गुरुवार, 2 फ़रवरी 2012

अतिरिक्त जिला मजिस्टेट का तांडव


गवर्नमेंट कॉलेज ऑफ आर्किटेक्चर के छात्रों को अतिरिक्त जिला मजिस्टेट लखनऊ श्री देवेन्द्र कुमार पाण्डेय ने अपने हाथों से पिटाई कीजिसमें रोहन नाम के छात्र को 6-7 थप्पड़ मारे। मामला यह है कि इन छात्रों की डिग्री कौंसिल ऑफ आर्किटेक्चर से मान्यता प्राप्त नहीं है और छात्रों का प्रवेश प्राचार्य मुकुल सिंह ने नियमो-उप नियमो को धता बता कर कर ली थी। उत्तर प्रदेश प्राविधिक विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में राज्यपाल श्री बी.एल जोशी ने जब छात्रों को डिग्री प्रदान करनी चाही जिस पर छात्रों ने डिग्री नहीं ली और राज्यपाल साहब को बताया की इस डिग्री की मान्यता कौंसिल ऑफ आर्किटेक्चर से नहीं है। राज्यपाल ने बाद में छात्रों को बुला कर समझाया था कि शीघ्र से शीघ्र समस्या का निवारण कर दिया जायेगा किन्तु आज तक समस्या का समाधान उत्तर प्राविधिक विश्वविद्यालय ने नहीं खोजा और न ही सरकार ने जब छात्रों ने शांतिपूर्वक आन्दोलन का रास्ता अख्तियार किया तो लखनऊ के अपर जिला मजिस्टेट देवेन्द्र कुमार पाण्डेय ने छात्रों की पिटाई। श्री देवेन्द्र कुमार पाण्डेय को गुंडागर्दी करने का शौक है। बाराबंकी जनपद में इंचार्ज जिला अधिकारी की हैसियत से महादेवा मेले में आप शराब पीकर डांस करने लगे थे और महादेवा के प्रोग्राम में गुंडों से बदतर स्तिथि में आ गए थे। मजबूर होकर पुलिस- प्रशासन ने इसकी सूचना तत्कालीन पुलिस अधीक्षक को दी। पुलिस अधीक्षक ने इसकी सूचना शासन को भी दी थी। बाराबंकी में श्री पाण्डेय इस तरह की हरकतें कई बार कर चुके थे।
जिम्मेदार पदों पर लम्पट व शोहदों की नियुक्ति से शासन और प्रशासन की स्तिथि ख़राब होती है। जनता के साथ वह गुंडों और लफंगों से बदतर व्यवहार करते हैं। इन प्रशासनिक अधिकारीयों को मजिस्टेटी पॉवर प्राप्त होते हैं, राजस्व के मुक़दमे सुनते हैं। ऐसे अधिकारी जो अपराधियों जैसा व्यवहार करते हैं। उनसे किसी को न्याय क्या मिलेगा।

सुमन
लो क सं घ र्ष !

2 टिप्‍पणियां:

काजल कुमार Kajal Kumar ने कहा…

शाबाश डी.एम. (लानत लायक भी नहीं है डी.एम.) इसे न्यायालय से जूता पड़ना चाहिये.

Prabhakar Singh ने कहा…

main Prabhakar Singh Manta hu ki D.M. Sahab ne ase glti ki hogi likin asa nahi hain ki sari galti unho ne bhi ki ho,Main is wakyan ko puri tarah se nahi janta likin asa bhi to ho sakta hain ki chatro ni badsaluki ki ho tab D.M. sahab ne asa kadam uthaya ho.Aur Ek request ye hain ki pratya rupan se pahle sare wakyano ko samach rakh kar hi prtyaropan kare.


dhanyvad.