रविवार, 24 अप्रैल 2011

जंजीरों की कैद में


जंजीरों की कैद में, रहता कौन है, शहरे रंज व कर्ब में बसता कौन है।
याक़ूती महलों के लीडर जानें क्या, चूते घर में भूखा प्यासा कौन है।।
नींदें लूटीं चैन चुराया बरसों से, ख्वाबों में हर रात में आता कौन है।
तिश्ना रहकर जीवन जीना सीख लिया, सैराबी इस दौर में पाता कौन है।

-तारिक कासमी
जिला कारागार लखनऊ से

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