सोमवार, 17 फ़रवरी 2014

होइगा स्वतंत्र भारत हमार

होइगा स्वतंत्र भारत हमार
जैसेइ छाडि़नि अंग्रेज मुलुक, हथियाय लिहिन लीडरू मुलुक
उड़तै खन अंग्ररेजी, बहारु, भरिगा औरौ कूड़ा कबारु
वैसैइ रहिगा देहरी दुवारु हल्ला मचिगा हटिगा बोखारु
गल्ली गल्ली मचिगै पुकार, होइगा स्वतंत्र भारत हमार।।
ऊपर चिरई कौवा बोले, खाले बिरई बिरवा बोले
पुरवै तै बोले गिद्ध लुट्ठ, पछुवै ते बोले चपरचट्ट
बढि़-बढि़ बोले रागी भोगी, छिपि छिपि बोले त्यागी योगी
हिन्दू बोले अपनी बोली, मुस्लिम बोले अपनी बोली।
भारत बोला अपनी बोली, यूरोप बोला अपनी बोली।।
सब बोलि उठी जनता भोली, मेहरी निकरीं लै लै रोली
सब अपनी अपनी हमजोली, सब गावैं बरिखा मा होली
सब लीडर बोले खीस बाय, झंडा उठाय लेक्चर बंबाय
सबकी बोलिन कै यहै सार, होइगा स्वतंत्र भारत                                  
-गुरु प्रसाद सिंह ‘मृगेश’

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