गुरुवार, 10 अक्तूबर 2013

वेदान्ता को भगाना है देश को बचाना है

उड़ीसा,  राजिस्थान, छत्तीसगढ़  और  तमिलनाडु 
जाम्बिया, लीब्रिया, आष्ट्रेलिया ,या फिर  नाम्बिया 

वेदान्ता ने सब जगह अपना जाल बिछाया 
वेदान्ता फैक्ट्री के नाम पर सारे जहाँ पर कब्ज़ा जमाया  
अरे भईया गरीबो की मेहनत पर वेदान्ता अय्यासी करे !

कुदरत ने लोहा, जिंक, कापर, तेल सबके लिए बनाया 
वेदान्ता ने इस पर अपना कब्ज़ा जमाया 

पहाड़  जंगल पेड़ और हवा - पानी 
वेदान्ता करता सबपे अपनी मन  मानी  
अरे भईया गरीबो की मेहनत पर वेदान्ता अय्यासी करे !

आदिवासियों ने दिन रात मेहनत कर जंगल बसाए
किसानो ने कड़ी धूप में हल चलाकर खेत सजाये

महिलाओं ने तिनका तिनका बिन बिन कर घर बनाए
वेदान्ता इन सब पर अपना अधिकार जताए
अरे भईया गरीबो की मेहनत पर वेदान्ता अय्यासी करे !

छोटे छोटे बच्चे भूखो मरे
कापी -किताब की जगह कूड़ा करकट बिने

कुपोषण और भुखमरी का शिकार बने
वेदान्ता इनके अधिकार अपने नाम करे
अरे भईया गरीबो की मेहनत पर वेदान्ता अय्यासी करे !

अनपढ़ मजदूरों को रोजगार के नाम पर गुलामी मिले
कम वेतन पर कमर तोड़  काम  मिले

न कोई पेंशन न कोई सुरक्षा और न कोई इनाम मिले
वेदान्ता इनकी मेहनत पर अपना गुण गान करे
अरे भईया गरीबो की मेहनत पर वेदान्ता अय्यासी करे !

जहरीली गैसे, दूषित पानी और रासायनिक कचरे का अम्बार लगाया
प्रदूषण,  बीमारी , लाचारी और न जाने क्या क्या फैलाया  

बाल्को हो या फिर माल्को सबने न जाने कितनो को मौत की नींद सुलाया
वेदान्ता ने वेदों की  पावन धरती पर मौत का कारखाना लगाया 

अरे भईया गरीबो की मेहनत पर वेदान्ता अय्यासी करे !

वेदान्ता  है  जुल्मी ,  अपराधी  और भ्रस्टाचारी
वेदान्ता  है  शोषक,  अत्याचारी और विनाशकारी   

पुलिस, सरकार,  नेता और अधिकारी सब इसके दासी 
वेदान्ता करता सबकी मेहमान नवाजी 

अरे भईया गरीबो की मेहनत पर वेदान्ता अय्यासी करे !    

आदिवासी हमारे है वेदान्ता बेगाना है 
नियमगिरि ने जाना है बेदंता को भगाना है 

 वेदान्ता को भगाना है देश को बचाना है .…………….……  
 वेदान्ता को भगाना है देश को बचाना है .……………………  

 
के एम् भाई 
mo. - 8756011826

1 टिप्पणी:

Darshan jangra ने कहा…

बहुत सुन्दर प्रस्तुति.. आपको सूचित करते हुए हर्ष हो रहा है कि आपकी पोस्ट हिंदी ब्लॉग समूह में सामिल की गयी और आप की इस प्रविष्टि की चर्चा - शुक्रवार - 11/10/2013 को माँ तुम हमेशा याद आती हो .... - हिंदी ब्लॉग समूह चर्चा-अंकः33 पर लिंक की गयी है , ताकि अधिक से अधिक लोग आपकी रचना पढ़ सकें . कृपया पधारें, सादर .... Darshan jangra