना होता है... बहिन जी मांगतीं हैं... जीजा कांशीराम बहिन जी को तो छोड़ गए... और आम जनता की ऐसी तैसी हो रही है.

बहिन मायावती जिंदाबाद...

जीजा कांशीराम अमर रहें...

राजीव तनेजा ने कहा…

अन्धेर नगरी चौपट राजा...

चूतड़ ने कहा…

मेरा नाम किसने लिया?

jobs world ने कहा…

whats happening

शिक्षामित्र ने कहा…

कई देशों की सरकारें इन दिनों जनता का तांडव देख रही हैं। हमारी सरकारें निश्चिन्त हैं।

चूतड़ ने कहा…

अरे भैया, अपनी पोस्ट मे हमे कहे बीच मे ल रहे हो , वैसे भी हर जगह पिटाई हमारी ही होती है

Tarkeshwar Giri ने कहा…

हर अधिकारी पैसा मांगता है... कहता है कि बहिन जी... को भी देना होता है... बहिन जी मांगतीं हैं... जीजा कांशीराम बहिन जी को तो छोड़ गए... और आम जनता की ऐसी तैसी हो रही है.

बहिन मायावती जिंदाबाद...

जीजा कांशीराम अमर रहें..

Kajal Kumar ने कहा…

और जिताओ.

Poorviya ने कहा…

jiski laathi uski bhes----
jai baba banaras---