शुक्रवार, 26 अप्रैल 2013

Azam Khan America kyo ja rahe the? Bhashan dena tha Mr Chief Minister koi gali galauj ka competition to tha nahi-Ameeque Jamei

कुम्भ मेल के प्रबंधन पर भाषण देने हार्वर्ड विश्वविद्यालय में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव गए हैं उनके साथ शहरी विकास मंत्री मोहम्मद आजम खा भी गए थे। इलाहाबाद कुम्भ मेला की आयोजन समिति के अध्यक्ष मोहम्मद आज़म खा थे। इलाहाबाद रेलवे स्टेशन पर जीआ पी व आरपीऍफ़ के लाठी चार्ज के कारण  36 लोग रेलवे स्टेशन पर भगदड़ में मर गए थे और काफी लोग घायल हो गए थे। मेला परिसर में आने जाने के समुचित साधन उपलब्ध नहीं थे और मेला परिसर से अक्सर लाठियों के बल पर यात्रियों को इलाहाबाद के बाहर भगाया जाता था और जब तूफ़ान आता था तो सारे टेंट और तम्बू धराशायी हो जाते थे। तीर्थयात्रियों की भारी भीड़ को लेकर आयोजन समिति के पास प्रबंध की कोई व्यवस्था नहीं थी। उसके बावजूद भी हार्वर्ड विश्वविद्यालय ने मेले के प्रबंध व्यवस्था को लेकर भाषण देने के लिए इन लोगों को बुलया। मोहम्मद आज़म खा उत्तर प्रदेश समझ कर अमेरिका गए थे जहाँ पर सूत्रों के अनुसार उनके कपडे उतरवाए गए। हिरासत में लिया गया। और फिर भारतीय दूतावास के हस्तक्षेप के बाद रिहा हुए। इसके विपरीत समाजवादी पार्टी ने पूर्व राष्ट्रपति बिल क्लिंटन का का भव्य स्वागत किया था। हमारे देश में अमेरिकी चापलूसी गौरव की बात होती है। इससे पहले अभिजात्य वर्ग ब्रिटिश चापलूसी में लगा रहता था।
                           अमेरिका में पूर्व राष्ट्रपति ए पी जे अब्दुल कलाम को भी प्रताड़ित किया जा चुका है। एनडीए के रक्षा मंत्री जार्ज फर्नांडीज की अंडरवियर उतरवाई जा चुकी थी। प्रधामंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के ऊपर बिल क्लिंटन ने शराब गिरा दी थी। अमेरिका में भारत के राजदूत व संयुक्त राष्ट्र संघ में भारत के राजदूतों के साथ कई बार जान बूझ कर अपमानित व प्रताड़ित किया गया है और भारत सरकार कोई विरोध नहीं कर पाती है। और अमेरिकियों और उनके कुत्तों के आने पर देवताओं जैसा स्वागत सत्कार किया जाता है। शहरी विकास मंत्री आजम खा को यह सब जानकारियां पहले से ही थी फिर वो वहां करने क्या गया था। जिस चीज के लिए वह वहां गए थे वो चीज उनको अमेरिकियों ने हवाई अड्डे पर ही दे दी।
                            भारतीय इतिहास में स्वर्गीय प्रधानमंत्री इंदिरा गाँधी से इन अमेरिकियों की फूंक निकलती थी।
एक किस्सा यह भी है कि प्रधामंत्री इंदिरा गाँधी का काफिला वाशिंगटन गया। काफिला होटल में पहुँच कर अपने सूट केस भी नहीं खोल पाया था कि इंदिरा गाँधी का आदेश आ गया कि तुरंत सब लोग तैयार हो जाएँ  एरोड्रम चलना है। यह आदेश इसलिए हुआ था कि अमेरिकी राष्ट्रपति ने तय कार्यक्रम को रद्द कर तीन दिन के बाद मिलने का कार्यक्रम तय कर दिया था। एरो ड्रम से यह लोग उड़े और हिंदुस्तान पहुँचने के बजाये मास्को पहुँच गए। अमेरिका जब तक समझता समझता की भारत और सोवियत संघ की 20 वर्षीय संधि हो गयी और उस संधि के बाद अमेरिकी साम्राज्यवाद को कई बार मुंह की खानी पड़ी।

सुमन
लो क सं घ र्ष !

2 टिप्‍पणियां:

डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री मयंक (उच्चारण) ने कहा…

यह तो आजम ही जानें!

Sunita Sharma ने कहा…

India needs a prime minister like Indira Gandhi.