रविवार, 6 मार्च 2016

देश में देशद्रोह के नाम पर अघोषित आपातकाल


बाराबंकी। आज देश में देशद्रोह के नाम पर अघोषित आपातकाल की स्थिति और केन्द्र में बैठी मोदी सारकार अपने विरूद्ध उठती हुयी जनमानस की आवाज व जन मुद्दों को उठाने वालों आतंकित करने का प्रयास कर रही है।
यह विचार किसान सभा द्वारा गांधी भवन में लुटेरों से आजादी नामक शीर्षक पर आधारित एक वैचारिक गोष्ठी में मुख्य वक्ता के रूप में अपने उद्गार में आॅल इण्डिया पीपुल फ्रन्ट के राष्ट्रीय प्रवक्ता व पूर्व आई.पी.एस. अधिकारी एस.आर. दारापुरी ने व्यक्त किये।
उन्होनें आई.पी.सी. की धारा 124ए को अंग्रेजी शासकों द्वारा बनाया गया एक दमनकारी  कानूनी प्रविधान बताते हुए कहा कि जनविरोधी व काला कानून है। जो देश की आजादी के 67 वर्षों के बाद न सिर्फ अभी तक कायम है बल्कि इसी से प्रेरणा पाकर मीसा, पोटा व यू0ए0पी0ए0 जैसे अन्य काले कानून बनाकर मानवाधिकार के मौलिक मूल्यों का हनन देश में सरकारें करती रही हैं। उन्होनें जे0एन0यू0 में लगे नारों को देशद्रोह या राजद्रोह मानने से इन्कार करते हुए कहा कि इन्हें केवल आपत्ति जनक कहा जा सकता है। सुप्रीम कोर्ट ने भी अपना यही मत बहुत बार प्रकट किया है। उन्होनें कन्हैया कुमार के मामले में दिल्ली पुलिस की कार्यवाही को कानून विरोधी बताते हुए कहा कि एक असंज्ञेय अपराध की एफ0आई0आर0 दिल्ली पुलिस दर्ज करती है और बगैर जांच किये कन्हैया कुमार व अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी भी कर लेती है। यह कानून व सत्ता का सरासर दुरूपयोग है।
    उ0प्र0 अल्पसंख्यक आयोग के पूर्व अध्यक्ष व पूर्व एम0एल0सी0 गयासुद्दीन किदवई ने मोदी सरकार पर कटाक्ष करते हुए कहा कि जिस तरह अफगानिस्तान में तालिबानी हुकुमत कायम रह चुकी है। उसी तरह मौजूदा समय में आर0एस0एस0 की हुकुमत भी देश में है। मोदी के हिन्दुत्व के विचारधारा पर प्रहार करते हुए उन्होनें कहा कि हिन्दुओं को बदनाम करने की साजिश है इससे संसार में हिन्दुओं की छवि धूमिल हो रही है।
    प्रदेश के पूर्व राज्यमंत्री व समाजवादी नेता छोटेलाल यादव ने कहा कि आज लोग लोहिया व गांधी की दुहाई देकर उनके आचरण व आदर्शों के विरूद्ध काम कर रहे हैं। लूटेरों ने देश को गांव से लेकर देश की राजधानी दिल्ली तक जकड़ रखा है। आज के जनप्रतिनिधि जिनके पास एक बिस्वां जमीन व घर नहीं था, मात्र चन्द वर्षों में करोड़पति बन रहे हैं।
    गोष्ठी में अपने विचार रखते हुए प्रयत्न फाउण्डेशन की निदेशिका नहीद अकील ने कहा कि उन विश्वविद्यालयों में जहाँ आम जनमानस के बच्चे पढ़ते है और भगवा विचार धारा से सहमति नहीं है उन्हें देशद्रोह का आरोप लगाकर आतंकित किया जा रहा है।
    गोष्ठी को आप पार्टी के जिलाध्यक्ष विनय कुमार श्रीवास्तव, भा0क0पा0 के जिला सचिव बृजमोहन वर्मा, डा0 कौसर हुसैन, अनूप कल्याणी एडवोकेट, रणधीर सिंह सुमन एडवोकेट ने सम्बोधित किया।
    गोष्ठी में पुष्पेन्द्र सिंह, करमवीर सिंह, विनय कुमार सिंह, रामनरेश, सत्येन्द्र कुमार, नीरज वर्मा, मो0कदीर, राईन समाज के अध्यक्ष मो0 वसीम राईन आदि प्रमुख रूप से उपस्थित थे।

1 टिप्पणी:

रूपचन्द्र शास्त्री मयंक ने कहा…

आपकी इस प्रविष्टि् की चर्चा कल मंगलवार (08-03-2016) को "शिव की लीला अपरम्पार" (चर्चा अंक-2275) पर भी होगी।
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सूचना देने का उद्देश्य है कि यदि किसी रचनाकार की प्रविष्टि का लिंक किसी स्थान पर लगाया जाये तो उसकी सूचना देना व्यवस्थापक का नैतिक कर्तव्य होता है।
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महाशिवरात्रि की हार्दिक शुभकामनाओं के साथ
सादर...!
डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक'