सोमवार, 28 नवंबर 2016

लोगों के पास ही बैंक खाते नहीं


बाराबंकी। नोट बंदी के बहाने गरीब, मजदूर, किसानों को बर्बाद करने वाली मोदी सरकार की नीतियों के खिलाफ भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी ने मोदी का पुतला लेकर जुलूस निकाला और पटेल चैराहा पर फूंक दिया।
    जुलूस से पहले सम्बोधित करते हुए भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के सहसचिव रणधीर सिंह सुमन ने कहा कि भारत में 52 प्रतिशत लोगों के पास ही बैंक खाते हैं, बहुत सारे नागरिकों को बैंक की सुविधा 50 किलोमीटर दूर है ऐसे में मोदी की तुगलकी योजना के कारण गरीब आदमी का एक या दो नोट बदल पाना असम्भव है।
       भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के सहसचिव डा0 कैसर हुसैन ने कहा कि मोदी सरकार कालाधन को सफेद करने की यह योजना है और उन उद्योग पतियों को कर्जा फिर देना है जो लाखों लाख करोड़ रूपये हजम कर चुकें है।
    भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के जिला सचिव बृज मोहन वर्मा ने कहा कि मोदी की नोट बंदी योजना से किसान पूरी तरीके से बर्बाद हो रहा है आलू कोल्डस्टोरेज में सड़ गया है रूपया न होने से बोआई नहीं हो पा रही है। धान का मूल्य सात सौ रूपये प्रति कुन्तल चल रहा है पूरे देशमें  मोदी की योजना से किसान बर्बाद हो चुका है। मोदी व उसके गिरोह के लोग झूठ पर झूठ बोलते जा रहे है। मोदी कालाधन से चुनाव लड़े थे और कालेधन से मोदी पूरे देश में सभायें कर रहे है।
    किसान सभा के जिला अध्यक्ष विनय कुमार सिंह ने कहा कि बैंकों के सामने गरीब जनता खड़ी है और अमीर जनता एसी कमरे में सो रही है मोदी जो कह रहे है उसके उलट देष की स्थिति है।
पुतला फूंकने में हनोमान प्रसाद, सचिन छाबड़ा, साबिर समसाद, राम लखन वर्मा, अमर सिंह गुड्डू, पुष्पेन्द्र सिंह, गिरीश चन्द्र वर्मा, सरदार भूपेन्द्र सिंह, सत्येन्द्र यादव, अवधेश, टिंकू, मोहम्मदवैश्य, मो0 अजीम, सहाबुद्दीन, इस्लाम खान, मुनेष्वर वर्मा, सेखू, विनोद यादव, जितेन्द्र यादव, मुसाहिद समसाद, साकिब जमाल आदि प्रमुख लोग थे।
    जुलूस में मोदी मुर्दाबाद, नोट बंदी वापस लो, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी जिन्दाबाद के नारे लग रहे थे।

1 टिप्पणी:

रूपचन्द्र शास्त्री मयंक ने कहा…

आपको सूचित करते हुए हर्ष हो रहा है कि- आपकी इस प्रविष्टि के लिंक की चर्चा आज बुधवार (30-11-2016) के चर्चा मंच "कवि लिखने से डरता हूँ" (चर्चा अंक-2542) पर भी होगी!
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हार्दिक शुभकामनाओं के साथ।
डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक'