बुधवार, 28 मई 2014

खिसियानी बिल्ली खम्भा नोचे

प्रधानमंत्री मोदी के शपथ ग्रहण समारोह में।  दक्षेस देशों के राष्ट्राध्यक्षों को आमंत्रित कर स्वागत योग्य कदम उठाया गया।  पाकिस्तान के प्रधानमंत्री मिया नवाज शरीफ भी आये और प्रधानमंत्री ने उनकी बेटी मरियम को उपहार भेजवाया। शांति और वार्ता से ही समस्याओं का समाधान होता है।  युद्ध से नहीं। इस कदम के बाद से बजरंग दल , शिवसेना, दुर्गा वाहिनी , श्री रामसेना, अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद् , विश्व हिन्दू परिषद् तथा मोदियानी हुए लोग अपने चेहरों के ऊपर कालिख की हलकी परत महसूस कर रहे थे। यह तथाकथित संगठन बेरोजगार महसूस कर रहे हैं , चिकन बिरयानी या हेमराज के बदले में दस सर पाकिस्तानियों के लाने वाले बाबु राजनाथ सिंह जब देश के गृह मंत्री हैं। अगर उनके अन्दर कहीं आत्मा  होती है।  तो उसने भी खिसियाया हुआ महसूस किया होगा। नवाज शरीफ साहब अगर केंद्र में अगर कांग्रेस शासित सरकार होती तो इनका स्वाभिमान, आत्म सम्मान, पौरुष, देश प्रेम , देश भक्ति, भारत माता की अखंडता, का शौर्य प्रदर्शन पूरे देश को देखने को मिलता। इन संगठनो के कार्यालय विभिन्न घटनाओं पर मुर्दाघर होते थे और किसी व्यस्त चौराहे पर किसी नेता उपनेता का पुतला लेकर उसका डाह संस्कार करने में लग जाते थे। प्रधानमंत्री के शपथ ग्रहण समारोह के बाद इन चीजों के ऊपर विराम लगा है। सलवारी बाबा अपनी उपेक्षा से अपना मुँह छिपाकर अज्ञातवास में चले गए हैं. 
 मोदी कैबिनेट के 44 मंत्रियों ने अपना कामकाज शुरू कर दिया है।  मोदी कैबिनेट में शामिल 44 मंत्रियों में 40 मंत्री करोड़पति हैं। मोदी मंत्रिमंडल के करीब 30 फीसदी मंत्रियों पर आपराधिक मामले दर्ज हैं। मोदी मंत्रीमंडल के करीब 13 मंत्रियों पर क्रिमिनल केस हैं। इनमें 8 मंत्री ऐसे हैं जिन पर हत्या की कोशिश, सांप्रदायिक असामंजस्य, अपहरण जैसे गंभीर आपराधिक मामले भी दर्ज हैं। यह रिपोर्ट एडीआर यानी एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्सने जारी किया है।
चुनाव के वक्त बड़े-बड़े दावे करने वाले नवजवान व संघी अपना मुँह छिपाकर बैठ गए हैं।  फेसबुक या न्यू मीडिया पर बराबर अश्लीलता व अफवाह फ़ैलाने वाले लोगों की तनख्वाह बंद हो गयी है। इसलिए चुप्पी छाई हुई है। 
प्रधानमंत्री व उनके मंत्रिमंडल ने भारतीय संविधान के तहत शपथ ग्रहण की है यदि शपथ की मर्यादा उन्हें मालूम होगी तो निश्चित रूप से उसका पालन करेंगे। तभी विश्वास बढेगा अन्यथा खिसियानी बिल्ली खम्भा नोचे वाली स्तिथि में जो अपने को महसूस कर रहे हैं। यही  उन्हें भी महसूस होगा। 

सुमन 

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