मंगलवार, 1 सितंबर 2015

हवालात में बन्द होने से पहले मर चुका था

जिलाधिकारी  कार्यालय पर प्रदर्शन
बाराबंकी। देवां में सुभाष रघुवंशी उर्फ संतोष रावत की हवालात में कथित आत्महत्या पूरी तरह से पुलिसिया कहानी है पुलिस की मार से वह हवालात में बन्द होने से पहले मर चुका था।
    अखिल भारतीय किसान सभा द्वारा आयोजित प्रदर्शनकारियों को सम्बोधित करते हुए भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी सहसचिव रणधीर सिंह सुमन ने कहा कि जिस तरह से सरसौंदी, मुरादाबाद, मुजफ्फरगंज, जरूवा आदि गांवों में लोगों के घरों में घुसकर तोड़-फोड़ की गई है, दलित महिलाओं को पीटा गया है, फर्जी मुकदमें लिखकर लोगों की गिरफ्तारियां की गयी है वह इस बात का प्रतीक है कि जिला प्रशासन को बचाने के लिए यह सब कार्यवाइयां की जा रही है।
    पार्टी के जिला सहसचिव डा. कौसर हुसैन ने कहा कि दोषी पुलिस अधिकारियों को गिरफ्तार किया जाय वहीं किसान सभा के अध्यक्ष विनय कुमार सिंह ने कहा कि पोस्टमार्टम करने वाले डाक्टरों की काल डिटेल की भी जांच की जाये जिससे यह पता चल सके कि पोस्टमार्टम के पूर्व किन-किन अधिकारियों ने मोबाइल फोन किया है। किसान सभा के मंत्री सत्येन्द्र कुमार ने कहा कि अभी तक किसी भी नामजदगी न करना इस बात की ओर इंगित करता है कि पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी हत्या जैसे अपराध को छिपाने का काम कर रहे हैं।
    गन्ना दफ्तर से नारे लगाता हुआ किसानों का जुलूस जिलाधिकारी कार्यालय गया और 12 सूत्रीय मांग पत्र मुख्यमंत्री व प्रधानमंत्री को सम्बोधित ज्ञापन दिया।
    प्रदर्शनकारियों में पार्टी के जिला सचिव बृजमोहन वर्मा, दलसिंगार, रामनरेश वर्मा, जियालाल, वीरेन्द्र, राजेश सिंह, ज्ञानू, बलराम सिंह यादव, टिंकू शुक्ला, अवधेश यादव, दिनेश रावत, अंकित शुक्ला, योगेन्द्र यादव, पुष्पेन्द्र कुमार सिंह, निर्मल वर्मा, करमवीर सिंह, राजेन्द्र बहादुर सिंह, महबूब, अनरूद्ध सहित सैकड़ों लोग शामिल थे।
    प्रदर्शनकारी जिला प्रशासन मुर्दाबाद, दोषी पुलिस अधिकारियों को गिरफ्तार करो, फर्जी मुकदमें वापस लो आदि नारे लगा रहे थे। 
-सत्येन्द्र कुमार यादव

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