रविवार, 25 अक्तूबर 2015

गांधी व नेहरू के व्यक्तित्व को दागदार करने में जुटे -ओंकार सिंह

जिन लोगो का देश की आजादी व उसके निर्माण में कोई योगदान नही रहा वह आज गांधी व नेहरू के व्यक्तित्व को दागदार करने में जुटे है। अपने राजनीतिक हितो की खातिर वह देश की अखण्डता, अस्मिता व सामाजिक समरसता को समाप्त कर देना चाहते है। देश आज संकट के दौर से गुजर रहा है। युवा पीढ़ी को चाहिए कि वह अपने गौरव मय अतीत का अध्ययन करे। इन विघटनकारी शक्तियों द्वारा नित्य परोसे जा रहे दिग्भ्रमित विचाारो को नकार कर एक मजबूत भारत का निर्माण करें।
    यह विचार प्रदेश क्रांग्रेस कमेटी के महासचिव ओंकार सिंह रविवार को गांधी भवन में जिले के पूर्व विधायक सामाजिक विचारक एवं सीनियर कांग्रेसी लीडर स्वर्गीय गजेन्द्र सिंह की तीसरी पुण्य तिथि के अवसर पर आयोजित श्रृद्धांजलि सभा के मुख्य वक्ता के रूप में व्यक्त कर रहे थे। उन्होने स्वर्गीय गजेन्द्र सिंह के राजनीतिक एवं सामाजिक जीवन पर प्रकाश डालते हुए कहा कि वह एक ईमानदार, स्पष्टवादी, निर्भीक एवं जनहित व राष्ट्रहित प्रेमी व्यक्ति थे। उन्होने राजनीति में कभी अपने वसूलो व नैतिक मूल्यो से समझौता नही किया। शायद यही कारण है कि राजनीति में जिस शिखर पर पहुंचना चाहिए था वह वहाॅ नही पहुॅच सके।
    उत्तर प्रदेश अल्पसंख्यक आयोग के पूर्व चेयरमैन एवं पूर्व एम0एल0सी0 गयासुद्दीन किदवई ने अपने विचार रखते हुए कहा कि यह देश प्राकृतिक सम्पदा सम्पन्न है। इसकी गरीबी विचारो की गरीबी है। उन्होने देश की नौजवान पीढ़ी को सम्बोधित करते हुए कहा कि देश के लोकतन्त्र व संविधान की रक्षा के लिए सामने आए और धन दौलत अर्जित करने के स्थान पर विचारो का बैंक बैलेन्स अर्जित करे।
    जिला बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष बृजेश कुमार दीक्षित ने अपने अध्यक्षीय भाषण में कहा कि दादा गजेन्द्र सिंह हम सभी के प्रेरणा स्रोत थे और उनकी अनुपस्थिति में उनके विचारो का अनुसरण करना ही उनकी सच्ची श्रृद्धांजलि होगी।
    पत्रकार मोहम्मद तारिक खान के संचालक में सभा को प0 राजनाथ वर्मा, महन्त गुरू शरणदास, केदार बख्श सिंह, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के जिला सचिव बृज मोहन वर्मा, प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता बृजेन्द्र कुमार सिंह, डा0 तसखीरूल हसन, नवीन सेठ, जिला उपभोकता फोरम के पूर्व सदस्य हुमायू नईम खान, प्रशांत मिश्र व जैनुल कदर ने भी सम्बोधित किया।
    इस अवसर पर सत्येन्द्र, बलराम सिंह, निर्मल वर्मा, विजय प्रताप सिंह, करमवीर सिंह, राजेन्द्र सिंह, रामलखन, अतुल, पुष्पेन्द्र सिंह, अब्दुल सलाम, प्रदीप सारंग, मो0 अतहर, अमर प्रताप सिंह, अजय सिंह, बब्बन सिंह, पुर्णांशू सिंह, डा0 कौसर हुसैन, वसीम राइन, राजेश सिंह, प्रदीप सिंह, मो0 आलम, डा0 उमेश वर्मा, बी0पी0दास, विनय दास, नीरज वर्मा एडो0 आदि उपस्थित थे।

-रणधीर सिंह सुमन
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