सोमवार, 20 मार्च 2017

हम कुछ नही कहते हैं --------

 'तपसी धनवंत दरिद्र गृही कलि कौतुक तात न जात कही |'
कलियुग मे तपस्वी धनवान और गृहस्थ गरीब होंगे....यह बात  गोस्वामी तुलसी दास ने लिखी  है तपस्वी को भोग अच्छा लगने लगा और गृहस्थ को योग....विदेशी हमारे यहां योग और अध्यात्म जानने आते हैं और हमारे यहां से लोग विदेश धन कमाने जाते हैं | संत को सरल और सहज जीवन जीने वाला होना चाहिए |..उनके समर्थक  भी गजब हैं...देख रहे किले की तरह अट्टालिका बना कर संत जी हमे त्याग सिखा रहे हैं.....फिर भी होश में नहीं....कोर्ट का सम्मान करते हुए सामने आकर स्वयं अदालत मे हाजिर नही होते है .पथराव,फायरिंग आदि करते  है 
यह अमृतवाणी हमने नहीं प्रकट किया है. अब आप स्वयं देखिए कि यह अमृत वाणी किसकी है.
"जब अयोध्या में विवादित ढांचा गिराने से कोई नहीं रोक सका तो मंदिर बनाने से कौन रोकेगा."
  "मूर्ति विसर्जन से होने वाला प्रदूषण दिखता है लेकिन बकरीद के दिन हज़ारों निरीह पशु काटे गए काशी में, उनका ख़ून सीधे गंगा जी में बहा है क्या वो प्रदूषण नहीं था?"
  "यूपी कैबिनेट के मंत्री आजम ख़ान ने जिस तरह यूएन जाने की बात कही है, उन्हें तुरंत बर्ख़ास्त किया जाना चाहिए. आज ही मैंने पढ़ा कि अख़लाक़ पाकिस्तान गया था और उसके बाद से उसकी गतिविधियां बदल गई थीं. क्या सरकार ने ये जानने की कभी कोशिश की कि ये व्यक्ति पाकिस्तान क्यों गया था? आज उसे महिमामंडित किया जा रहा है."
 "जो लोग योग का विरोध कर रहे हैं उन्‍हें भारत छोड़ देना चाहिए. जो लोग सूर्य नमस्‍कार को नहीं मानते उन्‍हें समुद्र में डूब जाना चाहिए."
  "मुस्लिमों की जनसंख्या तेजी से बढ़ना खतरनाक रुझान है, यह एक चिंता का विषय है, इस पर केंद्र सरकार को कदम उठाते हुए मुसलमानों की आबादी को कम करने की कोशिश करनी चाहिए."
 "अगर उन्हें अनुमति मिले तो वो देश के सभी मस्जिदों के अंदर गौरी-गणेश की मूर्ति स्थापित करवा देंगे. आर्यावर्त ने आर्य बनाए, हिंदुस्तान में हम हिंदू बना देंगे. पूरी दुनिया में भगवा झंडा फहरा देंगे. मक्का में ग़ैर मुस्लिम नहीं जा सकता है, वैटिकन में ग़ैर ईसाई नहीं जा सकता है. हमारे यहां हर कोई आ सकता है."
 लव जेहाद' को लेकर  एक वीडियो सामने आया था.  वह कहते कि हमने फैसला किया है कि अगर वे एक हिंदू लड़की का धर्म परिवर्तन करवाते हैं तो हम 100 मुस्लिम लड़कियों का धर्म परिवर्तन करवाएंगे. 
हम कुछ लिखेंगे तो परम आदरणीय, प्रातः स्मरणीय संतमहापुरुषों के भक्त गण अपने मुखार बिंदु से जिस वाणी का प्रकटन करेंगे उसको सुनकर सम्पूर्ण स्त्री जाति शर्मिन्दिगी महसूस करेगी.
           उसके बात भी हम स्वागत करते हैं कि अगर बिहार में नीतीश कुमार शराब बंदी लागू कर सकते हैं तो इस धर्म राज्य में शराब बंदी तुरंत लागू होनी चाहिए. अगर महात्मा गौतम बुद्ध इस देश के महानायक हैं तो उत्तर प्रदेश राज्य में सम्पूर्ण मांसबंदी लागू होनी चाहिए. अगर यह सब नहीं होता है तो गोस्वामी तुलसीदास ने ऊपर जो लिखा है वह सत्य ही है. तुलसीदास लिखते हैं:-
लखि सुबेष जग बंचक जेऊ। बेष प्रताप पूजिअहिं तेऊ॥
उघरहिं अंत न होइ निबाहू। कालनेमि जिमि रावन राहू॥
जो वेषधारी ठग हैं, उन्हें भी अच्छा साधु का सा वेष बनाए देखकर वेष के प्रताप से जगत पूजता है, परन्तु एक न एक दिन वे चौड़े आ ही जाते हैं, अंत तक उनका कपट नहीं निभता, जैसे कालनेमि, रावण और राहु का हाल हुआ. 

रणधीर सिंह सुमन

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