शुक्रवार, 23 दिसंबर 2011

यह स्तर है भारतीय पुलिस सेवा का

लखनऊ के पासपोर्ट अधिकारी जयप्रकाश सिंह नर्वदेश्वर लॉ कॉलेज के छात्र भी हैं और लखनऊ विश्वविद्यालय के सीतापुर रोड स्तिथ परिसर में परीक्षा दे रहे थे परीक्षा में जयप्रकाश सिंह नक़ल भी कर रहे थे उड़न दस्ता द्वारा नक़ल करते हुए पकडे जाने पर धमकाया कि तुम सब जानते नहीं हो मै आइ.पी.एस अफसर हूँ तुम सबको देख लूँगा इस छोटी सी घटना से आप सभी अंदाजा लगा सकते हैं कि भारतीय प्रशासनिक पुलिस सेवा के अधिकारियों का वास्तविक स्तर क्या है ?
ये सभी अफसर अपने को ईश्वर का साक्षात स्वरूप मानते हैं। घूस खाने से लेकर लम्पट एलेमेन्ट सबकुछ गैर कानूनी ढंग से करने के लिये हमेशा तैयार रहते हैं हाँ कुछ अफसर ईमानदार हो सकते हैं। लखनऊ के आस पास के जिलों में प्रशासनिक व पुलिस अफसरों के बड़े-बड़े फार्म हाउसेस हैं जो इनकी काली कमाई के स्पष्ट प्रमाण हैं। ये अफसर सुबह से लेकर रात तक जो भी कुछ खर्च करते हैं उसमें से उनके वेतन से एक नया पैसा खर्च नहीं होता है। छोटे जिलों में एक जिलाधिकारी के लिये शहर की तहसील का लेखपाल नियुक्त होता है। जो इनकी पत्नी का साप्ताहिक घरेलू सामान का सप्लाई मुफ्त में करता है। एक लेखपाल के अनुसार सौ पीस पीयर्स साबुन, सौ पीस मार्टीन जैसे आइटम खरीद के देने पड़ते हैं और दूसरा नौकर आस-पास की परचून की दुकान पर उक्त साबुन या आवश्यकता से अधिक सामान वापस कर मेमसाहब को पैसे देता है। जेल अधिकारीयों का काम होता है उनकी गाय को भूसा सप्लाई करना। यह सब प्रशिक्षण उनको किसी प्रशिक्षण महाविद्यालय मे नहीं दिया जाता है बल्कि स्वभावत: उनकी प्रशासनिक सेवा की यह सब हरकतें भी अंग हैं।

सुमन
लो क सं घ र्ष !

5 टिप्‍पणियां:

DR. ANWER JAMAL ने कहा…

:)

ali ने कहा…

:)
:)
:)
वे इस लोकतंत्र के वे नव राजे महाराजे हैं !

Atul Shrivastava ने कहा…

आपकी इस प्रविष्टी की चर्चा आज के चर्चा मंच पर भी की गई है। चर्चा में शामिल होकर इसमें शामिल पोस्ट पर नजर डालें और इस मंच को समृद्ध बनाएं.... आपकी एक टिप्पणी मंच में शामिल पोस्ट्स को आकर्षण प्रदान करेगी......

चंदन कुमार मिश्र ने कहा…

वाह रे अधिकारी!

Shitish Ahluwalia ने कहा…

The Real Bad Truth About Power