शनिवार, 12 अक्तूबर 2013

किसानी को बलिदान करने की एक शासकीय साजिश

बाराबंकी। वर्तमान में  भूमि अर्जन, पुनर्वासन और पुनव्र्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम वास्तव मे किसानों और गावों मे रहने वाले खेतिहर उद्योगो, कुटीर उद्योगो पर आधारित ग्रामीणो को उनके पीढियो से प्राप्त खेती किसानी को बलिदान करने की एक शासकीय साजिश है।
  अखिल भारतीय किसान सभा द्वारा आयोजित किसानो की उपजाऊ जमीन के अधिग्रहण के खिलाफ आन्दोलन की रणनीति बनाने की बैठक को सम्बोधित करते हुए ह्यूमन राइट लाॅ नेटवर्क के अधिवक्ता विष्णु शुक्ला ने कहा कि सत्ताधारी दल, भूमाफियाओ को सुविधापूर्वक भूमि हस्तांतरण सुनिश्चित कर सके और किसान और उनके आश्रित उसका विरोध भी न कर सके इसके उद्देश्य की पूर्ति हेतु कानून पास किया गया है। मौजूदा कानून में पुराने कानून को ही घुमा फिराकर लाया गया है तथा पुराने कानून की 61 धाराये ज्यांे की त्यांे इसमे दोहरायी गयी है तथा इसमें प्राइवेट संस्थाओ को उनके लाभार्जन के लिए भूअर्जन की व्यवस्था है तथा किसानो व खेती पर आश्रितो के लिए स्थायी रोजगार उपलब्ध करवाने की कोई न तो ठोस योजना है और न ही अर्जित जमीन पर क्रियान्वित योजना मे उनकी कोई भागीदारी ही है।
    लखनऊ से आए हुए किसान नेता ज़ैद अहमद फारूखी ने कहा कि हरित क्रान्ति, श्वंेतक्रान्ति, पीली क्रान्ति, के बावजूद हमारी अर्थव्यवस्था क्यों नही सुधर रही है इसका सीधा सा जवाब है कि हमारी सरकारो का किसानो और कृषि आधारित उद्योगो के साथ सौतेलापन व्यवहार है क्योंकि अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर अमेरिका और उसकी साम्राज्यवादी सहयोगी ताकतो ने देश व दुनिया मे आतंक मचा रखा है, उसके नतीजे मे देश के पेट्रोलियम पदार्थ महंगे हो रहे हैै, मशीनरी महंगी  हो रही है और आधुनिक कृषि मंहगी होती जा रही है जिससे कृषि आधारित उद्योगो का नुकसान हो रहा है।
    भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी लखनऊ के नेता खालिद ने कहा कि बाराबंकी के किसानो के समर्थन मेे राजधानी मे भी आन्दोेलन चलाया जाएगा। बाराबंकी पार्टी के सचिव बृजमोहन वर्मा ने कहा कि सरकार अगर नही चेतती है तो 21 अक्टूबर को जेल भरो आन्दोलन प्रारम्भ किया जाएगा। वही पार्टी के सहसचिव रणधीर सिंह सुमन ने कहा कि जनपद के विभिन्न ग्राम पंचायतो में 16 अक्टूबर से कृमिक भूख हडताल जारी की जाएगी और 20 अक्टूबर तक जारी रहेगी।
        बैठक को मो0 आमिर ,रशीद खाॅ, शिव बहादुर वर्मा(पूर्व जिला पंचायत सदस्य), डा0 कौसर हुसैन, डा0 उमेश चन्द्र, पुष्पेन्द्र कुमार सिंह, अमर सिंह प्रधान, नीरज कुमार एडवोकेट, राम नरेश वर्मा, बाबू गिरीशचन्द्र, विपतराम, प्रदीप सिंह, व आनन्द सिंह ने सम्बोधित किया और संचालन किसान सभा के जिला अध्यक्ष विनय कुमार सिंह ने किया।

नीरज वर्मा
मंत्री
अखिल भारतीय किसान सभा
बाराबंकी।


2 टिप्‍पणियां:

Darshan jangra ने कहा…

बहुत सुन्दर प्रस्तुति.. आपको सूचित करते हुए हर्ष हो रहा है कि आपकी पोस्ट हिंदी ब्लॉग समूह में सामिल की गयी और आप की इस प्रविष्टि की चर्चा - रविवार - 13/10/2013 को किसानी को बलिदान करने की एक शासकीय साजिश.... - हिंदी ब्लॉग समूह चर्चा-अंकः34 पर लिंक की गयी है , ताकि अधिक से अधिक लोग आपकी रचना पढ़ सकें . कृपया पधारें, सादर .... Darshan jangra


राजीव कुमार झा ने कहा…

बहुत सुन्दर प्रस्तुति.
नई पोस्ट : रावण जलता नहीं
नई पोस्ट : प्रिय प्रवासी बिसरा गया
विजयादशमी की शुभकामनाएँ .