गुरुवार, 10 जुलाई 2014

गांधी का कत्ल साम्राज्यवादी ताकतों ने ‘गोडसे’ से करवाया

बाराबंकी। साम्राज्यवादी ताकतों ने अपने नये स्वरूप से न सिर्फ हिन्दुस्तान को वरन एशिया समेत कई अफ्रीकी देशों को अपने शिकंजे में ले लिया है, साम्राज्यवादी ताकतों के असली चेहरे को नजदीक से सबसे पहले महात्मा गांधी ने देखा था और वह उसका शिकार भी हुए थे इसीलिए उनका कत्ल साम्राज्यवादी ताकतों ने ‘गोडसे’ से करवाया था क्योंकि इस बात का खतरा था कि उनके हिन्दुस्तान छोड़ने के बाद 80 साल का बुजुर्ग गांधी कहीं पूंजीवादी राज्य की कब्र हमेशा-हमेशा के लिए खोद न दे और वह यहां के प्राकृतिक खजाने से वंचित न हो जाए।
यह विचार व्यक्त करते हुए रामसेवक यादव स्मारक इण्टर कालेज लखपेड़ाबाग में पूर्व नौसेनाध्यक्ष एडमिरल विष्णु भागवत ने लोक संघर्ष पत्रिका द्वारा आयोजित गोष्ठी ‘साम्राज्यवादी ताकतों का आतंक व एशिया’ विषय पर बोलते हुए कहा कि मौजूदा हुकूमत साम्राज्यवादी ताकतों के साये में काम कर रही है। इसीलिए दूसरे मुल्कों से सबक लेते हुए होशियार रहने की जरूरत है। साम्राज्यवादी ताकतों ने यहां के निवासियों के मनो मस्तिष्क के ऊपर ऐसा जादू किया है कि आज उन्हीं की समर्थित सरकार कायम हो गयी है। भारतीय संस्कृति और सभ्यता पर पश्चिमी सभ्यता हावी हो गयी है। चाहे हिन्दू हो या मुसलमान सभी इस मर्ज में डूब चुके हैं। जब इन चीजों को लोगों ने अपनी जिन्दगी का हिस्सा बना लिया है तो साम्राज्यवादी ताकतें उनकी इन आदतों का लाभ उठा रही हैं और पूरे देश को अपने चंगुल में कैद कर चुकी है। वह व्यापार को भी तबाह और बरबाद कर चुकी हैं। पूंजीपतियों ने रोटी की समस्या पैदा कर नौजवानों को गूंगा बहरा कर दिया है।
श्री भागवत ने आगे कहा कि बुनियादी समस्याओं पर अब कोई चर्चा नहीं होती इन समस्याओं को नजरअंदाज करके सरमायेदारी पुलिसिया हथकण्डे अपनाती है चाहे वह बी0जे0पी0 हो या कांग्रेस, समाजवादी, बी0एस0पी0 आदि सभी राजनीतिक दल की सोच और मकसद साम्राज्यवादी ताकतों को फायदा पहुंचाना है जिससे गरीब और गरीब होता जा रहा है और अमीर रातों रात कई गुना अमीर हो जाता है। इस देश में पीने के पानी की किल्लत है और राजनीतिक व्यवस्थाए उसकी व्यवस्था करने के बजाए प्राकृतिक खजाने को लूटने में लगे हुए हैं। हमारी सरकारे लूटकारी शक्तियों की राह को और आसान बनाने में मेली व मददगार हैं। बांटो और राज्य करो की नीति पर काम किया जा रहा है। जिसकी वजह से देश में धार्मिक व प्राकृतिक झगड़े का माहौल पैदा हो रहा है। लोगों के दिमाग से बुनियादी समस्याओं को हटाने के लिए सरकार विभिन्न तरीके के हथकण्डे अपना रही है। देश में हथियारों के बजट को बढ़ाया जा रहा है। जबकि आयातित हथियारों से बढि़या हथियार अपने देश में निर्मित हो सकते हैं। जानबूझकर पड़ोसी मुल्कों से रिश्ते खराब कर दहशतगर्दी का माहौल कायम करके नौजवानों को फर्जी तरीके से फंसाया जा रहा है।
इस अवसर पर लोक संघर्ष पत्रिका की ओर से मुख्य अतिथि एडमिरल विष्णु भागवत द्वारा प्रदेश की मेरिट सूची में सर्वश्रेष्ठ स्थान पाने वाले छात्र/छात्राओं को प्रशस्ति पत्र भी दिया गया।
गोष्ठी की अध्यक्षता जिला बार एसोसिएशन के अध्यक्ष बृजेश दीक्षित ने की। गोष्ठी में हुमायूं नईम खान, डा0 राजेश मल्ल, बृज मोहन वर्मा, मो0 शुऐब एडवोकेट, डा0 उमेश चन्द्र वर्मा, डा0 कौसर हुसैन, नीरज वर्मा, पुष्पेन्द्र सिंह, कर्मवीर सिंह, डा0 विकास यादव, विजय प्रताप सिंह, दिलीप गुप्ता, पवन वैश्य, हनुमान प्रसाद वर्मा, विनय कुमार सिंह, अनूप कल्याणी,उपेन्द्र सिंह ,प्रदीप सिंह , श्रीराम सुमन समेत सैकड़ों लोग उपस्थित रहे।
गोष्ठी का संचालन लोक संघर्ष पत्रिका के प्रबंध सम्पादक रणधीर सिंह सुमन ने किया।

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